कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मैसूर में सुत्तूर मठ में आयोजित समारोह में शामिल हुए
जगद्गुरु डॉ. शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी की 110वीं जयंती के उपलक्ष्य में हुआ समारोह का आयोजन
राजनीति तोड़ती है, धर्म जोड़ता है, पीड़ित मानवता की सेवा ही असली पूजा - श्री शिवराज सिंह
किसान प्राण हैं, अन्नदाता हैं, जीवनदाता हैं, किसान भाई-बहनों के लिए समर्पित हूं - श्री शिवराज सिंह
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए दिन-रात प्रयास में जुटे हैं
राष्ट्रहित के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एकजुट हो - श्री शिवराज सिंह
हम दैनिक जीवन में उन्ही वस्तुओं का उपयोग करें, जो हमारे देश में बनी हो- श्री- शिवराज सिंह चौहान
Posted On:
29 AUG 2025 5:37PM by PIB Delhi
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज कर्नाटक के मैसूर स्थित श्री सुत्तूर मठ में आयोजित समारोह में शामिल हुए। समारोह का आयोजन डॉ. शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी की 110वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा ही असली पूजा है। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि राजनीति तोड़ती है, लेकिन धर्म जोड़ता है, आज धर्म ने हम सभी को पीड़ित मानवता की सेवा के लिए जोड़ दिया हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, भक्तगण उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मठ वर्षों से सामाजिक कल्याण और मानवता की दिशा में अतुलनीय भूमिका का निर्वहन करता आ रहा है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक विभिन्न क्षेत्रों में मठ के कार्य संचालन से बदलाव की दिशा तय हुई है। जिस समर्पण और सेवाभाव के साथ काम किया जा रहा है, वह यहां के वातावरण को अद्वितिय बनाता है। उन्होंने कहा कि राजनीति तोड़ती है, धर्म जोड़ता है और पीड़ित मानवता की सेवा ही असली पूजा है। आगे उन्होंने कहा कि उचित धर्म के पालन के साथ मठ सेवाकार्य में जुटा है और मैं भी अंतरात्मा से कोशिश करता हूं कि लोगों की अधिक से अधिक सेवा कर सकूं।

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुझे कृषि मंत्री बनने का सौभाग्य दिया। बतौर कृषि मंत्री मैं यह मानता हूं कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा, किसान प्राण हैं, अन्नदाता हैं, जीवनदाता हैं और किसानों की सेवा ही मेरे लिए असली आराधना है।

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि हम किसान भाई-बहनों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास में जुटे हैं। एक नहीं, अनेकों योजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ करने की कोशिश की है। हमारी कोशिश है कि खेती में उत्पादन बढ़े व लागत घटे, उत्पादन के ठीक दाम मिले, फसल का नुकसान हो जाए तो उसका उचित मुआवजा मिले, साथ ही कृषि का विविधीकरण भी बहुत जरूरी है। एकीकृत कृषि के भी अनेक लाभ हैं, जिसे हमें अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि विदेशों की तुलना में भारत में कृषि जोत क्षेत्र आकार की दृष्टि से छोटे हैं। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील के 10-10, 15-15 हजार हेक्टेयर कृषि जोत क्षेत्रों की तुलना में हमारे देश में ऐसे भी किसान हैं, जिनके पास मात्र एक-दो हेक्टेयर, एक-दो एकड़, ढाई एकड़ कृषि जोत क्षेत्र है। इसलिए हमें नए प्रयासों के तरफ कदम बढ़ाते हुए कृषि को लाभकारी बनाना होगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने टैरिफ को लेकर भी मजबूती से विचार रखा। श्री चौहान ने कहा कि आज सभी को राजनीतिक और विचारधारा के मतभेद भुलाकर राष्ट्रहित में एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ देश, अधिनायक जैसा व्यवहार कर रहे हैं, जो विश्व के लिए संकट बनकर खड़ा है। दुनिया को बचाने के लिए भी हमें साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि भौतिकता की अग्नि में दग्ध विश्व मानवता को शाश्वत शांति के पथ का दिग्दर्शन अगर कोई कराएगा तो वह भारत ही होगा।
अंत में श्री चौहान ने कहा कि कहा कि चुनौतियां भारत के सामने खड़ी हैं, टैरिफ लादा जा रहा है। लेकिन भारत का मजबूत पक्ष दुनिया के सामने है। ऐसे माहौल में देश में देशभक्ति की भावना प्रज्जवलित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक संकल्प हरेक देशवासी को करना चाहिए कि दैनिक जीवन में उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करेंगे, जो हमारे देश में बनी हो। यह बेहद जरूरी है, स्वदेशी उत्पाद अपनाने से हमारे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि स्वदेशी अपनाने की दिशा में देशवासी एक नया इतिहास रचेंगे।
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आरसी/केएसआर/एआर
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