सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
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प्रेस नोट

प्रविष्टि तिथि: 24 FEB 2023 6:10PM by PIB Delhi


आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) - त्रैमासिक बुलेटिन [अक्टूबर - दिसंबर 2022]

ए. परिचय


अपेक्षाकृत अधिक नियमित समय अंतराल पर श्रम बल के आंकड़ों की उपलब्धता की अहमियत को ध्‍यान में रखते हुए राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) ने अप्रैल 2017 में आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) का शुभारंभ किया।

पीएलएफएस के मुख्‍यत: दो उद्देश्य हैं:

- वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्‍ल्‍यूएस) में केवल शहरी क्षेत्रों के लिए तीन माह के अल्‍पकालिक अंतराल पर प्रमुख रोजगार और बेरोजगारी संकेतकों (अर्थात श्रमिक-जनसंख्या अनुपात, श्रम बल भागीदारी दर, बेरोजगारी दर) का अनुमान लगाना।

- सालाना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में 'सामान्य स्थिति' (पीएस+एसएस) और सीडब्ल्यूएस दोनों में रोजगार और बेरोजगारी संकेतकों का अनुमान लगाना।

पीएलएफएस में एकत्र आंकड़ों के आधार पर, जुलाई 2017 - जून 2018, जुलाई 2018 - जून 2019, जुलाई 2019 - जून 2020, जुलाई 2020 - जून 2021 और जुलाई 2021 - जून 2022 की अवधि के अनुरूप पीएलएफएस की पांच वार्षिक रिपोर्टें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को कवर करते हुए सामान्य स्थिति (पीएस+एसएस) और वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) दोनों में रोजगार और बेरोजगारी के सभी महत्वपूर्ण मापदंडों का अनुमान जारी किया गया है।


इन वार्षिक रिपोर्टों के अलावा, दिसंबर 2018 को समाप्त तिमाही से सितंबर 2022 को समाप्त तिमाही तक पीएलएफएस के सोलह त्रैमासिक बुलेटिन पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इन त्रैमासिक बुलेटिनों में श्रम बल संकेतकों का अनुमान जारी किया गया है, अर्थात श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर), श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर), बेरोजगारी दर (यूआर), शहरी क्षेत्रों के लिए वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) में रोजगार और काम के उद्योग में व्यापक स्थिति द्वारा श्रमिकों का वितरण प्रस्तुत किया गया है।

वर्तमान त्रैमासिक बुलेटिन अक्टूबर-दिसंबर 2022 तिमाही के लिए श्रृंखला में सत्रहवां है।

अक्टूबर-दिसंबर 2022 तिमाही के दौरान पीएलएफएस फील्डवर्क

अक्टूबर-दिसंबर, 2022 तिमाही के लिए आवंटित नमूनों के संबंध में जानकारी एकत्र करने का फील्ड कार्य 31.12.2022 तक प्रथम दौरे के नमूनों के साथ-साथ पुनरीक्षण नमूनों के लिए पूरा कर लिया गया था।

जून 2020 के बाद से ज्यादातर टेलिफोनिक मोड में पुनरीक्षण कार्यक्रम का प्रचार किया जाता है। अक्टूबर-दिसंबर, 2022 की अवधि के दौरान लगभग 94.29% पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए टेलीफोन पर जानकारी एकत्र की गई थी।

संबंधित तिमाही के लिए पीएलएफएस के अनुमानों का उपयोग करते समय इन पहलुओं को ध्यान में रखा जा सकता है।


बी. पीएलएफएस का सैंपल डिजाइन


शहरी क्षेत्रों में एक रोटेशनल पैनल सैंपलिंग डिजाइन का उपयोग किया गया है। इस पैनल योजना में, शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक चयनित परिवार का चार बार दौरा किया जाता है, शुरुआत में 'पहली मुलाकात अनुसूची' के साथ और तीन बार समय-समय पर 'पुनरीक्षण अनुसूची' के साथ। शहरी क्षेत्र में, प्रत्येक स्तर के भीतर एक पैनल के लिए नमूने दो स्वतंत्र उप-नमूनों के रूप में तैयार किए गए थे। रोटेशन की योजना यह सुनिश्चित करती है कि पहले चरण की नमूना इकाइयों (एफएसयू) [1] का 75% लगातार दो यात्राओं के बीच मेल खाता हो।

