कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
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डिजिटल फसल सर्वेक्षण

Posted On: 25 MAR 2025 5:05PM by PIB Delhi

मोबाइल इंटरफेस के माध्यम से बोई गई फसल की जानकारी एकत्र करने के लिए डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) प्रणाली स्थापित की गई है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि डेटा सीधे खेत से लिया जाए। यह डेटाबेस प्रत्येक कृषि भूखंड के बारे में सटीक, वास्तविक समय की फसल क्षेत्र की जानकारी प्रदान करता है, जो सटीक उत्पादन अनुमान लगाने में मदद करेगा।

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और देश के अन्य आईटी कानूनों के अनुसार एग्री स्टैक विकसित किया है। एग्री स्टैक किसानों के डेटा की पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए किसानों के डेटा को केवल उनकी सहमति से एकत्र करता है। किसानों का अपने डेटा पर पूरा नियंत्रण होता है, जिसे केवल एक विशिष्ट उद्देश्य के लिए उनकी सहमति के आधार पर अधिकृत संस्थाओं के साथ साझा किया जाता है।

इसके अलावा, एग्री स्टैक को संघीय तरीके से विकसित किया गया है ताकि राज्यों का पूरे डेटा पर नियंत्रण हो। भारत सरकार एग्री स्टैक में मजबूत डेटा सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है, इसमे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) के साइबर सुरक्षा दिशा निर्देशों का पूरी तरह से अनुपालन किया जाता है। एग्री स्टैक किसानों की जानकारी को एक गुप्त कोड में भेजता है ताकि केवल निर्दिष्ट सिस्टम ही इसे पढ़ सके। सुरक्षित एपीआई और टोकन-आधारित प्रमाणीकरण सभी डेटा एक्सचेंजों को नियंत्रित करते हैं, जिससे डेटा तक नियंत्रित पहुंच सुनिश्चित होती है। इसके अलावा, सरकार इन सभी आईटी प्रणालियों का सुरक्षा ऑडिट करती है और जोखिमों की निगरानी करती है।

यद्यपि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ी है, लेकिन जिन किसानों के पास मोबाइल फोन नहीं हैं, उनके डिजिटल समावेशन को सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं। ऐसे व्यक्ति किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कृषि सखियों और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) जैसी मौजूदा सहायता संरचनाओं का उपयोग कर सकते हैं, ताकि वे एग्री स्टैक पर पंजीकृत होकर सेवाओं और लाभों तक पहुँच सकें।

 इसके अलावा, राज्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि कोई भी किसान एग्रीस्टैक का लाभ पाने से वंचित न रहे। सरकार मिशन के कार्यान्वयन के लिए सभी राज्यों को प्रशासनिक और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है।

डिजिटल कृषि मिशन के तहत राज्य किसान रजिस्ट्री में महिला किसानों सहित सभी भूमि धारक किसान शामिल हैं। किसान रजिस्ट्री एप्लिकेशन में किरायेदार और पट्टेदार किसानों को भी शामिल करने का प्रावधान है। कोई राज्य, राज्य की नीति के अनुसार ऐसे किसानों को किसान रजिस्ट्री में शामिल करने का निर्णय ले सकता है।

यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने दी।

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एमजी/केसी/जेएस


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