आयुष
देश में एकीकृत कैंसर देखभाल को बढ़ावा
प्रविष्टि तिथि:
02 DEC 2025 9:54PM by PIB Delhi
आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में कार्यरत अनुसंधान परिषदें, केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच), केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान के लिए केंद्रीय परिषद (सीसीआरवाईएन) और सिद्ध अनुसंधान के लिए केंद्रीय परिषद (सीसीआरएस), तथा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) और आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए), आधुनिक चिकित्सा को साक्ष्य-आधारित आयुष चिकित्सा पद्धतियों के साथ मिलाकर एकीकृत कैंसर देखभाल को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि रोगियों के उपचार परिणामों में सुधार हो सके।
आयुष मंत्रालय की आयुर्स्वास्थ्य योजना के उत्कृष्टता केंद्र घटक के अंतर्गत, आधुनिक चिकित्सा को साक्ष्य-आधारित आयुष चिकित्सा पद्धतियों के साथ मिलाकर एकीकृत कैंसर देखभाल के लिए निम्नलिखित 2 परियोजनाओं को सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि रोगियों के उपचार परिणामों में सुधार हो सके:
कोट्टक्कल में आर्य वैद्य शाला, "कैंसर अनुसंधान में सह-शिक्षण एजेंसी की स्थापना" वाली परियोजना के लिए कुल 6,64,45,170 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है और 5,31,56,136 रुपये की धनराशि जारी की गई है।
मुंबई में टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) "कैंसर देखभाल के लिए आयुष चिकित्सा की खोज और विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र" परियोजना के लिए कुल 9,06,91,262 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है और 3,94,10,182 रुपये की धनराशि जारी की गई है।
मंत्रालय की मौजूदा पहलों का विवरण इस प्रकार है:
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली और राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम और अनुसंधान संस्थान - भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (एनआईसीपीआर-आईसीएमआर), नोएडा की एक संयुक्त पहल, सेंटर ऑफ इंटीग्रेटिव ऑन्कोलॉजी, एआईआईए में एक एकीकृत कैंसर केयर यूनिट (आईसीसीयू) में एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से रोगियों का उपचार किया जाता है।
आयुर्वेद एवं एकीकृत ऑन्कोलॉजी केंद्र (सीएआईओ) की स्थापना एआईआईए, आयुष मंत्रालय और एनसीआई-एआईआईएम झज्जर के संयुक्त प्रयास से की गई है। इस केंद्र के अंतर्गत एक ओपीडी इकाई कार्यरत है, जो पंचकर्म चिकित्सा सहित विभिन्न सेवाएं प्रदान करती है।
मुंबई में सेंट्रल आयुर्वेद रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएआरआई), सीसीआरएएस कैंसर अनुसंधान और देखभाल पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) में विशेष कैंसर क्लिनिक।
एआईआईए-गोवा, गोवा मेडिकल कॉलेज और एडवांस्ड सेंटर फॉर ट्रीटमेंट, रिसर्च एंड एजुकेशन इन कैंसर (एसीटीआरईसी)-टीएमसी, मुंबई के संयुक्त सहयोग से एक इंटीग्रेटिव ऑन्कोलॉजी रिसर्च एंड केयर सेंटर भी चला रहा है।
सीसीआरआईएन, पीजीआई चंडीगढ़ के सहयोग से, योग के माध्यम से मन-शरीर हस्तक्षेप में सहयोगात्मक केंद्र (सीसीएमबीआईवाई) के तहत, योग के माध्यम से कैंसर पर शोध करके रोगियों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए आधुनिक चिकित्सा को साक्ष्य-आधारित योग चिकित्सा पद्धतियों के साथ मिलाकर एकीकृत कैंसर देखभाल को बढ़ावा दे रहा है।
इसके अलावा, केरल सरकार के होम्योपैथी निदेशालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केरल में राज्य प्रशामक देखभाल परियोजना के तहत, होम्योपैथी विभाग मलप्पुरम के वांडूर में एक समर्पित 'दर्द और कैंसर प्रशामक देखभाल केंद्र' का संचालन करता है। केरल में 709 सरकारी होम्योपैथी औषधालयों और 409 आयुष प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से कैंसर और दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित रोगियों को घर पर ही प्राथमिक प्रशामक देखभाल सेवाएं प्रदान की जाती हैं। केरल के 33 होम्योपैथी अस्पतालों में भी रोगी देखभाल और घर जाकर देखभाल के माध्यम से द्वितीयक प्रशामक देखभाल सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
कैंसर प्रबंधन में आयुष-आधारित सहायक उपचारों की प्रभावकारिता का आकलन करने के लिए किए गए शोध अध्ययनों का विवरण संलग्न है।
आंध्र प्रदेश में कैंसर के लिए बेहतर एकीकृत उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के सहयोग से सीसीआरएच ने मई 2017 से मई 2020 तक, आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, में एक प्रायोगिक परियोजना का संचालन किया । इस परियोजना में, कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम एवं नियंत्रण के राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीसीडीसीएस) के साथ-साथ होम्योपैथी और योग का भी उपयोग किया गया । इसके अलावा, तिरुपति में, श्री वेंकटेश्वर आयुर्वेद संस्थान (एसवीआईएमएस) के सहयोग से सिद्धा क्लिनिकल रिसर्च यूनिट कैंसर रोगियों को सहायता प्रदान करने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपना रही है।
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पीके/केसी/जेके/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2210491)
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