वित्त मंत्रालय
केन्द्रीय बजट 2026-27 ने सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के उपायों की सिफारिश हेतु एक उच्चाधिकार प्राप्त रोजगार और उद्यम एवं स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव किया
भारत के पूर्वी क्षेत्र में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना की जाएगी
प्रमुख औद्योगिक और रसद गलियारों में 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप का निर्माण
वीजीएफ/पूंजीगत सहायता के माध्यम से प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना की जाएगी
खगोल-भौतिकी और खगोल विज्ञान को प्रोत्साहन देने के लिए 4 टेलीस्कोप बुनियादी सुविधा केंद्रों की स्थापना अथवा उन्नयन किया जाएगा
प्रविष्टि तिथि:
01 FEB 2026 12:51PM by PIB Delhi
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि विकसित भारत के एक प्रमुख संचालक के तौर पर सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के उपायों की सिफारिश हेतु एक उच्चाधिकार प्राप्त रोजगार एवं उद्यम एवं स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव किया। यह 2047 तक वैश्विक भागीदारी में 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ सेवा क्षेत्र में भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाएगा। यह समिति वृद्धि, रोजगार और निर्यात को समग्र रूप से बढ़ाने के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर काम करेगी। यह समिति एआई सहित रोजगारों और कौशल आवश्यकताओं के अलावा प्रस्तावित उपायों के माध्यम से उभरती हुई तकनीकियों के प्रभाव का आकलन भी करेगी।
भारतीय डिजाइन उद्योग का तेजी से विस्तार होने के बावजूद अभी भी भारतीय डिजाइनरों की कमी है। केंद्रीय बजट भारत के पूर्वी क्षेत्र में डिजाइन शिक्षा और इसके विकास को प्रोत्साहन देने के लिए एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव करता है।
सरकार प्रमुख औद्योगिक और रसद गलियारों के आसपास के क्षेत्रों में पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप के निर्माण में चुनौतीपूर्ण साधनों के माध्यम से राज्यों को सहायता प्रदान करेगी। इन योजनाबद्ध शैक्षणिक क्षेत्रों में विभिन्न विश्ववि़द्यालयों, महाविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, कौशल केंद्रों और आवासीय परिसरों का निर्माण किया जाएगा।
छात्राएं उच्चतर शिक्षा एसटीईएम संस्थानों की प्रयोगशाला में लंबे समय तक किए जाने वाले अध्ययन से जुड़ी चुनौतियों का सामना करती हैं। केंद्रीय बजट ने वीजीएफ/पूंजीगत सहायता के माध्यम से प्रत्येक जिले में 1 महिला छात्रावास की स्थापना का प्रस्ताव किया।
गहन अध्ययन के माध्यम से खगोल-भौतिकी और खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए 4 टेलिस्कोप अवस्थापना सुविधाओं- नेशनल लार्ज सोलर टेलिस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलिस्कॉप, हिमालयन चंद्र टेलिस्कॉप और द कॉसमॉस-2 प्लेनेटोरियम की स्थापना की जाएगी।
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एनबी/एमजी/केसी/हिन्दी इकाई-18
(रिलीज़ आईडी: 2221411)
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