संचार मंत्रालय
दूरसंचार विभाग और इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) द्वारा नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 में 'एआई फॉर गुड समिट' की मेजबानी
दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन के "एआई फॉर गुड - इम्पैक्ट इंडिया" सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया
डॉ. नीरज मित्तल: "ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने में नेटवर्क में इंटेलिजेंस को बेहतर बनाने, उन्हें स्व-उपचार करने योग्य बनाने और जेनरेटिव एआई से एजेंटिक एआई की ओर बढ़ने के लिए एआई की जबरदस्त भूमिका है"
आईएमसी 2025 के दौरान 'एआई फॉर गुड समिट' में 'एआई गवर्नेंस इन एक्शन: ब्रिजिंग पॉलिसी एंड प्रैक्टिस' पर पैनल चर्चा आयोजित की गई
एआई और साइबर सुरक्षा का भविष्य: विशेषज्ञों ने एआई सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन पर चर्चा की
इनोवेशन फैक्ट्री इंडिया 2025 ने आईएमसी 2025 के दौरान 'एआई फॉर गुड समिट' में अत्याधुनिक समाधानों का प्रदर्शन किया
आईएमसी 2025 के एआई फॉर गुड समिट में नैतिक एआई और वैश्विक सहयोग को प्राथमिकता
एआई फॉर गुड समिट ने वैश्विक एआई मानकों को आकार देने में भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला
एआई नेटिव भारत 5जी बिल्ड-ए-थॉन विजेताओं के लिए पुरस्कार वितरण के साथ एआई फॉर गुड समिट का समापन
5जी प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अभूतपूर्व एआई/एमएल समाधानों के लिए युवा नवप्रवर्तकों को सम्मानित किया गया
प्रविष्टि तिथि:
10 OCT 2025 3:40PM by PIB Delhi
दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल और दूरसंचार मानकीकरण नीति विभाग (टीएसबी) के निदेशक एवं प्रमुख के उप-प्रमुख श्री बिलेल जमौसी ने आज नई दिल्ली में आयोजित आईएमसी 2025 में इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) के "एआई फॉर गुड - इम्पैक्ट इंडिया" सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। यह भारत में उत्तरदायी और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नवाचार को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सम्मेलन में वैश्विक एआई क्षेत्र के दिग्गजों, नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, स्टार्ट-अप और शिक्षाविदों ने सतत विकास के लिए एआई के परिवर्तनकारी इस्तेमाल का पता लगाने हेतु एक मंच प्रदान किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) के सहयोग से किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा, कृषि, जलवायु अनुकूलन, डिजिटल समावेशन और सार्वजनिक सेवा वितरण जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का समाधान करने के लिए एआई प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना है।
आईटीयू, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के लिए एक विशेष एजेंसी है, जिसकी स्थापना 1865 में निर्बाध नेटवर्क इंटरकनेक्शन, वैश्विक रेडियो स्पेक्ट्रम के आवंटन और उपग्रह कक्षाओं के लिए वैश्विक तकनीकी मानकों को विकसित करने और दुनिया भर में वंचित समुदायों के लिए डिजिटल पहुंच में सुधार करने के लिए की गई थी।
'एआई फॉर गुड समिट'

इस अवसर पर दूरसंचार विभाग के सचिव और डीसीसी के अध्यक्ष डॉ. नीरज मित्तल ने कहा, "हालांकि शिखर सम्मेलन का शीर्षक 'एआई फॉर गुड' है, लेकिन इसमें 'एआई फॉर बैड' भी शामिल है। जोखिम स्वाभाविक रूप से आते हैं, क्योंकि एआई वास्तव में होरिजोंटल है और सभी वर्टिकल क्षेत्रों में सबसे ऊपर है। हम देख पा रहे हैं कि कैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरण डीप फेक, वॉयस क्लोनिंग, वित्तीय धोखाधड़ी, वॉयस सिग्नेचर को दरकिनार करने और यहां तक कि झूठी पहचान स्थापित करने के लिए वीडियो बनाने जैसे कार्यों को बढ़ावा दे रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा, "इसलिए, हमें इस बारे में बहुत सतर्क रहना होगा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ दूरसंचार नेटवर्क कैसा दिखेगा। जैसे-जैसे हम 5जी से 6जी की ओर बढ़ रहे हैं, नेटवर्क में बुद्धिमत्ता को बेहतर बनाने, उन्हें स्व-उपचार योग्य बनाने और ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने के लिए जनरेटिव एआई से एजेंटिक एआई की ओर बढ़ने में एआई की बहुत बड़ी भूमिका है।"
