विद्युत मंत्रालय
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जल विद्युत उत्पादन में उतार-चढ़ाव

Posted On: 27 MAR 2025 5:04PM by PIB Delhi

वित्त वर्ष 2024-25 (फरवरी, 2025 तक) के लिए बिजली के लिए उपभोक्ता की देश में सबसे अधिक मांग 30.05.2024 को 2,49,856 मेगावाट थी। इस मांग को केवल 2 मेगावाट के मामूली अंतर के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

देश में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। देश की वर्तमान स्थापित उत्पादन क्षमता 470 गीगावाट है। सरकार ने अप्रैल, 2014 से 238 गीगावाट उत्पादन क्षमता जोड़कर बिजली की कमी के गंभीर मुद्दे का समाधान किया है, जिससे देश बिजली की कमी से बिजली पर्याप्तता की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा, 2014 से 2,01,088 सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) ट्रांसमिशन लाइनों, 7,78,017 एमवीए परिवर्तन क्षमता और 82,790 मेगावाट अंतर-क्षेत्रीय क्षमता को जोड़ा गया है, जिससे देश के एक कोने से दूसरे कोने तक 1,18,740 मेगावाट बिजली स्थानांतरित करने की क्षमता है।

20वें विद्युत ऊर्जा सर्वेक्षण की मध्यावधि समीक्षा के अनुसार, 2025-26 में देश में उपभोक्ता की सबसे अधिक मांग 277 गीगावाट रहने की उम्मीद है। देश को मौजूदा और निर्माणाधीन क्षमताओं के इष्टतम उपयोग के साथ इस अनुमानित मांग को पूरा करने का भरोसा है।

इसके अलावा, भारत सरकार ने देश में निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं:

  1. आईपीपी और केन्‍द्रीय उत्पादन स्टेशनों सहित सभी विद्युत उत्पादन कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे नियोजित रखरखाव या जबरन कटौती की अवधि को छोड़कर दैनिक आधार पर उत्पादन करें और पूर्ण उपलब्धता बनाए रखें।
  2. जल विद्युत  आधारित उत्पादन को इस प्रकार से निर्धारित किया जा रहा है, ताकि व्यस्त अवधि के दौरान मांग को पूरा करने के लिए जल का संरक्षण किया जा सके।
  3. उच्च मांग की अवधि के दौरान उत्पादन इकाइयों के नियोजित रखरखाव को न्यूनतम किया जा रहा है
  4. नई विद्युत उत्पादन क्षमता को समय पर बढ़ाने के लिए उसकी बारीकी से निगरानी की जा रही है।
  5. ईंधन की कमी को रोकने के लिए सभी ताप विद्युत संयंत्रों को कोयले की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
  6. विद्युत कानून की धारा 11 के अंतर्गत आयातित कोयला आधारित संयंत्रों को अपनी पूरी क्षमता से संचालन और विद्युत उत्पादन करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
  7. एनटीपीसी के गैस आधारित बिजली संयंत्रों के साथ-साथ अन्य जनरेटरों को उच्च बिजली मांग अवधि के दौरान शेड्यूल किया जा रहा है।
  8. सरकार ने विनियामक ढांचे के माध्यम से बिजली व्यापार की सुविधा प्रदान की है, जिसके तहत अधिशेष उत्पादन वाले राज्य तीन (3) बिजली एक्सचेंजों अर्थात भारतीय ऊर्जा एक्सचेंज (आईईएक्स), पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड (पीएक्सआईएल) और हिंदुस्तान पावर एक्सचेंज लिमिटेड के माध्यम से घाटे वाले राज्यों को बिजली बेच सकते हैं।
  9. बिजली एक्सचेंज में रियल टाइम मार्केट (आरटीएम), ग्रीन डे अहेड मार्केट (जीडीएएम), ग्रीन टर्म अहेड मार्केट (जीटीएएम), हाई प्राइस डे अहेड मार्केट (एचपीडीएएम) को जोड़कर बिजली बाजार में सुधार किया गया है। साथ ही, बिजली वितरण कंपनियों द्वारा अल्पकालिक बिजली की खरीद के लिए ई-बिडिंग और ई-रिवर्स के लिए डीईईपी पोर्टल भी है।

वर्ष 2024-25 (अप्रैल, 2024 से फरवरी, 2025) के दौरान जल विद्युत  उत्पादन 1,39,780 मिलियन यूनिट (एमयू) था, जबकि 2023-24 की इसी अवधि के दौरान यह 1,27,038 एमयू था, जो जल विद्युत  उत्पादन में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। जल विद्युत सहित नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से उत्पादन में किसी भी कमी/भिन्नता को थर्मल उत्पादन में इसी तरह के बदलाव के साथ संभाला जाता है, ताकि बिजली की मांग को पर्याप्त रूप से पूरा किया जा सके।

