संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

एनटीआईपीआरआईटी ने आईआईटी रूड़की में "5जी यूज केस लैब्स: अवेयरनेस एंड प्री-कमीशनिंग रेडिनेस" विषय पर एक वर्कशॉप आयोजित की


दूरसंचार विभाग- एसआरआई  ने "5जी /6जी से आगे" और भारत सरकार के 6जी रोडमैप पर प्रजेंटेशन दी

5 जी प्रौद्योगिकी यूज केस पर ध्यान केंद्रित करते हुए दूरसंचार विभाग की फंडिंग के साथ आईआईटी रूड़की में 5जी यूज केस लैब तैयार की गई

आईआईटीआर, आईआईटीएम, ओईएम, एसआई आदि के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के साथ पैनल चर्चा आयोजित की गई

Posted On: 02 FEB 2024 5:41PM by PIB Delhi

"5जी/6जी से आगे" और भारत सरकार के 6जी रोडमैप पर "5जी यूज केस लैब्स: अवेयरनेस एंड प्री-कमीशनिंग रेडिनेस" विषय पर हुई एक वर्कशॉप में चर्चा की गई। दूरसंचार विभाग-श्री ( स्टैंडर्ड्स- आरएंडडी इनोवेशन) ने इस पर प्रजेंटेशन दीं और इस विषय पर विचार-विमर्श के लिए विशेषज्ञों को आमंत्रित किया। वर्कशॉप में लगभग 30 संस्थानों के 130 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

दो दिवसीय वर्कशॉप का उद्घाटन आईआईटी रूड़की में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की सदस्य (प्रौद्योगिकी) श्रीमती गुंजन दवे ने किया। नेशनल टेलीकम्युनिकेशंस इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी रिसर्च, इनोवेशन एंड ट्रेनिंग (एनटीआईपीआरआईटी), डीओटी, गाजियाबाद द्वारा आयोजित वर्कशॉप का उद्देश्य 5जी तकनीक के उपयोग के मामलों और भारत भर में स्थापित की जा रही 5जी यूज केस लैब्स के बारे में जागरूकता पैदा करना है, जिसमें दूरसंचार विभाग से फंडिंग के साथ विशेष रूप से आईआईटी रूड़की समेत उत्तरी क्षेत्र के संस्थानों पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है। एसआरआई प्रभाग, दूरसंचार विभाग-मुख्यालय संकाय, छात्रों और स्टार्टअप समुदायों द्वारा समय पर स्थापना और प्रभावी उपयोग के लिए 5जी प्रयोगशालाओं से संबंधित नीति, कार्यान्वयन और क्षमता निर्माण पहलुओं का नेतृत्व कर रहा है। देश भर में 100  5जी लैब्स की स्थापना के लिए पिछले साल प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कार दिया गया था।

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श्रीमती गुंजन दवे ने अपने उद्घाटन भाषण में शैक्षणिक संस्थानों से नए उपयोग के मामले बनाने के लिए 5जी यूज़ केस लैब का सर्वोत्तम उपयोग करने का आग्रह किया ताकि 5जी तकनीक का लाभ देश भर में समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान दिया जा सके।

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आईआईटी रूड़की के निदेशक श्री कमल किशोर पंत ने इस पहल की सराहना की और कहा कि उनका संस्थान अपनी पूरी क्षमता से प्रयोगशाला का दोहन करने के लिए उत्साहित है।

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उत्तराखंड सरकार के सचिव श्री दीपक कुमार,  महानिदेशक एनटीआईपीआरआईटी श्री देब कुमार चक्रवर्ती और अतिरिक्त महानिदेशक यूपी (पश्चिम) एलएसए डीओटी श्रीमती शुभा भंभानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

श्री रॉबर्ट रवि, एसआरआई, डीओटी मुख्यालय ने "5जी/6जी से परे" सुविधाओं और भारत सरकार के 6जी रोडमैप पर अपने विचार प्रस्तुत किए और बाद में 5जी उपयोग मामले ईकोसिस्टम प्रयोगशालाओं के प्रभावी उपयोग पर डीओटी-अकादमिक-उद्योग पैनल चर्चा का संचालन किया। पैनल के सदस्यों में ईसीई, आईआईटी रूड़की के प्रमुख विभाग; परियोजना निदेशक 5जी आईआईटीएम इंटीग्रेटेड टेस्ट बेड; सीईओ, मैसर्स कोरल टेलीकॉम-ओईएम; जीएम (डिजिटल परिवर्तन), टीसीआईएल-एसआई; डीडीजी (डब्ल्यूए), एनटीआईपीआरआईटी शामिल थे।

वर्कशॉप के दौरान, उद्योग द्वारा उद्यमों, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और ई-कॉमर्स गतिविधियों आदि के लिए 5जी के विभिन्न संभावित उपयोग के मामले प्रस्तुत किए गए और आईआईटी मद्रास, आईआईटी रूड़की और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों के फैकल्टी मेंबर्स और उद्योग प्रतिनिधियों, शोधकर्ता, छात्रों और दूरसंचार विभाग अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श हुआ।

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