आयुष
आयुष्मान आरोग्य मंदिर
प्रविष्टि तिथि:
16 DEC 2025 7:32PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) की केन्द्रीय प्रायोजित योजना के अंतर्गत आयुष मंत्रालय ने राज्य कार्य योजना (एसएएपी) के माध्यम से राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों से प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार देश के विभिन्न भागों में 12500 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) अनुमोदित किए हैं और उनके द्वारा दी गई सूचना के अनुसार सभी कार्य कर रहे हैं। ये एएएम (आयुष) उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी गैर-संचारी रोग (एनसीडी) सहित विभिन्न सामान्य बीमारियों के लिए निवारक, प्रोत्साहक, उपचारात्मक, पुनर्वास स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान केंद्रित करते हुए योग सहित आयुष सिद्धांतों और प्रथाओं के आधार पर समुदाय को समग्र कल्याण मॉडल प्रदान कर रहे हैं।
इसके अलावा, केंद्रीय स्वास्थ्य शिक्षा ब्यूरो (सीएचईबी) के सहयोग से स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अन्तर्गत आयुष वर्टिकल ने मेटाबोलिक विकारों पर एसटीजी जारी करने के बाद राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन का समर्थन करने के लिए अक्टूबर 2025 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मास्टर प्रशिक्षकों के लिए मॉड्यूलर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) सहित आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं में एसटीजी की मानकीकृत व्याख्या और रोलआउट का समर्थन करने के लिए राज्य-स्तरीय कैस्केडिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय संसाधन पूल बनाने के लिए 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 152 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया।
भारत सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) और जिला अस्पतालों (डीएच) में आयुष सुविधाओं के सह-स्थिति की योजना अपनाई है, इस प्रकार रोगियों को एकल खिड़की के तहत विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों के लिए विकल्प चुनने में सक्षम बनाया है। आयुष डॉक्टरों/पैरामेडिक्स की भागीदारी और उनके प्रशिक्षण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) द्वारा समर्थित किया जाता है, जबकि आयुष बुनियादी ढांचे, उपकरण/फर्नीचर और दवाओं के लिए सहायता आयुष मंत्रालय द्वारा एनएएम के तहत साझा जिम्मेदारियों के रूप में प्रदान की जाती है। आयुष को मुख्य धारा में लाने का काम एनएचएम के तहत सह-स्थित 13,093 आयुष सुविधाओं (6,158 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 3,103 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 482 डीएच, उप-केंद्र (एससी) से ऊपर लेकिन ब्लॉक स्तर से नीचे और सीएचसी के अलावा 241 स्वास्थ्य सुविधाओं में या ब्लॉक स्तर पर या उससे ऊपर लेकिन जिला स्तर से नीचे) में किया गया है और समुदाय को स्वास्थ्य परिचर्या सेवाएं प्रदान की गई है।
आयुष मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव की अध्यक्षता में "राज्यों में राष्ट्रीय आयुष मिशन और राज्यों में क्षमता निर्माण" पर विभागीय शिखर सम्मेलन सितंबर 2025 के महीने में नई दिल्ली में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था। विभागीय शिखर सम्मेलन की तैयारी में मंत्रालय द्वारा ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करना, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच कार्यशालाओं का आयोजन करना, अवधारणा नोट तैयार करना, नामित उप-विषय पर छह कार्य-समूह बनाना, जमीनी स्तर से फीडबैक नोट्स एकत्र करना और प्रमुख चुनौतियों, संभावित समाधानों और कार्यान्वयन के तौर-तरीकों पर प्रकाश डालते हुए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा राज्य-विशिष्ट नोट्स प्रस्तुत करना शामिल था।
विभागीय शिखर सम्मेलन में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य), आयुष अनुसंधान परिषदों, राष्ट्रीय संस्थानों, राष्ट्रीय आयोगों के प्रतिनिधियों और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी रही, जिन्होंने एनएएम योजना के भविष्य के विस्तार को आकार देने के लिए अपनी अंतर्दृष्टि साझा की थी। इस कार्यक्रम में जमीनी स्तर के पदाधिकारियों से मूल्यवान इनपुट सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विभागीय अधिकारियों से प्राप्त राज्य-विशिष्ट नोट्स और फीडबैक नोट्स पर गहन चर्चा की सुविधा प्रदान की गई। तदनुसार, शिखर सम्मेलन ने संरचित क्षमता निर्माण, मापनीय मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और योजना मॉडल, कार्यक्रम शासन को मजबूत करने, वित्तीय रिपोर्टिंग में पारदर्शिता बढ़ाने और बुनियादी ढांचे और सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य-विशिष्ट रोडमैप विकसित करने जैसे कार्रवाई योग्य समाधानों का प्रस्ताव करके कार्यान्वयन के लिए योजना तैयार की। कुल मिलाकर, शिखर सम्मेलन ने आयुष मंत्रालय को एनएएम के माध्यम से जन-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा वितरण की कल्पना करने और लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि इस क्षेत्र में निरंतर विकास सुनिश्चित करने के लिए अंतर-राज्य सहयोग को बढ़ावा दिया।
मंत्रालय राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के माध्यम से एनएएम की केंद्र प्रायोजित योजना को लागू कर रहा है और आयुष बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आयुष जनशक्ति के लिए सहायता, आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं को दवाओं की आपूर्ति और आयुष सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कार्यान्वयन सहित विभिन्न गतिविधियों के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करके समुदाय को आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच प्रदान करने के लिए उनके प्रयासों का समर्थन कर रहा है। तदनुसार, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की सरकारें एनएएम दिशानिर्देशों के अनुसार एसएएपी के माध्यम से उपयुक्त प्रस्ताव प्रस्तुत करके वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
यह जानकारी आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रताप राव जाधव ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/केएल/एमबी
(रिलीज़ आईडी: 2211046)
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