भारी उद्योग मंत्रालय
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इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देना

प्रविष्टि तिथि: 05 AUG 2025 4:15PM by PIB Delhi

भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों सहित अखिल भारतीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच और सामर्थ्य सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देने के लिए निम्नलिखित योजनाएं लागू की हैं:-

  1. भारत में (हाइब्रिड) और इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से अपनाने और विनिर्माण के लिए योजना चरण- II (एफएएमई-II) को 01.04.2019 से 31.03.2024 तक 11,500 करोड़ रुपये की कुल बजटीय सहायता के साथ अखिल भारतीय स्तर पर -2डब्ल्यू, -3डब्ल्यू और -4डब्ल्यू के खरीदारों को प्रोत्साहित करने के लिए लागू किया गया था। मांग प्रोत्साहन मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) द्वारा खरीदारों को ईवी की खरीद मूल्य में अग्रिम कटौती के रूप में प्रदान किया गया था, जिसे बाद में उनके द्वारा एमएचआई से दावा किया जाता है।
  1. -2डब्ल्यू, -3डब्ल्यू, -ट्रक और -एम्बुलेंस की मांग को प्रोत्साहित करने के लिए 10,900 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव से वाहन के नवोन्मेषी उन्नयन में क्रांति (पीएम -ड्राइव) योजना 29.09.2024 को अधिसूचित की गई थी। ईएमपीएस 2024 को पीएम -ड्राइव योजना में शामिल कर लिया गया है। इसने योजना ने 01.04.2024 से 30.09.2024 तक -2डब्ल्यू और -3डब्ल्यू के लिए मांग प्रोत्साहन प्रदान किया था। फेम-II की तरह, ओईएम द्वारा खरीदारों को इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीद मूल्य में अग्रिम कटौती के रूप में मांग प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है, जिसका दावा बाद में वे एमएचआई से करते हैं।

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने 16 अगस्त, 2023 को "पीएम--बस सेवा योजना" नामक एक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य 20,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता (सीए) के साथ शहरी क्षेत्रों में शहरी बस संचालन को प्रोत्साहन देना है ताकि पीपीपी मॉडल पर 10,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा सकें। योजना के वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार, 3-40 लाख की आबादी वाले शहर और 2011 की जनगणना के अनुसार 3 लाख से कम आबादी वाले अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की राजधानियाँ इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं।

योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, बस के आकार के आधार पर, 10 वर्षों तक प्रति किलोमीटर बस संचालन पर केंद्रीय सहायता: मानक बसों (12 मीटर) के लिए 24 रुपये, मिडी बसों (9 मीटर) के लिए 22 रुपये और मिनी बसों (7 मीटर) के लिए 20 रुपये देय है। इसके अलावा, मीटर के पीछे बिजली अवसंरचना के विकास के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता दी जाती है। डिपो के नागरिक अवसंरचना के लिए भी निम्नलिखित रूप से केंद्रीय सहायता दी जाती है:

  1. राज्यों के शहरों के लिए 60 प्रतिशत,
  2. पहाड़ी राज्यों/पूर्वोत्तर राज्यों/विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों को 90 प्रतिशत केंद्रीय सहायता; और
  3. विधानमंडल रहित केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानी शहरों को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता।

इस योजना के अंतर्गत, 10,000 -बसों में से अब तक 14 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों को 7,293 -बसें स्वीकृत की जा चुकी हैं। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार स्वीकृत बसों का विवरण अनुलग्नक-I में संलग्न है

आज तक, 12 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 85 सिविल डिपो परियोजनाओं और 88 बिहाइंड--मीटर-पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए 1,062.74 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। इस स्वीकृत राशि में से, 9 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को संबद्ध अवसंरचना अर्थात बिहाइंड--मीटर-पावर और सिविल डिपो अवसंरचना के विकास के लिए कुल 475.44 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। जारी की गई धनराशि का विवरण अनुलग्नक-II में संलग्न है।

पीएम -ड्राइव योजना चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम (पीएमपी) के अनुपालन को अनिवार्य बनाती है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के पुर्जों का क्रमिक स्थानीयकरण आवश्यक है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके पुर्जों की आपूर्ति श्रृंखला के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलता है। त्रिपुरा राज्य सहित सभी स्टार्टअप और एमएसएमई इस योजना से अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकते हैं क्योंकि पीएमपी में पुर्जों की स्थानीय स्तर पर आपूर्ति का प्रावधान है।

अनुलग्नक- I

पीएम--बससेवा योजना के अंतर्गत स्वीकृत -बसें (31.07.2025 तक)

क्रम संख्या

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

स्वीकृत बसों की संख्या

1.

चंडीगढ़

100

2.

गुजरात

450

3.

हरियाणा

450

4.

जम्मू-कश्मीर

200

5.

महाराष्ट्र

1,559

6.

ओडिशा

400

7.

पंजाब

347

8.

मेघालय

50

9.

बिहार

400

10.

पुद्दुचेरी

75

11।

असम

100

12.

लद्दाख

15

13.

मध्य प्रदेश

582

14.

राजस्थान

675

15.

छत्तीसगढ

240

16.

उत्तराखंड

150

17.

आंध्र प्रदेश

750

18.

कर्नाटक

750

 

कुल योग

7,293

 

अनुलग्नक- II

पीएम--बस सेवा योजना के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को जारी धनराशि

क्रम संख्या

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

जारी की गई राशि (करोड़ रुपये में)

1.

महाराष्ट्र

200.18

2.

छत्तीसगढ

30.19

3.

राजस्थान

44.46

4.

चंडीगढ़

11.87

5.

असम

6.47

6.

ओडिशा

47.72

7.

गुजरात

28.94

8.

बिहार

87.55

9.

पंजाब

18.06

 

कुल योग

475.44

 

भारी उद्योग एवं इस्पात राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एमकेएस/


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