गृह मंत्रालय

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज कर्नाटक के बेंगलुरू में “भारतीय राजनीति - 65 साल के परिदृश्य और मोदी जी के नेतृत्व में परिवर्तन” विषय पर संवाद द्वारा आयोजित गोष्ठी को संबोधित किया


2014 में मोदी जी के नेतृत्व में एक पैराडाइम शिफ्ट हुआ, राजनीति प्रिविलेज से पोटेंशियल की ओर गई जिससे भारत पोटेंशियल से पॉवर की ओर बढ़ रहा है

2014 से पहले कुछ ख़ास परिवार के लोगों को ही मौका मिलता था इसीलिए प्रिविलेज था, अब जिसमें पोटेंशियल है उसी को जगह मिलती है, ये बहुत बड़ा पैराडाइम शिफ्ट हुआ

हमारी नीतियां टॉप टू बॉटम अप्रोच पर आधारित नहीं थीं, बल्कि बॉटम टू टॉप की अप्रोच पर आधारित हैं

2014 से पहले जातिवाद के आधार पर नीतियां बनती थीं, परिवारवाद के आधार पर मौके दिए जाते थे, और, तुष्टिकरण के आधार पर बजट के आवंटन होते थे, मोदी जी ने देश को इससे मुक्त किया है

हमारा भारत देश मदर ऑफ डेमोक्रेसी है, दुनिया को सबसे पहले लोकतंत्रिक व्यवस्था का विचार भारत ने दिया है

Posted On: 23 FEB 2023 9:45PM by PIB Delhi

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज कर्नाटक के बेंगलुरू में “भारतीय राजनीति - 65 साल के परिदृश्य और मोदी जी के नेतृत्व में परिवर्तन” विषय पर संवाद द्वारा आयोजित गोष्ठी को संबोधित किया। इस अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री बसवराज बोम्मई समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

श्री अमित शाह ने कहा कि आज हम आज़ादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में हैं और ये पीछे मुड़कर 1947 से 2022 तक की अपनी यात्रा को देखने का समय है। एक लोकतांत्रिक देश में ये बहुत ज़रूरी है कि समय के एक पड़ाव पर देश के विकास के लिए हुए प्रयासों का ऑब्जेक्टिवली एनालिसिस किया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि आज़ादी के 75 साल से 2047 तक के 25 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं और ये तय करने का समय है कि 2047 में हर क्षेत्र में हमारा देश विश्व में सर्वप्रथम और ग्लोबल लीडर हो।

श्री अमित शाह ने कहा कि जब हमारा देश आज़ादी हुआ तो संविधान सभा के सामने कई विकल्प थेऔर तब ये तय किया गया कि मल्टीपार्टी डेमोक्रेटिक पार्लियामेंट्री सिस्टम के आधार पर देश चलेगा। उन्होने कहा कि हमें याद रखना चाहिए कि हमारा भारत देश मदर ऑफ डेमोक्रेसी है, दुनिया को सबसे पहले लोकतंत्रिक व्यवस्था का विचार भारत ने ही दिया है।1950 से हमने चुनावी व्यवस्था को अपनाना शुरू किया, तब पार्टियां बननी शुरू हुईं। उस वक्त विचारधारा की दृष्टि से 4 बड़ी पार्टियां थीं। श्री शाह ने कहा कि उनकी पार्टी की विचारधारा का पहला मुख्य स्तंभ है- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, दुनिया में सारे देश भू-राजनीतिक हैं, लेकिन भारत एकमात्र भू-सांस्कृतिक देश है। दूसरा स्तंभ एकात्म मानववाद, अर्थात विकास के समय एकात्म मानववाद के आधार पर आगे बढ़नाऔर तीसरा, विकास पर सबसे पहला अधिकार वंचित का है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने बिना कोई भेदभाव किए लगभग 10 करोड़ गैस सिलिंडर बांटे, 11 करोड़ शौचालय बनाए औरकरोड़ों घरों में बिजली दी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि अंत्योदय का मतलब है विकास की सीढ़ी के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को सबसे ऊपर खड़े व्यक्ति के बराबर कर देना, जिससे पूरे समाज का विकास हो सके। हमारे देश की नीतियां इस देश की मिट्टी की सुगंध से बनी होनी चाहिए पश्चिमी देशों की नीतियों से नहीं। श्री शाह कहा कि उनकी पार्टी ने यह करके दिखाया है। उन्होने कहा कि उनकी पार्टी की नीतियां टॉप टू बॉटम अप्रोच पर नहीं बल्कि बॉटम टू टॉप की अप्रोच पर आधारित हैं। पार्टी नीचे की समस्याओं को समझकर उनका विश्लेषण करती है और फिर उनका समाधान ढूंढती है,उनके समाधान के साथ नीतियां बनती हैं और फिर वे टॉप टू बॉटम जाती हैं जहां उन्हें स्वीकारा जाता है। श्री शाह नेकहा कि 2004 से 2014 तक देश में पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति थी और कोई भी मंत्री प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री नहीं मानता था बल्कि हर मंत्री खुद को प्रधानमंत्री मानता था। सरकार से निवेशकों का भरोसा उठ चुका था, अंतिम 7 साल में 12 लाख करोड़ के घोटाले हुए और भ्रष्टाचार ने व्यवस्था को पूरी तरह से जकड़ लिया था। क्रोनी कैपिटलिज़्म चरम पर था, मंहगाई आसमान छू रही थी, भारत की गिनती फ्रैजाइल फाइव देशों में होनी शुरू हो गई थी, फिस्कल डेफिसिट उच्चतम स्तर पर था, ईज़ ञफ डूइंग बिज़नेस में हम 141वें स्थान पर पहुंच चुके थे और अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग आज़ादी के बाद के सबसे खराब स्तर पर थी। देश की बाह्य और आंतरिक सुरक्षा चरमरा गई थी और इतना बिखराव देश ने कभी नहीं देखा था।

