शिक्षा मंत्रालय
केंद्रीय विवि में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा सतत विकास लक्ष्यों पर दो दिवसीय कार्यशाला
प्रविष्टि तिथि:
03 NOV 2025 5:31PM by PIB Shimla
शिमला/
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUHP) की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की ओर से “परिवर्तनकारी अधिगम हेतु सतत विकास लक्ष्यों (SDG) आधारित पाठ्यक्रम निर्माण” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
यह कार्यशाला आउटकम-आधारित शिक्षा (OBE) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप 3–4 नवम्बर, 2025 को धौलाधार परिसर–I, धर्मशाला स्थित सेमिनार हॉल में आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन और सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने की।
अपने मुख्य अतिथि संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों के समग्र विकास, सामुदायिक सहभागिता एवं इंटर्नशिप के माध्यम से अनुभवात्मक अधिगम, तथा राष्ट्रीय प्रगति और वैश्विक प्रासंगिकता हेतु SDG-आधारित शिक्षा को आगे बढ़ाने में विश्वविद्यालयों की भूमिका पर बल दिया। अपने स्वागत भाषण में प्रो. (डॉ.) मोहिंदर सिंह, निदेशक, IQAC, ने उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को एकीकृत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, ताकि समग्र अधिगम, समावेशन, और उत्तरदायी नागरिकता को प्रोत्साहित किया जा सके।
इस मौके पर रिसोर्स पर्सन के तौर पर प्रो. संदीप ग्रोवर, प्रोफेसर (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद, हरियाणा और डॉ. नमेश मिगलानी, महासचिव, सनराइज टेक्निकल एजुकेशन प्रमोशनल सोसाइटी (STEPS), मयूर विहार-II, दिल्ली ने आउटकम-आधारित शिक्षा (OBE) रूपरेखा, कार्यक्रम एवं पाठ्यक्रम परिणामों का मानचित्रण और NAAC एवं NIRF दिशा-निर्देशों के अनुसार गुणवत्ता संकेतकों की समझ पर अपने विचार साझा किए।
उनके विमर्श ने भविष्य की मान्यता प्रक्रियाओं एवं वैश्विक रैंकिंग प्रणालियों के लिए संस्थागत तत्परता के महत्व पर जोर दिया। प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुमार, अधिष्ठाता (शैक्षणिक), CUHP, ने भी अपने विचार व्यक्त किए और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा सतत विकास लक्ष्यों के बीच संबंध पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. राजिंदर सिंह, सहायक निदेशक, IQAC एवं कार्यशाला के संयोजक द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति उनके सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला के दौरान गुणवत्ता आवश्यकताएँ एवं संस्थागत विकास योजना (IDP) तथा NAAC दिशा-निर्देश, विश्वविद्यालय गतिविधियों के साथ SDG लक्ष्यों का संरेखन, और आउटकम-आधारित शिक्षा (OBE): अवधारणाएँ एवं कार्यान्वयन जैसे प्रमुख विषयों पर कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनके अंत में इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ।
दो दिवसीय यह कार्यक्रम CUHP में शैक्षणिक गुणवत्ता और पाठ्यक्रम निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिससे सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप नवाचार, समावेशन, और परिणाम-उन्मुख शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को प्रोत्साहन मिल सके।
कार्यशाला में श्री जितेन्दर गर्ग, नियंत्रक परीक्षाएं; डॉ. अनिल कुमार कश्यप, सहायक निदेशक, IQAC एवं आयोजन सचिव; विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, केंद्र निदेशक, विभागीय IQAC एवं NIRF समन्वयक, तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
(रिलीज़ आईडी: 2185928)
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