श्रम और रोजगार मंत्रालय
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मार्च 2026 से मिलेगा 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' का लाभ: ईपीएफओ रायपुर

नए कर्मचारियों और नियोक्ताओं को मिलेगा प्रोत्साहन, देश भर में 3.5 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य

प्रविष्टि तिथि: 30 JAN 2026 5:31PM by PIB Raipur

औद्योगिक विकास और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के एक बड़े कदम के रूप में, केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' के तहत मार्च 2026 से वित्तीय लाभों का वितरण शुरू होने जा रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I, श्री जयवदन इंगले ने जानकारी दी कि 1 अगस्त 2025 से शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों में नए रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना और प्रथम बार नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करना है।

इस योजना के तहत, पहली बार नौकरी पाने वाले ऐसे कर्मचारी जिनका नया यूएएन (UAN) जनरेट हुआ है, वे अधिकतम 15,000 रुपये के प्रोत्साहन के पात्र हैं। यह राशि छह-छह महीने के अंतराल पर दो किस्तों में दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर, सरकार नियोक्ताओं (Employers) को भी प्रत्येक नए कर्मचारी पर छह महीने का स्थिर रोजगार प्रदान करने के बाद 3,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देगी। योजना के लाभ को स्पष्ट करते हुए श्री इंगले ने बताया कि यदि कोई नियोक्ता 100 कर्मचारियों को 6 महीने तक स्थिर रोजगार देता है, तो उसे भारत सरकार से कुल 18 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिल सकती है।

यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगारों पर लागू होगी, जिसमें 1 लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारी ही पात्र होंगे। प्रोत्साहन की पहली किस्त पाने के लिए कर्मचारी को 6 महीने की सेवा पूरी करनी होगी और नियोक्ता को लगातार 6 महीने तक ईसीआर (ECR) जमा करना होगा। विनिर्माण क्षेत्र के संस्थानों के लिए यह योजना 4 साल तक और अन्य संस्थानों के लिए 2 साल तक प्रभावी रहेगी। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 99,446 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिससे आगामी दो वर्षों में देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजन का लक्ष्य है।

छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक 7,925 नियोक्ताओं ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जिन्हें प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त होगी। सुचारू प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए, नए कर्मचारियों को अपनी पहली किस्त (7,500 रुपये) प्राप्त करने हेतु अपना बैंक खाता आधार से लिंक करना अनिवार्य है। साथ ही, नियोक्ताओं को अगस्त 2025 से फरवरी 2026 तक के ईसीआर 15 मार्च 2026 से पहले जमा करने होंगे। श्री इंगले ने इस बात पर जोर दिया कि यह योजना 'विकसित भारत' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नियोक्ताओं और कार्यबल के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी।


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आरडीजे/पीजे


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