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के तहत, भारत 1.25 बिलियन डॉलर के इंडियाएआई मिशन के माध्यम से एक विश्वसनीय, समावेशी और मानव-केंद्रित एआई इको-सिस्टम को आगे बढ़ा रहा है, जिसमें आईटीयू जैसे वैश्विक साझेदारों के साथ घनिष्ठ सहयोग किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रौद्योगिकी विश्वास, समावेशन और प्रगति के लिए एक शक्ति बनी रहे।
उद्घाटन सत्र में आईटीयू के दूरसंचार मानकीकरण नीति विभाग (टीएसबी) के निदेशक एवं प्रमुख के उप-निदेशक बिलेल जमौसी के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, दूरसंचार विभाग और निजी क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। गणमान्य व्यक्तियों ने एआई प्रौद्योगिकियों के सार्थक सामाजिक प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नैतिक ढांचों के महत्व पर जोर दिया।
टीएसबी के उप निदेशक और आईटीयू में अध्ययन समूह एवं नीति विभाग (एसपीडी) के प्रमुख, श्री बिलेल जमौसी ने अपने संबोधन में, जिम्मदार एआई और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने में भारत के सक्रिय नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने एआई के दुरुपयोग, डेटा गोपनीयता और साइबर सुरक्षा कमजोरियों जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए वैश्विक साझेदारी बनाने के महत्व पर जोर दिया।

'एआई फॉर गुड समिट' ने दुनिया भर के प्रमुख लोगों को एक साथ लाकर समतामूलक और सतत डिजिटल विकास हासिल करने में एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श किया। सत्रों में विविध और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें "एआई गवर्नेंस इन एक्शन: ब्रिजिंग पॉलिसी एंड प्रैक्टिस", "एआई एंड साइबर सिक्योरिटी", "क्वांटम फॉर गुड", "रोबोटिक्स एंड एआई फॉर यूथ सेफ्टी", "एआई की शक्ति के प्रति 'आई': एक 8 साल के बच्चे का विकासशील भारत पर विचार", और "एक अनुकूल और सुदृढ़ भविष्य के लिए ऑटोनोमस रोबोट के साथ आपदा प्रबंधन को आगे बढ़ाना" शामिल थे। मुख्य चर्चाओं में एआई सुरक्षा, नैतिक ढांचे, जोखिम प्रबंधन, डिजिटल समावेशन और एआई तकनीकों के ज़िम्मेदाराना उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु अंतरराष्ट्रीय सहयोग हेतु मानकीकरण के प्रयासों पर जोर दिया गया।
शिखर सम्मेलन के एक भाग के रूप में, इनोवेशन फैक्टरी पहल का शुभारंभ किया गया। दूरसंचार विभाग और आईटीयू द्वारा एआई फॉर गुड फ्रेमवर्क के तहत विकसित इस सहयोगात्मक मंच ने कई एआई स्टार्टअप के योगदान को प्रदर्शित किया। इस मंच का मूल्यांकन और संचालन आईटीयू, उद्योग जगत के दिग्गजों और दूरसंचार विभाग के सदस्यों द्वारा किया गया, जिससे वैश्विक चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से उभरते समाधानों के लिए एक गतिशील वातावरण उपलब्ध हुआ।
यह शिखर सम्मेलन विचारकों, नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और नवप्रवर्तकों के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है, जहां वे संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप समावेशी और सतत डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका का अन्वेषण कर सकते हैं। इसमें आईटीयू के प्रमुख "एआई फॉर गुड" कार्यक्रम के अंतर्गत चल रही पहलों का भी प्रदर्शन किया गया, जो भारत के "डिजिटल सशक्तिकरण और समावेशी विकास" के दृष्टिकोण से निकटता से जुड़ा हुआ है। शिखर सम्मेलन ने संवाद को बढ़ावा देने, वैश्विक मानकों को परिभाषित करने और यह सुनिश्चित करने में आईटीयू की आवश्यक भूमिका पर भी जोर दिया कि एआई प्रौद्योगिकियां मानवता के लिए सकारात्मक योगदान दें।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 के बारे में
एशिया का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी मंच, इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी), दूरसंचार विभाग और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है। यह आयोजन वैश्विक आईसीटी और डिजिटल इको-सिस्टम के अग्रणी लोगों को उन नवाचारों का पता लगाने के लिए एक साथ लाता है, जो कनेक्टिविटी, डिजिटल परिवर्तन और एआई की उभरती भूमिका के भविष्य को आकार दे रहे हैं।
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पीके/केसी/एसकेएस/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2177464)
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