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एनएमडीसी का रणनीतिक विविधीकरण - झारखंड के टोकीसुद नॉर्थ कोयला खदान में कोयला खनन का प्रारंभ

प्रविष्टि तिथि: 23 JAN 2026 10:13PM by PIB Delhi

एनएमडीसी ने आज झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थित टोकीसुद नॉर्थ कोयला खदान में कोयला खनन कार्यों की शुरूआत की। 23 जनवरी 2026 को हुए इस उद्घाटन के साथ एनएमडीसी ने औपचारिक रूप से कोयला खनन क्षेत्र में प्रवेश किया है और यह कंपनी के लौह अयस्क से परे रणनीतिक विस्तार में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिससे पूर्वी भारत में इसकी मौजूदगी और मजबूत हुई है।

टोकीसुद नॉर्थ कोयला खदान एनएमडीसी के रणनीतिक विविधीकरण की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लौह अयस्क खनन, हीरा खनन और विदेशी स्वर्ण परियोजनाओं में इसकी स्थापित उपस्थिति को पूरक करता है। कोयला खनन क्षमता में वृद्धि से घरेलू कोयले की उपलब्धता में वृद्धि होने, विद्युत क्षेत्र को समर्थन मिलने और विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने की उम्मीद है।

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एनएमडीसी के विविधीकरण की रणनीतिक दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। 15 अगस्त, 2025 को अपने संबोधन में माननीय प्रधानमंत्री ने खनिज आत्मनिर्भरता के महत्व पर बल देते हुए कहा, “महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता हमारे लिए भी बेहद ज़रुरी है। चाहे ऊर्जा क्षेत्र हो, उद्योग क्षेत्र हो, रक्षा क्षेत्र हो या कोई अन्य प्रौद्योगिकी क्षेत्र, आज महत्वपूर्ण खनिज प्रौद्योगिकी में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए हमने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण मिशन शुरू किया है। 1,200 से अधिक स्थानों पर अन्वेषण अभियान चल रहे हैं और हम महत्वपूर्ण खनिजों में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”

केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने रणनीतिक विविधीकरण के महत्व पर जोर देते हुए कहा, एनएमडीसी को एक ही खनिज पर केंद्रित खनन कंपनी से हटकर एक रणनीतिक रूप से विविध और भविष्य के लिए तैयार खनन कंपनी के रूप में विकसित होना चाहिए। एनएमडीसी को कोयला, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य रणनीतिक संसाधन क्षेत्रों में विस्तार करके अपने निवेश को राष्ट्रीय नीति की प्राथमिकताओं के मुताबिक ढालना होगा। यह विविधीकरण भारत की संसाधन सुरक्षा और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।”

टोकिसुद नॉर्थ परियोजना, बड़े पैमाने पर ग्रीनफील्ड खनन परियोजनाओं के विकास और संचालन में एनएमडीसी की सिद्ध क्षमताओं को रेखांकित करती है। ज़िम्मेदार और टिकाऊ खनन की अपनी दीर्घकालिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए, एनएमडीसी खदान में सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस कोयला खदान से, झारखंड में रोजगार सृजन, अवसंरचना विकास और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास के ज़रिए समावेशी क्षेत्रीय विकास में अहम योगदान मिलने की उम्मीद है, जिससे रणनीतिक खनिज विविधीकरण के ज़रिए राष्ट्रीय विकास के प्रमुख चालक के रूप में एनएमडीसी की भूमिका और मजबूत होती है।

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पीके/केसी/एनएस


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