आयुष
राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग अधिनियम 2020 में प्रस्तावित संशोधन
प्रविष्टि तिथि:
09 DEC 2025 8:22PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) अधिनियम, 2020 में भारतीय चिकित्सा प्रणाली यानी आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा की शिक्षा और प्रैक्टिस के लिए प्रावधान हैं। भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद अधिनियम, 1970 (आईएमसीसी एक्ट, 1970) को राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) अधिनियम, 2020 द्वारा रद्द कर दिया गया है। चूंकि योग और नेचुरोपैथी आईएमसीसी एक्ट, 1970 का हिस्सा नहीं थे, इसलिए उन्हें एनसीआईएसएम एक्ट, 2020 में शामिल नहीं किया गया था।
आयुष मंत्रालय ने योग प्रमाणन बोर्ड (वाईसीबी) की स्थापना की है। यह मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के अंतर्गत काम कर रहा है और योग प्रोफेशनल्स को सर्टिफाइड करने और योग संस्थानों को मान्यता देने के लिए जिम्मेदार है। इसी तरह, राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, पुणे के तहत स्थापित प्राकृतिक चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड (एनआरबी) नेचुरोपैथी प्रैक्टिशनर्स के केंद्रीय पंजीकरण और प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों की मान्यता के लिए जिम्मेदार है।
यह जानकारी आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रताप राव जाधव ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2213206)
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