सरकार ने राष्ट्रीय ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) संसाधनों के एकीकरण को सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं ताकि विश्वसनीयता और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके:

  1. नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वृद्धि के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए अंतर-राज्यीय पारेषण नेटवर्क के विकास की योजना बनाई जा रही है। एंकरिंग वोल्टेज स्थिरता, कोणीय स्थिरता, हानि में कमी आदि के संदर्भ में बेहतर विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए अंतर-राज्यीय नेटवर्क के साथ आईएसटीएस नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं का मजबूत अंतर-संबंध बनाया जा रहा है।
  2. हरित ऊर्जा गलियारा योजना के अंतर्गत राज्यों को उनके राज्य के भीतर नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए पारेषण अवसंरचना स्थापित करने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) प्रदान की जा रही है।
  3. ट्रांसमिशन सुविधाओं के इष्टतम उपयोग के लिए भंडारण सुविधाओं के साथ नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करना
  4. नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की परिवर्तनशीलता को दूर करने के लिए तापीय उत्पादन में लचीलापन अनिवार्य है।
  5. सीईए (ग्रिड से कनेक्टिविटी के लिए तकनीकी मानक) विनियम, ग्रिड के सुरक्षित, संरक्षित और विश्वसनीय संचालन को सुनिश्चित करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन संयंत्रों के लिए न्यूनतम तकनीकी आवश्यकताओं को निर्धारित करते हैं। राष्ट्रीय ग्रिड से कनेक्टिविटी/इंटरकनेक्शन प्रदान करने से पहले नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों द्वारा उक्त विनियमों के अनुपालन को केंद्रीय ट्रांसमिशन यूटिलिटी (सीटीयूआईएल) और ग्रिड-इंडिया/आरएलडीसी द्वारा संयुक्त रूप से सत्यापित किया जाता है। किसी भी नए संयंत्र को ग्रिड से जोड़ने से पहले अनुपालन का पुख्ता सत्यापन किया जाता है।
  6. भारतीय विद्युत ग्रिड कोड के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों को आकस्मिकताओं के मामले में प्राथमिक और द्वितीयक आवृत्ति नियंत्रण में भाग लेना अनिवार्य है। हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों, ऊर्जा भंडारण प्रणालियों जैसे कि बीईएसएस (बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली) और पीएसपी (पंप भंडारण परियोजना) को नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में परिवर्तनशीलता को कम करने और ग्रिड को पर्याप्त आवृत्ति सहायता प्रदान करने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है।
  7. सौर और पवन संयंत्रों की निगरानी, ​​पूर्वानुमान और समय-निर्धारण के लिए नवीकरणीय ऊर्जा समृद्ध राज्यों और क्षेत्रों में 13 समर्पित नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन केन्द्रों (आरईएमसी) की स्थापना।

यह जानकारी विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री श्रीपद नाइक ने आज लोकसभा में दी।

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अनुलग्‍नक

लोक सभा में दिनांक 27.03.2025 को अतारांकित प्रश्न संख्या 4386 के भाग (घ) के उत्तर में संदर्भित अनुलग्नक

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए क्षमता संवर्धन का विवरण:

परियोजना

कार्यान्‍वयन एजेंसी

यूनिट संख्‍या

राज्‍य

क्षमता  (मैगावाट)

चालू करने का कार्यक्रम

 

 

ताप (10.03.2025 को)

 

 

केन्‍द्रीय क्षेत्र

4,900 मैगावाट

 

 

घाटमपुर टीपीपी

एनयूपीपीएल

यू-2

उत्‍तर प्रदेश

660

मई-25

 

 

बक्‍सर टीपीपी

एसजेवीएन

यू-1

बिहार

660

मई-25

 

 

खुर्जा एससीटीपीपी

टीएचडीसी

यू-2

उत्‍तर प्रदेश

660

जून-25

 

 

बक्‍सर टीपीपी

एसजेवीएन

यू-2

बिहार

660

सितम्‍बर-25

 

 

घाटमपुर टीपीपी

एनयूपीपीएल

यू-3

उत्‍तर प्रदेश

660

अक्‍तूबर-25

 

 

पतरातू एसटीपीपी

पीवीयूएनएल

यू-2

झारखंड

800

दिसम्‍बर-25

 

 

पतरातू एसटीपीपी

पीवीयूएनएल

यू-3

झारखंड

800

मार्च-26

 

 

राज्‍य क्षेत्र

4,380 मैगावाट

 

 

उदंगुडी एसटीपीपी स्‍टे-I

टीएएनजीईडीसीओ

यू-1

तमिलनाडु

660

मई-25

 

