आयुष
पारंपरिक और वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों पर सहयोग
प्रविष्टि तिथि:
16 DEC 2025 7:26PM by PIB Delhi
आयुष मंत्रालय (भारत) और संघीय स्वास्थ्य मंत्रालय (जर्मनी) के वैकल्पिक चिकित्सा पर संयुक्त कार्य समूह की तीसरी बैठक 18 से 20 नवंबर 2025 तक बर्लिन में आयोजित की गई।
इस बैठक की कार्यसूची तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित थीः
पारंपरिक चिकित्सा का स्वास्थ्य प्रणाली में एकीकरण।
पारंपरिक और एकीकृत चिकित्साओं के लिए प्रतिपूर्ति मार्ग।
पारंपरिक चिकित्सा के लिए नियामक मंजूरी फ्रेमवर्क।
संयुक्त कार्य समूह ने अनुसंधान में सहयोग को आगे बढ़ाने, आयुष परंपरागत चिकित्सा हस्तक्षेपों के लिए प्रतिपूर्ति मार्ग तलाशने तथा आयुष पारंपरिक चिकित्सा उत्पादों के निर्यात में नियामक सहयोग से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में भारत के नियामक फ्रेमवर्क, अनुसंधान पहलकदमियों और क्लिनिकल सेवा नेटवर्क पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्यसेवा प्रणालियों में आयुष के एकीकरण के बारे में भी चर्चा की गई। इसमें साक्ष्य आधारित प्रैक्टिस दिशा-निदेर्शों को विकसित करने तथा आयुष प्रणाली में संवहनीयता और आर्थिक व्यवहार्यता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुनियादी अनुसंधान, बहुदेशीय ट्रायल और वैश्विक ज्ञान साझीदारी में सहयोग के अवसरों पर जोर दिया गया।
दोनों पक्ष आयुर्वेद में शैक्षिक और अनुसंधान सहयोग के लिए आयुष मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और चैरिट यूनिवर्सिटट्समेडिजिन (यूनिवर्सिटी अस्पताल), बर्लिन के बीच करार पर हस्ताक्षर के लिए सहमत हुए।
यह जानकारी आयुष राज्यमंत्री श्री प्रताप राव जाधव ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
पीके/केसी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2211060)
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