रेल मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केंद्र सरकार ने रिकॉर्ड वित्त पोषण के साथ महाराष्ट्र में रेलवे विकास को गति दी


2009-14 से बजट परिव्यय 20 गुना से अधिक बढ़ा; राज्य में नई पटरियों के चालू होने की संख्या तीन गुना बढ़ी, जिससे प्रमुख विस्तार और आधुनिकीकरण पहल को बढ़ावा मिला

प्रविष्टि तिथि: 05 DEC 2025 3:51PM by PIB Delhi

केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में रेलवे नेटवर्क के विकास और विस्तार के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रेल, सूचना एवं प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में हाल के वर्षों में बढ़े हुए बजटीय समर्थन, तेज़ परियोजना क्रियान्वयन और व्यापक स्टेशन पुनर्विकास पहलों के माध्यम से हुई उल्लेखनीय प्रगति का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में महाराष्ट्र के रेलवे बुनियादी ढाँचे में निवेश कई गुना बढ़ा है। 2009-14 के दौरान जहाँ वार्षिक व्यय औसतन 1,171 करोड़ रुपए था, वहीं 2025-26 में यह 20 गुना से भी ज़्यादा बढ़कर 23,778 करोड़ रुपए हो गया है, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर विस्तार और आधुनिकीकरण कार्य संभव हो पा रहे हैं।

 

वर्ष 2009-14 और 2014-25 के दौरान महाराष्ट्र राज्य में पूर्णतः/आंशिक रूप से आने वाले नए ट्रैक के चालू होने/बिछाने का विवरण निम्नानुसार है:

 

अवधि

नया ट्रैक शुरू किया गया

नए ट्रैकों के शुरू होने का औसत

2009-14

292 किमी

58.4 किमी/वर्ष

2014-25

2,292 किमी

208.36 किमी/वर्ष (3 गुना से अधिक)

 

01.04.2025 तक, 89,780 करोड़ रुपये की लागत से कुल 5,098 किमी लंबी 38 परियोजनाएं (11 नई लाइनें, 02 गेज परिवर्तन और 25 दोहरीकरण) पूरी तरह/आंशिक रूप से महाराष्ट्र में आती हैं, स्वीकृत हैं।

महाराष्ट्र में पूर्णतः/आंशिक रूप से शुरू की गई कुछ मुख्य परियोजनाएं जो शुरू की गई हैं, वे इस प्रकार हैं:

क्र.सं.

परियोजना का नाम

लागत (करोड़ रुपये में)

1

अहिल्यानगर-बीड-परली वैजनाथ नई लाइन (261 किलोमीटर)

4,957

2

बारामती-लोनंद नई लाइन (64 किमी)

1,844

3

वर्धा-नांदेड़ नई लाइन (284 किमी)

3,445

4

इंदौर-मनमाड नई लाइन (360 किमी)

18,529

5

वडसा-गढ़चिरौली नई लाइन (52 किमी)

1,886

6

जालना-जलगांव नई लाइन (174 किलोमीटर)

5,804

7

दौंड-मनमाड दोहरीकरण (236 किमी)

3,037

8

कल्याण-कसारा तीसरी लाइन (68 किमी)

1,433

9

वर्धा-नागपुर तीसरी लाइन (76 किमी)

698

10

वर्धा-बल्लारशाह तीसरी लाइन (132 किमी)

1,385

11

इटारसी-नागपुर तीसरी लाइन (280 किमी)

2,450

12

राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन (228 किमी)

3,545

13

वर्धा-नागपुर चौथी लाइन (79 किमी)

1,137

14

जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किलोमीटर)

2,574

15

भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी)

3,285

 

इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों 2022-23, 2023-24, 2024-25 और चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, महाराष्ट्र राज्य में पूर्णतः/आंशिक रूप से आने वाले कुल 8,603 किलोमीटर लंबाई के 98 सर्वेक्षण (29 नई लाइन, 2 गेज परिवर्तन और 67 दोहरीकरण) स्वीकृत किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री वैष्णव ने इस बात पर भी उल्लेख किया कि पटरियों का उन्नयन और नवीनीकरण एक सतत और जारी रहने वाली प्रक्रिया है। पटरियों का नवीनीकरण, उनकी समयावधि, यातायात, स्थिति आदि के आधार पर निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया जाता है। 2025-26 (नवंबर 2025 तक) के दौरान, महाराष्ट्र राज्य सहित लगभग 5,100 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण पूरा हो चुका है। 2014-25 (नवंबर 2025 तक) के दौरान, लगभग 52,000 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण किया जा चुका है।

