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नेत्रदान की ओर एक सरल कदम – एम्स भोपाल का क्यूआर कोड जागरूकता अभियान

प्रविष्टि तिथि: 06 NOV 2025 5:03PM by PIB Bhopal

मुख्य बिंदु

  • एम्स भोपाल के ऑप्थल्मोलॉजी विभाग की नेत्र बैंक ने नेत्रदान जागरूकता बढ़ाने के लिए क्यूआर कोड (QR Code) आधारित अभियान की शुरुआत की।
  • इस अभियान का शुभारंभ एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर द्वारा किया गया।
  • क्यूआर कोड स्कैन कर कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से नेत्रदान की जानकारी प्राप्त कर सकता है और घर बैठे संकल्प फॉर्म भर सकता है।
  • ऑप्थल्मोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष, प्रो. (डॉ.) भावना शर्मा ने बताया कि कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन के माध्यम से कॉर्नियल अंधत्व का निवारण संभव है।
  • इस पहल का उद्देश्य समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता और सहभागिता बढ़ाना है।

एम्स भोपाल अपने शोध एवं सामाजिक उपयोगिता आधारित कार्यों के माध्यम से जन स्वास्थ्य जागरूकता को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। इसी क्रम में एम्स भोपाल के ऑप्थल्मोलॉजी विभाग की नेत्र बैंक ने नेत्रदान के प्रति सरल और प्रभावी जागरूकता फैलाने के लिए क्यूआर कोड (QR Code) आधारित अभियान की शुरुआत की है। इसका शुभारंभ एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर द्वारा किया गया।

आज के समय में मोबाइल फोन हमारे जीवन का एक आवश्यक और सदैव उपलब्ध उपकरण बन चुका है। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए नेत्र बैंक द्वारा एक विशेष क्यूआर कोड बनाया गया है। इस क्यूआर कोड को कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से स्कैन कर सकता है और नेत्रदान से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है। साथ ही, इच्छुक व्यक्ति घर बैठे ही नेत्रदान का संकल्प फॉर्म भी भर सकते हैं। यह प्रक्रिया सरल, सहज और सभी के लिए सुलभ है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के बारे में जागरूक करना और उन्हें इस मानव सेवा में भागीदार बनाना है। ऑप्थल्मोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. भावना शर्मा ने बताया कि कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन के माध्यम से कॉर्नियल अंधत्व का निवारण संभव है। उनके अनुसार, यदि समाज में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाई जाए, तो कई दृष्टिबाधित व्यक्तियों को देखने की नई रोशनी मिल सकती है।

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