सी. नमूना आकार


अखिल भारतीय स्तर पर, शहरी क्षेत्रों में, अक्टूबर-दिसंबर 2022 की तिमाही के दौरान कुल 5,706 एफएसयू (यूएफएस ब्लॉक) का सर्वेक्षण किया गया है। सर्वेक्षण किए गए शहरी परिवारों की संख्या 44,722 थी और शहरी क्षेत्रों में सर्वेक्षण किए गए व्यक्तियों की संख्या 1,71,803 थी।

1. त्रैमासिक बुलेटिन के लिए प्रमुख रोजगार एवं बेरोजगारी संकेतकों की अवधारणात्‍मक रूपरेखा: आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) में महत्‍वपूर्ण रोजगार एवं बेरोजगारी संकेतकों जैसे कि श्रम बल भागीदारी दरों (एलएफपीआर) कामगार-जनसंख्‍या अनुपात ( डब्‍ल्‍यूपीआर), बेरोजगारी दर (यूआर), इत्‍यादि के अनुमान दिए जाते हैं। इन संकेतकों और 'वर्तमान साप्ताहिक स्थिति' को नीचे परिभाषित किया गया है:

ए. श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर): एलएफपीआर को कुल आबादी में श्रम बल के अंतर्गत आने वाले व्‍यक्तियों (अर्थात कहीं कार्यरत या काम की तलाश में या काम के लिए उपलब्‍ध) के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया जाता है।

बी. कामगार-जनसंख्‍या अनुपात (डब्‍ल्‍यूपीआर): डब्‍ल्‍यूपीआर को कुल आबादी में रोजगार प्राप्‍त व्‍यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया जाता है।

सी. बेरोजगारी दर (यूआर) : इसे श्रम बल में शामिल कुल लोगों में बेरोजगार व्‍यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया जाता है।

डी. वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस): सर्वेक्षण की तारीख से पहले पिछले 7 दिनों की संदर्भ अवधि के आधार पर निर्धारित गतिविधि की स्थिति को व्यक्ति की वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) के रूप में जाना जाता है।


2. अक्टूबर-दिसंबर 2022 तिमाही के लिए त्रैमासिक बुलेटिन मंत्रालय की वेबसाइट (https://mospi.gov.in) पर उपलब्ध है। मुख्य परिणाम संलग्न विवरणों में दिए गए हैं।


संलग्नक
पीएलएफएस के प्रमुख निष्कर्ष, त्रैमासिक बुलेटिन (अक्टूबर-दिसंबर 2022)

 

विवरण 1: 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए शहरी क्षेत्रों में सीडब्ल्यूएस में एलएफपीआर (प्रतिशत में) अखिल भारतीय

सर्वेक्षण अवधि

पुरुष

महिला

व्यक्ति

(1)

(2)

(3)

(4)

अक्टूबर-दिसंबर 2021

73.9

20.2

47.3
 

जनवरी-मार्च 2022

73.4

20.4

47.3
 

अप्रैल-जून 2022
 

73.5

20.9

47.5
 

जुलाई-सितंबर 2022

73.4

21.7

47.9

अक्टूबर-दिसंबर 2022.

73.3

22.3

48.2
 



 

विवरण 2: 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए शहरी क्षेत्रों में सीडब्ल्यूएस में डब्ल्यूपीआर (प्रतिशत में) अखिल भारतीय

सर्वेक्षण अवधि

पुरुष

महिला

व्यक्ति

(1)

(2)

(3)

(4)

अक्टूबर-दिसंबर 2021

67.8

18.1

43.2
 

जनवरी-मार्च 2022

67.7

18.3

43.4

अप्रैल-जून 2022
 

68.3

18.9

43.9
 

जुलाई-सितंबर 2022

68.6

19.7

44.5

अक्टूबर-दिसंबर 2022.

68.6

20.2

44.7
 


 

विवरण 3: शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए सीडब्ल्यूएस में यूआर (प्रतिशत में) अखिल भारतीय

सर्वेक्षण अवधि

पुरुष

महिला

व्यक्ति

(1)

(2)

(3)

(4)

अक्टूबर-दिसंबर 2021

8.3

10.5

8.7
 

जनवरी-मार्च 2022

7.7

10.1

8.2

अप्रैल-जून 2022
 

7.1

9.5

7.6
 

जुलाई-सितंबर 2022

6.6

9.4

7.2

अक्टूबर-दिसंबर 2022.

6.5

9.6

7.2


 

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एमजी/एमएस/एआर/केसीवी/डीके-


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