महाराष्ट्र राज्य में पूर्णतः या आंशिक रूप से आने वाली रेलवे आधारभूत ढांचा परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मध्य रेलवे, दक्षिण मध्य रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, दक्षिण पश्चिम रेलवे और पश्चिमी रेलवे क्षेत्रों के अंतर्गत आती हैं। इन क्षेत्रीय रेलवे में चालू वर्ष 2025-26 (नवंबर 2025 तक) के दौरान बदली गई पटरियों की लंबाई इस प्रकार है:

 

क्षेत्र

चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बदली गई पटरियों की लंबाई (नवंबर 2025 तक किमी में)

मध्य रेलवे

271

दक्षिण मध्य रेलवे

505

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे

196

पश्चिमी रेलवे

345

दक्षिण पश्चिम रेलवे

155

 

स्टेशन विकास:

रेल मंत्रालय ने दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ स्टेशनों के पुनर्विकास हेतु अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की है। इस योजना में मास्टर प्लान तैयार करना और स्टेशनों के सुधार हेतु क्रम से उनका कार्यान्वयन शामिल है। इस योजना में स्थायी और पर्यावरण अनुकूल समाधान, आवश्यकतानुसार गिट्टी रहित ट्रैक आदि का प्रावधान, चरणबद्ध तरीके से स्टेशनों का चयन और व्यवहार्यता, तथा लंबी अवधि तक स्टेशनों पर सिटी सेंटर का निर्माण भी शामिल है अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अब तक 1337 स्टेशनों की पहचान विकास के लिए की गई है, जिनमें से 132 स्टेशन महाराष्ट्र राज्य में स्थित हैं।

 

महाराष्ट्र में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य अच्छी तरह से शुरू हैं। महाराष्ट्र राज्य में पूर्ण किए गए कार्यों का विवरण इस प्रकार है:

राज्य

पूर्ण किए गए स्टेशनों की संख्या

स्टेशनों का नाम

महाराष्ट्र

17

आमगांव, बारामती, चंदा किला, चिंचपोकली, देवलाली, धुले, केडगांव, लासलगांव, लोनंद जंक्शन, माटुंगा, मुर्तिजापुर जंक्शन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस नांदुरा, इतवारी जंक्शन, परेल, सावदा, शाहद, वडाला रोड

 

अन्य स्टेशनों पर भी कार्य सुचारू रूप से किया गया है। इसका विवरण नीचे दिया गया है:

  • वाथर स्टेशन: नए पोर्टिको, स्टेशन भवन में सुधार, वाटर बूथ, नया मुख्य प्रवेश द्वार, पार्किंग क्षेत्र, सर्कुलेटिंग एरिया, प्रवेश लॉबी में सुधार, पार्किंग क्षेत्र की कंपाउंड वॉल, प्लेटफार्म नंबर 1 पर प्लेटफार्म शेल्टर, प्लेटफार्म की सतह, प्रतीक्षालय में सुधार, साइनेज और स्टेशन की रोशनी का काम पूरा हो चुका है। फिनिशिंग का काम शुरू हो चुका है।
  • नंदगांव स्टेशन: प्रवेश एवं निकास द्वार, प्लेटफार्म की सतह, प्लेटफार्म शेल्टर, स्टेशन भवन का सुधार, बुकिंग कार्यालय, फुट ओवर ब्रिज, चारदीवारी, परिभ्रमण क्षेत्र, पार्किंग क्षेत्र, साइनेज और प्रकाश व्यवस्था का कार्य पूरा हो चुका है। फिनिशिंग का काम शुरू हो चुका है।
  • हडपसर स्टेशन: नए स्टेशन भवन, प्रतीक्षालय, 12 मीटर फुट ओवर ब्रिज, भूमिगत टैंक, प्लेटफार्म शेल्टर, प्लेटफार्म सतह सुधार, परिभ्रमण क्षेत्र, स्टेशन प्रकाश व्यवस्था, साइनेज, लिफ्ट, एस्केलेटर और भू-दृश्यांकन का कार्य पूरा हो चुका है। फिनिशिंग का काम शुरू हो चुका है।

***

पीके/केसी/जेके/एसके  


(रिलीज़ आईडी: 2199763) आगंतुक पटल : 106
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Marathi