अणु ऊर्जा विभाग
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संसद के प्रश्न: परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा

Posted On: 03 APR 2025 6:38PM by PIB Delhi

परमाणु ऊर्जा के सभी पहलुओं - कि साइटिंग, डिजाइन, निर्माण, कमीशनिंग और संचालन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को अतिरेक, विविधता के सुरक्षा सिद्धांतों को अपनाते हुए डिजाइन किया गया है और परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) के कोड और गाइड के अनुरूप रक्षा संबंधी गहन चिंतन के बाद विफलता से मुक्त एक सुरक्षित डिज़ाइन जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। संचालन अत्यधिक योग्य, प्रशिक्षित और लाइसेंस प्राप्त कर्मियों द्वारा अच्छी तरह से निर्धारित प्रक्रियाओं को अपनाते हुए किया जाता है। परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में काम करने वाले सभी कर्मियों को उपयुक्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और निगरानी सहायता प्रदान की जाती है। परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा की एईआरबी द्वारा निरंतर निगरानी और समीक्षा की जाती है।

भारत बहुपक्षीय संगठन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) का सदस्य देश है और विभाग के वैज्ञानिक अधिकारी ज्ञान साझा करने के लिए उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकी विकास पर आईएईए द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में नियमित रूप से भाग लेते हैं।

एनपीसीआईएल द्वारा जागरूकता फैलाने और लोगों की आशंकाओं को दूर करने के लिए विश्वसनीय और समझने में आसान तरीके से एक संरचित बहुआयामी दृष्टिकोण पर आधारित एक व्यापक सार्वजनिक जागरूकता और आउटरीच कार्यक्रम को कार्यान्वित किया जाता है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, अंतरिक्ष विभाग और परमाणु ऊर्जा विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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