गृह मंत्रालय
"हर परिवार 5000 रुपये की खादी खरीदे, आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़े देश: अमित शाह"
रोहतक में ‘खादी कारीगर महोत्सव’ में 2298 कारीगरों को मशीनें-टूलकिट वितरित, ₹1,075 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
प्रविष्टि तिथि:
06 OCT 2025 2:34PM by PIB Raipur
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को हरियाणा के रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) परिसर में आयोजित ‘खादी कारीगर महोत्सव’ में खादी उद्योग के सशक्तिकरण की नई पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने देशभर के कारीगरों को सशक्त बनाने और स्वदेशी उद्योगों को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। शाह ने कार्यक्रम के दौरान 2298 खादी कारीगरों को आधुनिक मशीनें और टूलकिट वितरित किए, जबकि ₹1,075 करोड़ से अधिक की खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और शुभारंभ किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और ‘खादी पगड़ी’ के लोकार्पण से हुई। इसके बाद खादी पर आधारित एक प्रेरणादायक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। शाह ने विभिन्न श्रेणियों के कारीगरों को विद्युत चालित चाक, चरखा, सिलाई मशीन, अगरबत्ती निर्माण मशीन, लेदर रिपेयरिंग टूलकिट, मोबाइल एवं एसी रिपेयरिंग टूलकिट सहित आवश्यक उपकरण प्रदान किए। इस अवसर पर पांच वरिष्ठ खादी कारीगरों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।
वर्चुअल माध्यम से गृह मंत्री ने ₹33.66 करोड़ की लागत से खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शुभारंभ किया। इनमें नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित ‘खादी एवं ग्रामोद्योग भवन’ का ‘खादी मॉल’ के रूप में नवीनीकरण, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में केवीआईसी के नए मंडलीय कार्यालय का उद्घाटन, 762 नए वर्कशेड का निर्माण, देशभर में 35 नवीनीकृत सेल्स आउटलेट्स का शुभारंभ और महाराष्ट्र के वर्धा में ऑर्गेनिक कॉटन सेंट्रल पूनी प्लांट का उद्घाटन शामिल है।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत ₹301 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी का वितरण और ₹741.16 करोड़ की लागत से शुरू हो रही 8310 नई पीएमईजीपी इकाइयों का वर्चुअल शुभारंभ भी किया गया।
अपने संबोधन में श्री शाह ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान खादी को स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाया था, लेकिन वर्षों तक इसे उपेक्षित रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब खादी को पुनर्जीवित करने का मिशन साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री ₹33,000 करोड़ से बढ़कर ₹1,70,000 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
शाह ने कहा, “खादी के 1,70,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर का प्रत्येक लाभ सीधे बुनकरों और ग्रामीण महिलाओं के जीवन को सशक्त बनाता है। खादी पहनना केवल वस्त्र धारण करना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की भावना को आत्मसात करना है।” उन्होंने अपील की कि हर परिवार सालाना ₹5,000 की खादी अवश्य खरीदे, जिससे स्वदेशी उद्योगों को बल मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प जन-आंदोलन बन सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है और जब देश आजादी की शताब्दी मनाएगा, तब खादी इस अभियान की अग्रिम धारा में होगी। शाह ने बताया कि केवीआईसी ने प्रधानमंत्री के ‘खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन और खादी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन’ के मंत्र को अपनाकर भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस आयोजन को ‘स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के उत्सव’ की संज्ञा देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के नेतृत्व में खादी अब भारत की नई पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 गांव, किसान, महिला, दलित और आदिवासी को केंद्र में रखती है और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में खादी के उत्पाद तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि जीएसटी बचत उत्सव के तहत अमित शाह ने खादी कारीगरों को सशक्त कर स्वदेशी मिशन को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने बताया कि शाह स्वयं खादी पहनते हैं और प्रधानमंत्री के ‘गर्व से कहो ये स्वदेशी है’ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में स्मृति-चिह्न के रूप में चरखा मेमेंटो भेंट किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन केवीआईसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपराशि ने दिया। कार्यक्रम में सांसदों, अधिकारियों, केवीआईसी प्रतिनिधियों, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में खादी कारीगरों की उपस्थिति रही।
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(रिलीज़ आईडी: 2175302)
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