 

सागरदीघी टीपीपी स्‍टे-III

डब्‍ल्‍यूपीडीसीएल

यू-1

पश्चिम बंगाल

660

मई-25

 

 

यादाद्री टीपीएस

टीएसजीईएनसीओ

यू-4

तेलंगाना

800

जून-25

 

 

यादाद्री टीपीएस

टीएसजीईएनसीओ

यू-3

तेलंगाना

800

जुलाई-25

 

 

उदंगुडी एसटीपीपी स्‍टे-I

टीएएनजीईडीसीओ

यू-2

तमिलनाडु

660

अगस्‍त-25

 

 

यादाद्री टीपीएस

टीएसजीईएनसीओ

यू-5

तेलंगाना

800

सितम्‍बर-25

 

 

निजी क्षेत्र

0

 

 

कुल ताप (केन्‍द्र + राज्‍य + निजी)

9,280

 

 

पन (12.03.2025 को)

 

 

केन्‍द्रीय क्षेत्र

3,170 मैगावाट

 

 

पार्वती-II

एनएचपीसी

यू-1 से 4

हिमाचल प्रदेश

800

मार्च-25

 

 

रंगीत-IV

एनएचपीसी

यू-1 से 3

सिक्किम

120

दिसम्‍बर-25

 

 

सुबनसिरी लोअर

एनएचपीसी

यू-1 से 5

अरूणाचल प्रदेश

1250

दिसम्‍बर-25

 

 

टिहरी पीएसएस

टीएचडीसी

यू-1 से 4

उत्‍तराखंड

1000

अक्‍तूबर-25

 

 

राज्‍य क्षेत्र

950 मैगावाट

 

 

यूएचएल-III

बीवीपीसीएल

यू-1 से 3

हिमाचल प्रदेश

100

मार्च-25

 

 

लोअर सिलेरू एक्‍सटेंशन

एपीजीईएनसीओ

यू-1 से 2

आंध्र प्रदेश

230

अक्‍तूबर-25

 

 

लोअर कोपीली

एपीजीसीएल

यू-1 से 5

असम

120

सितम्‍बर-25

 

 

कुंदाह पम्‍पड स्‍टोरेज (चरण-I, चरण-II और चरण-III)

टीएएनजीईडीसीओ

यू-1 से 4

तमिलनाडु

500

दिसम्‍बर-25

 

 
   

निजी क्षेत्र

1,920 मैगावाट

   

कुटेहर

जेएसडब्‍ल्‍यू

यू-1 से 3

हिमाचल प्रदेश

240

जुलाई-25

   

पिन्‍नापुरम

जीआरईईएनकेओ

यू-1 से 8

आंध्र प्रदेश

1680

जुलाई-25

   

कुल जल विद्युत  (केन्‍द्र + राज्‍य + निजी)

6,040 मैगावाट

   

 

परमाणु

 

 

 

केन्‍द्रीय क्षेत्र

5,900 मैगावाट

 

 

 

कुदनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र

एनपीसीआईएल

यू-3

तमिलनाडु

4000

मार्च-26

 

 

 

प्रोटोटाइप फास्‍ट ब्रीडर रिएक्‍टर (पीएफबीआर)

बीएचएवीआईएनआई

 

तमिलनाडु

500

2025-26

 

 

 

राजस्‍थान परमाणु बिजली स्‍टेशन (आरएपीएस)

एनपीसीआईएल

यू-7 से 8

राजस्‍थान

1400

2025-26

 

 

 

कुल (ताप + पन+ परमाणु)

21,220 मैगावाट

 

 
                           

 

नवीकरणीय ऊर्जा :

84,310 मेगावाट सौर, 28,280 मेगावाट पवन और 40,890 मेगावाट हाइब्रिड बिजली सहित 1,53,920 मेगावाट नवीकरणीय क्षमता निर्माणाधीन है। इसमें से 34,855 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2025-26 तक जुड़ने की संभावना है।

ऊर्जा भंडारण परियोजनाएँ:

ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में, 13,050 मेगावाट/78,300 मेगावाट घंटा पम्प स्टोरेज परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं/सहमति प्राप्त कर चुकी हैं तथा 14,970 मेगावाट/54,803 मेगावाट घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली वर्तमान में निर्माण/बोली के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें से 6,853 मेगावाट/36,592 मेगावाट घंटा ऊर्जा भंडारण प्रणाली (3,180 मेगावाट/19,080 मेगावाट घंटा पम्प स्टोरेज परियोजनाएँ तथा 3,673 मेगावाट/17,512 मेगावाट घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली) को 2025-26 तक जोड़े जाने की संभावना है।

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