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आईबीएम नागपुर ने 78 वें स्थापना दिवस को खनिज दिवस के रूप में मनाया

प्रविष्टि तिथि: 01 MAR 2025 7:48PM by PIB Delhi

78वें स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय खान ब्यूरो ने 1 मार्च, 2025 को नागपुर स्थित अपने मुख्यालय में खनिज दिवस मनाया। इस अवसर पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के अतिरिक्त महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष, मध्य क्षेत्र श्री दिनेश विट्ठलराव गणवीर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए तथा एमईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री इंद्र देव नारायण मुख्य अतिथि थे। आईबीएम के मुख्य खान नियंत्रक श्री पंकज कुलश्रेष्ठ ने समारोह की अध्यक्षता की।

अपने उद्घाटन भाषण में श्री गणवीर ने देश के लिए अनुकरणीय सेवा के 78 वर्ष पूरे करने के लिए आईबीएम को बधाई दी और संगठन की स्थापना से ही इसके संचालन में सभी सेवानिवृत्त विभाग प्रमुखों के जबरदस्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने आईबीएम के लिए एक मजबूत नींव रखी है, उन्होंने कहा कि आईबीएम ने नीतियों को तैयार करने और लागू करके खनन क्षेत्र में बहुत योगदान दिया है। श्री गणवीर ने अपतटीय खनन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न नियमों को तैयार करने और अपतटीय खदान नीलामी की तैयारी में जीएसआई के सक्रिय भागीदार होने के लिए आईबीएम को भी धन्यवाद दिया।

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उन्होंने कहा, "सरकार ने 30 महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान की है और इन महत्वपूर्ण खनिजों के लिए देश की निर्भरता को कम करने का लक्ष्य रखा है। आईबीएम ने माइनिंग टेनमेंट सिस्टम (एमटीएस) जैसी कई पहल की हैं।" उन्होंने कहा कि आईबीएम और जीएसआई अपतटीय खदानों को नीलामी चरण में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, "जीएसआई और आईबीएम की साझेदारी ने अनिवार्य रूप से अनुसंधान और अन्वेषण, संसाधनों के वैज्ञानिक विकास और संरक्षण का प्रावधान किया है।"

उन्होंने कहा कि गहरे खनिजों की खोज में तकनीकी हस्तक्षेप समय की मांग है और दोनों संगठनों को उद्योग की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से संलग्न रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के उपयोग से आईबीएम द्वारा शुरू की गई नई परियोजनाओं ने नीलामी और खनन कार्यों में अधिक पारदर्शिता लाई है।

इस अवसर पर बोलते हुए, एमईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री इंद्र देव नारायण ने कहा कि खनिज दिवस कार्यक्रम न केवल आईबीएम बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है क्योंकि यह संगठन पिछले 78 वर्षों से भारत की सेवा कर रहा है। उन्होंने आईबीएम की स्टार रेटिंग प्रणाली की सराहना की जो टिकाऊ खनन प्रथाओं को बढ़ावा देती है और खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए माइनिंग टेनमेंट सिस्टम की सराहना की। उन्होंने कहा कि आईबीएम खनिजों और खनन क्षेत्र के तेजी से बदलते परिदृश्य में सराहनीय काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आईबीएम देश में खनिज संसाधनों को सुरक्षित रखने तथा महत्वपूर्ण खनिजों के व्यवस्थित उपयोग और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि विभाग खनिज संवर्धन के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दे रहा है।

श्री नारायण ने कहा कि नागपुर में "खनन कुंभ" का आयोजन होता है क्योंकि यह शहर जीएसआई, आईबीएम और एमईसीएल का संगम है। उन्होंने भविष्य में खनन क्षेत्र में चुनौतियों का भी अनुमान लगाया और आईबीएम से इन चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा।

श्री पंकज कुलश्रेष्ठ, सीसीओएम (एमईएस) ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि आईबीएम ने एक लंबा सफर तय किया है और 1948 के स्थापना दिवस से इस दिन तक की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने खान मंत्रालय को डेटा और प्रश्नों के साथ सहायता प्रदान करने में आईबीएम द्वारा निभाई गई भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज इन दिनों एक बहुत ही महत्वपूर्ण क्षेत्र है और भारत सरकार इन खनिजों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि आईबीएम ई-ऑफिस, खनन निगरानी प्रणाली, एमटीएस मॉड्यूल और खनन क्षेत्रों की निगरानी में ड्रोन प्रौद्योगिकी के कार्यान्वयन के साथ डिजिटलीकरण में सबसे आगे है।

श्री कुलश्रेष्ठ ने भी इस बात पर सहमति जताई कि आगे चुनौतीपूर्ण समय है, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि विभाग और खनन क्षेत्र इन चुनौतियों पर काबू पा लेंगे।

उन्होंने हाल ही में चार लघु खनिजों को प्रमुख खनिजों की श्रेणी में लाने वाले संशोधनों का भी उल्लेख किया और कहा कि आईबीएम के क्षेत्रीय कार्यालयों को भविष्य में इन खनिजों को प्रमुख खनिजों के रूप में जोड़ने के कारण कार्यभार और अधिक जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहना होगा। इससे पहले, कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन, भक्ति गीत के गायन, मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के परिचय और गणमान्य व्यक्तियों के अभिनंदन के साथ हुई।

इस अवसर पर अधीक्षण अधिकारी (अयस्क ड्रेसिंग) डॉ. वी.ए.जे. अरुणा, सेवानिवृत्त महानियंत्रक श्री डी.एन.भार्गव तथा अन्य लॉग भी उपस्थित थे।

उप अयस्क ड्रेसिंग अधिकारी, श्रीमती प्रीति मिश्रा, ने समारोह की मेजबानी की। श्री अमित कांबले, डीओडीओ ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

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एमजी/केसी/पीएस


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