स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय
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एम्स भोपाल ने विद्यार्थियों और नागरिकों को सिखाए जीवनरक्षक सीपीआर कौशल

प्रविष्टि तिथि: 15 OCT 2025 6:06PM by PIB Bhopal

मुख्य बिंदु:

• एम्स भोपाल में नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट (एनईएलएस) ड्राइव के अंतर्गत सीपीआर सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।
• कैम्पियन स्कूल के 1,200 से अधिक विद्यार्थियों ने सीपीआर प्रशिक्षण में भाग लिया।
• एम्स भोपाल के ओपीडी क्षेत्र में 200 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया।
• टीआईटी कॉलेज के 100 से अधिक प्रतिभागियों ने कंप्रेशन आधारित सीपीआर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
• इन सत्रों का नेतृत्व प्रो. (डॉ.) एम.डी. यूनुस ने किया तथा समन्वयन डॉ. भुपेश्वरी पटेल और टीम द्वारा किया गया।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एम्स भोपाल के ट्रॉमा एवं इमरजेंसी मेडिसिन विभाग द्वारा संचालित नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट (एनईएलएस) ड्राइव के अंतर्गत शहरभर में सीपीआर सप्ताह का सफल आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को जीवनरक्षक कौशलों से सशक्त बनाना है। दूसरे दिन इस अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैम्पियन स्कूल, भोपाल में आयोजित सत्र में 1,200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन युवाओं को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) की महत्वपूर्ण तकनीक सिखाई गई, जिससे वे आपात स्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने में सक्षम बन सकें।

एम्स भोपाल के ओपीडी क्षेत्र में आयोजित एक अन्य सत्र में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस पहल ने चिकित्सा आपात स्थितियों में समय पर हस्तक्षेप के महत्व को उजागर किया और शहर की आपातकालीन तैयारी को सशक्त बनाया।

टीआईटी कॉलेज, भोपाल में आयोजित एक और सत्र में 100 से अधिक प्रतिभागियों को केवल कंप्रेशन आधारित सीपीआर प्रशिक्षण दिया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम ने संकट की स्थिति में जीवन बचाने में सीपीआर के महत्व को रेखांकित किया।

यह पहल एम्स भोपाल के ट्रॉमा एवं इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एम.डी. यूनुस के नेतृत्व में संचालित की जा रही है। सीपीआर सत्रों का समन्वयन डॉ. भुपेश्वरी पटेल द्वारा किया जा रहा है, जिसमें डॉ. अंशु प्रियंका लाकड़ा, डॉ. अंकिता, डॉ. सौरभ, डॉ. बाबूलाल, डॉ. राजा तथा नर्सिंग एवं सहयोगी स्टाफ का सक्रिय योगदान रहा। “आज सीपीआर सीखना, कल जीवन बचाने के समान है। यह प्रशिक्षण हमारे युवाओं और समुदाय को आपात स्थितियों में निर्णायक रूप से कार्य करने के लिए सशक्त बनाता है,” प्रो. (डॉ.) एम.डी. यूनुस ने कहा। इन प्रयासों के माध्यम से एम्स भोपाल का उद्देश्य ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दे सके, जिससे समाज अधिक सुरक्षित बन सके।

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(रिलीज़ आईडी: 2179537) आगंतुक पटल : 6