सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
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फास्टैग पारिस्थितिकी तंत्र(इकोसिस्टम) का विस्तार

प्रविष्टि तिथि: 06 AUG 2025 6:24PM by PIB Delhi

सरकार ने भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) के माध्यम से नियमों का अनुपालन करने वाले फास्टैग' का पता लगाकर और उन्हें काली सूची में डालने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को समयबद्ध रूप से  मजबूत किया है। आईएचएमसीएल के 19 अगस्त, 2019 के नीति परिपत्र के अनुसार, शुल्क प्लाज़ा संचालकों को ऐसे उल्लंघनों की सूचना संबंधित अधिग्रहणकर्ता बैंक और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को देनी होगी।  बैंकों को ऐसे मामले की पुष्टि करनी होगी और गैर-अनुपालन वाले फास्टैग को काली सूची में डालना होगा, जबकि आईएचएमसीएल अनुपालन की निगरानी करेगा।

इसके बाद, 16 जुलाई, 2024 के परिपत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के प्रावधानों को दोहराया गया, जिसके अनुसार जिन वाहनों पर वैध फास्टैग नहीं लगे हैं, उनसे लागू शुल्क का दोगुना शुल्क लिया जाएगा। परिपत्र में इसी प्रावधान को आधार बनाकर यह स्पष्ट किया गया है कि जिन वाहनों पर फास्टैग नहीं लगे हैं, वे भी इसी श्रेणी में आएंगे और उन्हें लागू दर का दोगुना शुल्क नकद में देना होगा जिससे रोकथाम लागू होगी।

इन आदेशों को सुव्यवस्थित करने के लिए, 26 जून, 2025 के परिपत्र में एक  रिपोर्टिंग प्रारूप प्रस्तुत किया गया, जिसके अनुसार शुल्क संग्रह एजेंसियों को etc.operations@ihmcl.com पर साप्ताहिक डेटा प्रस्तुत करना आवश्यक था। इन रिपोर्टों के आधार पर, आईएचएमसीएल  ने एनपीसीआई  को ब्लैकलिस्टिंग शुरू करने का निर्देश दिया।

 शुल्क संग्रह करने वाली सभी एजेंसियों और  को समय-समय पर  फास्टैग के सही तरीके से नहीं चिपके होने ' या फास्टैग हाथ में रखने यानी टैग-इन-हैंड' के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।

सरकार फास्टैग पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार के लिए हितधारकों के साथ जुड़ रही है। इस संबंध में 25 जून, 2025 को एक फिनटेक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें बैंकों, फिनटेक, एनपीसीआई, भुगतान सेवा प्रदाताओं और टोलिंग प्रणाली संचालकों सहित हितधारकों को एक साथ लाया गया ताकि फास्टैग के उपयोग के मामलों के विस्तार और विभिन्न सेवाओं में फास्टैग की अंतर-संचालनीयता पर विचार-विमर्श किया जा सके।

कार्यशाला में चर्चा का मुख्य उद्देश्य ईंधन भुगतान, ईवी चार्जिंग, पार्किंग, भीड़भाड़ वाले टोल आदि जैसे क्षेत्रों में फास्टैग की उपयोगिता को व्यापक बनाना था। मूल्यवर्धित सेवाओं के एकीकरण, गतिशीलता के लिए डेटा-संचालित समाधान और उपयोगकर्ता-केंद्रित डिजिटल सुविधाओं पर चर्चा की गई, ताकि फास्टैग को एक एकीकृत डिजिटल गतिशीलता मंच के रूप में स्थापित किया जा सके, जिसका उद्देश्य परिवहन क्षेत्र में सुविधा, दक्षता और पारदर्शिता में सुधार करना है।

यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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पीके/ केसी/ एनकेएस
 


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