सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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खादी कारीगरों की मजदूरी

प्रविष्टि तिथि: 07 DEC 2023 4:21PM by PIB Delhi

कारीगरों की कताई मजदूरी 7.50/-प्रति लच्छी से 10.00/-रुपये प्रति लच्छी बढ़ा दी गई है। सूती खादी, ऊनी खादी और पॉलीवस्त्र के लिए बुनाई मजदूरी में 10% की वृद्धि 01.04.2023. से की गई है।

खादी कार्यों में लगे खादी स्पिनरों और बुनकरों की कमाई प्रति टुकड़ा दर प्रणाली से उनके उत्पादन पर आधारित होती है। न्यू मॉडल चरखा (एनएमसी) पर स्पिनरों की औसत उत्पादन क्षमता लगभग 22 लाट प्रति दिन है, जिस पर मजदूरी10.00 प्रति लाट और कताई मजदूरी लगभग 220/- रुपये प्रति दिन  होती है, जिस पर 10% प्रोत्साहन और 12% कारीगर कल्याण कोष (एडब्ल्यूएफ) जोड़ा जाना है। इस प्रकार, कातने वालों की मज़दूरी लगभग 270/- रु प्रति दिन होती है। औसत बुनाई मजदूरी लगभग रु. 250/- से 500/- रु प्रति दिन, सूती खादी, रेशम खादी जैसी विभिन्न किस्मों के लिए बुनाई के आधार पर होती है।

उपरोक्त के अलावा, खादी कारीगरों की आय में सुधार के लिए, खादी विकास योजना के तहत केवीआईसी खादी संस्थानों को उत्पादन की मुख्य लागत पर 35% संशोधित विपणन विकास सहायता (एमएमडीए) प्रदान करता है, जिसमें से 35% मात्रा खादी कारीगरों को प्रदान की जाती है। 

एमएमडीए का लक्ष्य खादी कारीगरों को प्रोत्साहन के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करना है जिससे खादी के उत्पादन और बिक्री में सुधार हो सके। इसका उद्देश्य खादी संस्थानों से जुड़े कारीगरों की मजदूरी बढ़ाना और उनकी आजीविका में सुधार करना है।

खुले बाजार में सामान्य कपड़ा लागत के बराबर खादी कपड़े की लागत की भरपाई के लिए ग्राहकों को छूट प्रदान करने के लिए बिक्री बिंदु पर खादी पर छूट दी जा रही थी, जिसमें खादी कारीगरों के लिए कोई लाभ नहीं था। इस प्रकार, एमएमडीए का पूर्ववर्ती छूट से मिलान नहीं किया जा सकता है।

एमएमडीए दिशानिर्देशों के अनुसार, एमएमडीए प्रोत्साहन विशेष तिमाही के पूरा होने के 35 दिनों के भीतर तिमाही आधार पर केवीआईसी द्वारा वितरित किया जाएगा। एमएमडीए दावे ऑनलाइन प्रसंस्करण प्रणाली के माध्यम से तिमाही आधार पर केआई द्वारा प्रस्तुत किए जाते हैं। खादी संस्थानों द्वारा अपलोड किए गए एमएमडीए दावों की जांच के दौरान, केवल वे दावे जो अपेक्षित मापदंडों के अनुसार नहीं होते और जिनके अनुपालन के लिए अतिरिक्त जानकारी/दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, उन्हें केआई में वापस कर दिया जाएगा।

उपरोक्त के अलावा, केवीआईसी के क्षेत्रीय कार्यालय एमएमडीए दावों के प्रभावी कार्यान्वयन और समय पर वितरण के लिए नियमित जागरूकता शिविर, समीक्षा बैठकें और एमएमडीए योजना की निगरानी भी कर रहे हैं।

यह जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के रूप में दी।

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