ग्रामीण विकास मंत्रालय
पीएमएवाई-जी के तहत आवास प्लस ऐप की शुरुआत
प्रविष्टि तिथि:
05 AUG 2025 4:59PM by PIB Delhi
ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण क्षेत्रों में "सभी के लिए आवास" के उद्देश्य को प्राप्त करने हेतु पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्के मकानों के निर्माण के लिए सहायता प्रदान करने हेतु 1 अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) का कार्यान्वयन कर रहा है। पीएमएवाई-जी के अंतर्गत, वित्त वर्ष 2016-17 से 2023-24 के दौरान प्रारंभिक लक्ष्य 2.95 करोड़ मकानों के निर्माण हेतु सहायता प्रदान करना था। भारत सरकार ने 2 करोड़ अतिरिक्त मकानों के निर्माण हेतु सहायता प्रदान करने के लिए वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के दौरान इस योजना के कार्यान्वयन को अनुमोदन प्रदान कर दिया है।
भारत सरकार के अनुमोदन के अनुसार, आवास+ 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी फेस आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग करके और संशोधित बहिष्करण मापदंडों के साथ राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा अतिरिक्त पात्र परिवारों की पहचान के लिए एक नया सर्वेक्षण भी किया जा रहा है।
आवास+ 2024 मोबाइल एप्लिकेशन प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत विशेष रूप से तैयार किया गया एक अद्वितीय ऐप है, जिसमें निम्नलिखित विशेषताएं हैं:
i. पूर्व-पंजीकृत सर्वेक्षणकर्ताओं के माध्यम से सहायता प्राप्त सर्वेक्षण,
ii. आवास+2024 ऐप में पात्र परिवारों के लिए "स्व-सर्वेक्षण" सुविधा उपलब्ध है,
iii. आवास प्रकार का चयन,
iv. आधार आधारित ई-केवाईसी फेस प्रमाणीकरण,
v. परिवारों से संबंधित आँकड़े, मौजूदा मकान की स्थिति, मौजूदा मकान और प्रस्तावित निर्माण स्थल की समय-अंकित और जियो-टैग की गई फोटो,
vi. ऐप ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन मोड में भी काम करता है।
मंत्रालय ने आवास सखी (ज्ञान, सहायता और नवाचार में सहायक एप्लीकेशन) भी बनाई है - जो एक नवीन मोबाइल एप्लीकेशन है, जिसे एक स्थान पर महत्वपूर्ण जानकारी और संसाधनों को समेकित करके पीएमएवाई-जी तक पहुंच को सुव्यवस्थित करने के लिए तैयार किया गया है।
धोखाधड़ी गतिविधि को रोकने और संभावित कदाचार की जानकारी प्रदान करने के लिए पीएमएवाई-जी के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता/मशीन लर्निंग (एमएल) मॉडल का उपयोग किया जाता है जिसका विवरण इस प्रकार है:-
i. अनुशंसा प्रणाली मॉड्यूल, निर्मित मकान की अपलोड की गई तस्वीरों में पक्की दीवार, पक्की छत, कच्ची दीवार, कच्ची छत, लोगो, खिड़की, दरवाज़ा और व्यक्ति जैसी मकान की विभिन्न विशेषताओं की पहचान करता है और अनुमोदन के लिए अंतिम तस्वीर की अनुशंसा करता है।
ii. विसंगति पहचान और धोखाधड़ी रोकथाम मॉड्यूल, निरीक्षण किए जा रहे मकान की तस्वीर और आसपास के अन्य मकानों के बीच समानता स्कोर की गणना करता है ताकि इस संबंध में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को रोका जा सके।
iii. पीएमएवाई-जी लाभार्थियों का सत्यापन करने के लिए आधार और एआई-सक्षम चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक के साथ एकीकरण के माध्यम से लाभार्थियों का ई-केवाईसी।
iv. जीवंतता पहचान: लाभार्थियों की पहचान के लिए आवास ऐप में आई ब्लिंक/मोशन डिटेक्शन सुविधा।
यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/डीवी/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2152776)
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