वित्त मंत्रालय
आयकर अधिनियम-2025, 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा
स्क्रैप और खनिजों के लिए टीसीएस दरों को तर्क-संगत रूप देकर 2 प्रतिशत किया जाएगा
उदारीकृत रेमिटेंस योजना के तहत शिक्षा व इलाज हेतु रेमिटेंस के लिए टीसीएस को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया
सभी शेयरधारकों के लिए बायबैक पर पूंजीगत लाभ के रूप में कर लगाया जाएगा
प्रविष्टि तिथि:
01 FEB 2026 12:57PM by PIB Delhi
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा आज संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में ढांचागत सुधारों को निरंतरता दिए जाने के ‘कर्तव्य’ जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कर व्यवस्था के सरलीकरण और नागरिकों द्वारा बेहतर तरीके से इसके अनुपालन के लिए प्रत्यक्ष कर में सुधारों के लिए कई उपायों का प्रस्ताव रखा है।
नया आयकर अधिनियम
आयकर अधिनियम 2025, 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। सरलीकृत आयकर नियम व फॉर्म उचित समय पर अधिसूचित कर दिए जाएंगे ताकि करदाताओं को इनसे परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। फॉर्म को नए रूप में डिजाइन किया गया है, जिससे आम लोग आसानी से समझ कर इसका अनुपालन कर सकें।
कर प्रशासन
श्रीमती निर्मला सीतारमण ने भारतीय लेखांकन मानक (इंडएएस) में आय परिकलन और प्रकटन मानकों के लिए अपेक्षाएं शामिल करने हेतु कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय और केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की एक संयुक्त समिति के गठन का प्रस्ताव किया है। कर वर्ष 2027 से 2028 से आईसीडीएस पर आधारित पृथक लेखांकन अपेक्षाओं को समाप्त कर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री के स्वदेशी लेखांकन एवं परामर्शी प्रतिष्ठानों के वैश्विक अग्रणी बनने के दृष्टिकोण का साकार करने के लिए बजट में सेफ हार्वर नियमावली के प्रयोजनार्थ लेखाकार की परिभाषा को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
अन्य कर प्रस्ताव
- प्रमोटरों द्वारा बायबैक के अनुचित प्रयोग पर रोक लगाने के लिए बजट में सभी प्रकार के शेयरधारकों के लिए बायबैक पर पूंजीगत लाभ के रूप में कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है। हालांकि कर विवाचन के दुरुपयोग को हतोत्साहित करने के लिए प्रमोटर्स अतिरिक्त बायबैक कर का भुगतान करेंगे। इससे कॉर्पोरेट प्रवर्तकों के लिए प्रभावी कराधान 22 प्रतिशत होगा। गैर-कॉर्पोरेट प्रवर्तकों के लिए यह कर 30 प्रतिशत होगा।
- एल्कोहॉल युक्त लीकर, स्क्रैप और खनिजों के विक्रेताओं के लिए टीसीएस दरों को तर्कसंगत बनाते हुए 2 प्रतिशत किया जाएगा। तेंदु पत्तों पर इन दरों को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया जाएगा। उदारीकृत रेमिटेंस योजना के तहत 10 लाख रुपए से ज्यादा रकम के रेमिटेंस के लिए टीसीएस दर- (क) शिक्षा व इलाज हेतु रेमिटेंस के लिए 2 प्रतिशत (ख) शिक्षा अथवा इलाज के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए 20 प्रतिशत।
- वायदा सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। ऑप्शन प्रीमियम और ऑप्शन कार्यकलाप पर एसटीटी को वर्तमान दर क्रमशः 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है।
- कंपनियों को नई व्यवस्था में स्थानांतरित करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु, कंपनियों को मैट-क्रेडिट को समयोजित करने की अनुमति केवल नई व्यवस्था में दिए जाने का प्रस्ताव है। नई व्यवस्था में उपलब्ध मैट-क्रेडिट का उपयोग करके समायोजन कर देयताओं के ¼ की सीमा तक की अनुमति दिए जाने का प्रस्ताव है।
- 1 अप्रैल, 2026 से कोई और क्रेडिट संचय नहीं होगा और मैट को अंतिम कर बनाया जाएगा। इस परिवर्तन के अनुरूप 15 प्रतिशत की वर्तमान मैट दर को कम करके 14 प्रतिशत किया जाएगा। 31 मार्च 2026 तक संचित करदाताओं के आगे ले जाई गई मैट क्रेडिट, ऊपर दिए गए हिसाब से समयोजन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
***
एनबी/एमजी/केसी/हिन्दी इकाई-20
(रिलीज़ आईडी: 2221426)
आगंतुक पटल : 231
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें:
English