इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
एनआईएक्सआई ने इंटरनेट गवर्नेंस इंटर्नशिप एवं क्षमता निर्माण योजना का एक वर्ष पूरा किया
प्रविष्टि तिथि:
20 JAN 2026 7:42PM by PIB Delhi
नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनआईएक्सआई) ने 19 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में अपनी इंटरनेट गवर्नेंस इंटर्नशिप एवं क्षमता निर्माण योजना (आईजीआईसीबीएस) के एक वर्ष पूरा होने का उत्सव मनाया।

इस महत्वपूर्ण आयोजन ने भारत के युवा डिजिटल प्रतिभाओं के बीच इंटरनेट गवर्नेंस के क्षेत्र में जागरूकता, कौशल एवं नेतृत्व विकसित करने की दिशा में एक वर्ष में किए गए समन्वित प्रयासों का उत्सव मनाया। इस पहल ने छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों एवं नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाकर वैश्विक इंटरनेट गवर्नेंस प्रक्रियाओं में भारत की भागीदारी को मजबूत किया।
इस कार्यक्रम में श्री एस. कृष्णन, सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में श्री भुवनेश कुमार, आईएएस, सीईओ, यूआईडीएआई; श्री सुशील पाल, संयुक्त सचिव, एमईआईटीवाई; और डॉ. देवेश त्यागी, सीईओ, एनआईएक्सआई सहित कई प्रमुख गणमान्य व्यक्ति, प्रशिक्षु, प्रोफेसर, विश्वविद्यालय एवं कॉलेज के डीन, एमईआईटीवाई के वरिष्ठ अधिकारी, आईटी छात्र और पूरे देश के संस्थानों के अकादमिक दिग्गज शामिल हुए।
आईजीआईसीबीएस पोर्टल का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया गया और आईजीआईसीबीएस इम्पैक्ट रिपोर्ट का अनावरण किया गया, जिसमें कार्यक्रम की प्रगति एवं पिछले वर्ष में प्राप्त की गई प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर, श्री भुवनेश कुमार, आईएएस, सीईओ, यूआईडीएआई ने कहा, “जब हमने इस पहल की अवधारणा तैयार की थी, तब इंटरनेट गवर्नेंस कई लोगों के लिए एक अपेक्षाकृत कम खोजा गया क्षेत्र था और इसका उद्देश्य जानकार स्वयंसेवकों एवं भारत के भविष्य के राजदूतों का एक मजबूत समूह तैयार करना था। यह बहुत उत्साहजनक है कि इंटर्न्स के अनुसार यह कार्यक्रम सार्थक रहा है और मार्गदर्शन ने उनकी सीखने की यात्रा को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मैं सभी प्रतिभागियों से अनुरोध करता हूं कि वे इंटर्नशिप के बाद भी इस पारिस्थितिकी तंत्र के साथ जुड़े रहें, सीखे गए ज्ञान को आगे बढ़ाएं और क्षेत्रीय एवं वैश्विक इंटरनेट गवर्नेंस मंचों में भारत की उपस्थिति को मजबूत करें।
श्री एस. कृष्णन, सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा, “इंटरनेट शुरुआती दौर में स्वैच्छिक प्रयास था जो विकसित होकर वर्तमान में हमारी आर्थिक एवं सामाजिक अवसंरचना का एक महत्वपूर्ण आधार बन गया है। जैसे-जैसे डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ता जा रहा है सभी लोगों के लिए एक सुरक्षित, सुदृढ़ एवं भरोसेमंद इंटरनेट उतना ही महत्वपूर्ण हो जाता है। आईजीआईसीबीएस जैसी पहल युवा पेशेवरों का एक जागरूक एवं प्रतिबद्ध समुदाय का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जो राष्ट्रीय एवं वैश्विक इंटरनेट प्रशासन मंचों में सार्थक रूप से हिस्सा ले सकें और भारत के हितों का प्रतिनिधित्व कर सकें। मैं सभी प्रतिभागियों को बधाई देता हूं और उन्हें कार्यक्रम के बाद भी इस पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।”
इस अवसर पर, श्री सुशील पाल, संयुक्त सचिव, एमईआईटीवाई ने कहा, “लगभग एक वर्ष पहले जब हमने इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी, तब यह अपनी तरह का पहला प्रयास था और हम उत्सुक थे कि यह कैसे विकसित होगा। प्रौद्योगिकी, कानून एवं सार्वजनिक नीति की पृष्ठभूमि से जुड़े युवा पेशेवरों के एक मजबूत समूह को इंटरनेट के संचालन को समझने के लिए एक साथ आते देखना बहुत उत्साहजनक है। मैं प्रतिभागियों से आग्रह करता हूं कि वे इंटर्नशिप के बाद भी इस पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े रहें और शिक्षा एवं उद्योग में इंटरनेट संचालन के राजदूत बनें। भारत की विशाल युवा प्रतिभा को ध्यान में रखते हुए, हमें वैश्विक मानकों एवं तकनीकी मंचों में अपनी भागीदारी को और मजबूत करना चाहिए।”
इस अवसर पर, डॉ. देवेश त्यागी, सीईओ, एनआईएक्सआई ने कहा, “आईजीआईसीबीएस की पहली वर्षगांठ के अवसर पर, यह पहल नीति, प्रौद्योगिकी एवं शिक्षा को विशेषज्ञ-नेतृत्व वाले शिक्षण और मार्गदर्शन द्वारा जोड़ने वाले एक सशक्त मंच के रूप में उभरी है। पिछले एक वर्ष में हमने 10,000 से अधिक प्रतिभागियों को शामिल किया है और उन्हें प्रशिक्षित किया है, जिससे युवाओं की भागीदारी और वैश्विक इंटरनेट गवर्नेंस पारिस्थितिकी तंत्र में भारत की भूमिका को मजबूती मिली है।”
इस कार्यक्रम ने एनआईएक्सआई के शैक्षिक सहयोग, युवा सहभागिता और भारत के डिजिटल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में क्षमता निर्माण पर लगातार ध्यान केंद्रित करने की पुनः पुष्टि की। आईजीआईसीबीएसे कार्यक्रम भारत सरकार के व्यापक दृष्टिकोण के साथ मेल खाता है, जो ज्ञान-आधारित पहलों के माध्यम से एक सुरक्षित, समावेशी एवं लचीले डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है।
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पीके/केसी/एके/डीके
(रिलीज़ आईडी: 2216609)
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