गृह मंत्रालय
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज असम के गुवाहाटी में राजभवन में ब्रह्मपुत्र विंग का उद्घाटन और 322 करोड़ रुपए की लागत से 8 परियोजनाओं का ई-शिलान्यास और लोकार्पण किया
मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर का अभूतपूर्व विकास हुआ है, जब भी पूर्वोत्तर का इतिहास लिखा जाएगा, मोदी सरकार के ये 11 साल स्वर्णाक्षरों में लिखे जाएंगे
NCFL के माध्यम से पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के पुलिसकर्मी 24 घंटे सीमाओं की सुरक्षा, नारकोटिक्स व अवैध तस्करी को रोकने और नागरिकों की कमाई को सुरक्षित करने का काम करेंगे
एक ओर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को पूरी दुनिया सम्मानित करती है, दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष ने घृणा और तिरस्कार की एक नकारात्मक राजनीति की शुरुआत की है
बिहार में एक कार्यक्रम में मंच से प्रधानमंत्री मोदी जी की स्वर्गीय माता जी के लिए अपशब्द बोलकर विपक्षी नेताओं ने सबसे घृणित काम किया है
जिस प्रकार का मुद्दा विहीन विरोध, नकारात्मक और घृणा की राजनीति नेता प्रतिपक्ष ने शुरू की है, वह हमारे सार्वजनिक जीवन को गर्त में ले जाएगी
मुख्य विपक्षी दल को इस प्रकार की भाषा का उपयोग कर जनादेश नहीं मिल सकता
विपक्ष ने हर चुनाव में प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहे और मुंह की खाई, लेकिन फिर भी कुछ नहीं सीखा
चुनाव लोकतांत्रिक राष्ट्र में लोकतंत्र की आत्मा है और अगर घुसपैठिए मतदाता सूची में घुसकर चुनाव को प्रदूषित करें तो कोई भी राष्ट्र सुरक्षित नहीं रह सकता
मुख्य विपक्षी पार्टी ने जो कुत्सित प्रयास शुरू किया है, पूरे देश की जनता उसे अचंभित और दुखी होकर देख रही है, इन प्रयासों को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा
नेता प्रतिपक्ष को प्रधानमंत्री जी, उनकी स्वर्गीय माता जी और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए
Posted On:
29 AUG 2025 4:21PM by PIB Delhi
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज असम के गुवाहाटी में राजभवन परिसर में नवनिर्मित ब्रह्मपुत्र विंग का उद्घाटन और 322 करोड़ रुपए की लागत से 8 परियोजनाओं का ई-शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और केन्द्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि अनेक प्रकार के उतार-चढ़ावों और हिंसक संघर्षों को झेलते-झेलते आज पूर्वोत्तर शांति और संपूर्ण विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि असम के इतिहास में महाराजा पृथु से लेकर लचित बोरफुकन और चिलाराय से लेकर सेना में भर्ती हुए यहां के युवाओं द्वारा मां भारती के लिए दिए गए बलिदानों तक, पूर्वोत्तर हमेशा से भारत की सुरक्षा का एक अहम स्तंभ रहा है। श्री शाह ने कहा कि विश्व में सबसे पुरातन और सबसे अधिक विविधताओं का समावेश करने वाली संस्कृति पूर्वोत्तर में मिलती है। यहां की कला, भाषाएं, खानपान, वेशभूषा, संगीत और प्राकृतिक सौंदर्य पूरे पूर्वोत्तर को विश्व में अद्भुत बनाते हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि असम बचाओ आंदोलन के संघर्ष के दौर में अनेक युवाओं ने बलिदान दिया था और उस समय विद्यार्थियों ने जिस कल्पना के साथ आंदोलन किया था, उसे चरितार्थ करने का काम आज प्रधानमंत्री मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्व सरमा जी की जोड़ी ने किया है। उन्होंने कहा कि असम आंदोलन के समय जिस असम की कल्पना की गई थी, राज्य आज उससे भी आगे पहुंच चुका है और विकास की यह गति निरंतर जारी रहेगी।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर का अभूतपूर्व विकास हुआ है। जब भी पूर्वोत्तर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के शासन के ये 11 साल स्वर्णाक्षरों में लिखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश में हर क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन किया है। देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण, बिजली उत्पादन, 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर लाना हो या देश के 60 करोड़ लोगों को घर, बिजली, शौचालय, नल से जल, गैस सिलिंडर, 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य का खर्चा देना हो, प्रधानमंत्री मोदी जी ने हर क्षेत्र में न सिर्फ नीतियां बनाईं, बल्कि उन्हें ज़मीन पर उतारने का भी काम किया है। उन्होंने कहा कि इसके कारण देशभर में हर क्षेत्र में प्रगति हुई है और दुनिया इसे अचंभित होकर देख रही है।
श्री अमित शाह ने कहा कि आज के कार्यक्रम के तहत 322 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 8 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। मोदी सरकार अंग्रेज़ों द्वारा बनाए तीनों पुराने आपराधिक कानूनों को समाप्त कर आपराधिक न्याय प्रणाली के तीन नए भारतीय कानून लाई है। इन नए कानूनों में Forensic Science Laboratory (FSL) के आधार पर पुलिस जांच और गुनहगारों को सज़ा दिलाने के प्रयासों पर अहम बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में आज पूरा देश डिजिटल भारत के स्वप्न को साकार कर रहा है। श्री शाह ने कहा कि साइबर सुरक्षा नागरिकों के लिए बेहद ज़रूरी है और इसीलिए भारत सरकार ने 2019 में I4C के तहत दिल्ली में पहली नेशनल साइबर फॉरेंसिक लैबोरेट्री (NCFL) की स्थापना की, जो नागरिकों को उनकी मेहनत की कमाई को साइबर अपराधियों से बचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाद असम में दूसरी NCFL गुवाहाटी में बनी है, जो पूर्वोत्तर के सभी 8 राज्यों के नागरिकों की कमाई को सुरक्षित करेगी। इतना ही नहीं, डार्क नेट का उपयोग कर नारकोटिक्स, हथियारों की तस्करी और भारत की सीमाओं में गैप्स ढूंढकर घुसपैठ का प्रयास करने वालों के खिलाफ देश की सुरक्षा में भी NCFL मददगार साबित होगी।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि लचित बोरफुकन पुलिस अकादमी में स्थापित NCFL के माध्यम से पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के पुलिसकर्मी 24 घंटे देश की सीमाओं की सुरक्षा, नारकोटिक्स और अवैध तस्करी के खिलाफ लड़ाई में मदद देने और नागरिकों की कमाई को सुरक्षित करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि आज यहां हमारे सीमाओं की सुरक्षा करने वाले Central Armed Police Forces (CAPFs) के जवानों के लिए कई सुविधाओं का लोकार्पण भी हुआ है।
गृह मंत्री ने कहा कि लगभग 40 करोड़ रुपये से अधिक लागत और 3300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में बने राजनिवास के ब्रह्मपुत्र विंग में कई संवैधानिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों, कलाकारों, शोधकर्ताओं और नागरिक विधाओं को एक्नॉलेज करने का काम होगा और एक सार्थक संवाद के माध्यम से राज्यपाल जी असम सरकार को जनभावनाओं से अवगत भी कराएंगे।
श्री अमित शाह ने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारत के साथ साथ हमारे प्रधानमंत्री का भी सम्मान बढ़ा है और 27 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी जी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है जो भारत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को पूरी दुनिया सम्मानित करती है। दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल के नेता ने घृणा और तिरस्कार की एक नकारात्मक राजनीति की शुरूआत की है। श्री शाह ने कहा कि बिहार में एक कार्यक्रम में मंच से प्रधानमंत्री मोदी जी की स्वर्गीय माता जी के लिए अपशब्द बोलकर मुख्य विपक्षी नेताओं ने सबसे घृणित काम किया है। गृह मंत्री ने इसकी घोर औऱ कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जिस प्रकार का मुद्दे विहीन विरोध, नकारात्मक और घृणा की राजनीति मुख्य विपक्षी दल के नेता ने शुरू की है वह हमारे सार्वजनिक जीवन को गर्त में ले जाएगी।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी जी जब गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब से मुख्य विपक्षी दल के कई नेताओं ने प्रधानमंत्री जी के लिए अपशब्द कहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल को इस प्रकार की भाषा का उपयोग कर जनादेश नहीं मिल सकता। श्री शाह ने कहा कि विपक्ष ने हर चुनाव में प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहे और मुंह की खाई लेकिन फिर भी कुछ नहीं सीखा। उन्होंने कहा कि चुनाव किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र में लोकतंत्र की आत्मा होता है और अगर घुसपैठिए मतदाता सूची में घुसकर चुनाव को प्रदूषित करें तो कोई भी राष्ट्र सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी ने जो कुत्सित प्रयास शुरू किया है उसे पूरे देश की जनता अचंभित और दुखी होकर देख रही है और इन प्रयासों को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि दो दिन पहले जो हुआ उसने सारी सीमाएं लांघ दीं हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जी की माताजी ने एक गरीब घर में रहते हुए अपनी सभी संतानों को संस्कारित कर ऐसे स्तर पर पहुंचाया है कि उनका पुत्र विश्व का नेता बना है। श्री शाह ने कहा कि ऐसे जीवन के प्रति अपशब्द बोलने को भारत की जनता कभी सहन नहीं कर सकती और राजनीति में सार्वजनिक जीवन का इससे अधिक पतन नहीं हो सकता। श्री शाह ने मुख्य विपक्षी दल के नेता से कहा कि उन्हें इसके लिए प्रधानमंत्री जी, उनकी स्वर्गीय माता जी और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
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