 

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि 2014 में मोदी जी के नेतृत्व में एक पैराडाइम शिफ्ट हुआ, राजनीति प्रिविलेज से पोटेंशियल की ओर गई जिससे भारत पोटेंशियल से पॉवर की ओर बढ़ रहा है। 2014 से पहले कुछ ख़ास परिवार के लोगों को ही मौका मिलता था इसीलिए प्रिविलेज था, अब जिसमें पोटेंशियल है उसी को जगह मिलती है, ये बहुत बड़ा पैराडाइम शिफ्ट हुआ है। श्री शाह ने कहा कि 2014 तक जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण ने देश की नीतियों को ग्रसित करके रखा था। जातिवाद के आधार पर नीतियां बनती थीं, परिवारवाद के आधार पर मौके दिए जाते थे और तुष्टिकरण के आधार पर बजट के आवंटन होते थे। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण के तीनों नासूरों से देश की राजनीति को मुक्ति दिलाने का काम किया है और देश के इतिहास मेंये उनकी पार्टी का बहुत बड़ा योगदान है।

श्री अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने कभी भी लोगों को अच्छे लगने वाले फैसले नहीं लिए हैं बल्कि लोगों के लिए अच्छे हों, ऐसे फैसले लिए हैं। कभी भी वोट बैंक की राजनीति नहीं की, इसके कारण पैराडाइम शिफ्ट हुआ और हम आगे बढ़ते गए। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश की 10 करोड़ परिवारों की महिलाओं को शौचालय देकर उनका सम्मान बढ़ाने का काम किया है, इसे पैराडाइम शिफ्ट कहते हैं। देश के करोड़ों लोगों के घरों में आज़ादी के बाद पहली बार गैस, बिजली के साथ-साथ उनका 5 लाख रूपए तक का स्वास्थ्य का खर्चा आज नरेन्द्र मोदी सरकार उठा रही है। कोरोना के बाद देश के 80 करोड़ लोगों को ढाई साल से 5 किलो अनाज मुफ्त देकर उनके भोजन की चिंता मोदी सरकार ने की है। गरीबी रेखा के नीचे जीने वाले इन 80 करोड़ लोगों के जीवन में आज़ादी के कोई मायने नहीं थे, अर्थतंत्र के साथ उनका कोई जुड़ाव ही नहीं था और न ही उनके बैंक खाते थे। ऐसे करोड़ों लोगों के जीवन में स्वप्न भरने का कामप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया, जो पैराडाइम शिफ्ट का पहला पिलर है। इन 80 करोड़ लोगों के जीवन में आशा का संचार हुआ है और इनकी शक्ति को देश के विकास के साथ जोड़ा गया है। पहली बार 80 करोड़ लोगों को पता लगा है कि देश आज़ाद होने के बाद उनके बारे में भी कोई दिल्ली में सोच रहा है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पहले टुकड़ों में काम करने का विज़न था, अब संपूर्ण उन्मूलन की बात उनकी पार्टी की सरकार ने की है। सरकार ने देश के इकोसिस्टम, संस्कृति और जड़ के साथ जुड़ी हुई नई शिक्षा नीति बनाई है। नई ड्रोन नीति, नई स्वास्थ्य नीति,कमर्शियल कोल माइनिंग नीतिऔरनेश्नल पॉलिसी ऑन इलेक्ट्रॉनिक गुड्स बनाई है। साथ ही मेक इन इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी नीतियां भी बनाईं। एविएशन सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए उड़ान स्कीम बनाई, ग्रीन इंडिया राष्ट्रीय मिशन,और स्वच्छ भारतमिशन शुरू किया। श्री शाह ने कहा कि जीएसटी में हर महीने 1,50,000 करोड़ रूपए का कलेक्शन हो रहा है। प्रॉडक्शन लिंक्ड इन्सेन्टिव की नीति बनाई, जिसमें लगभग 8 लाख करोड़ का निवेश आया हैऔर हाल ही में ग्रीन हाइड्रोजन नीति बनाई है। उन्होने कहा कि डिजिटल इंडिया नीति के बाद आज भारत दुनिया में सबसे अधिक डिजिटल लेन-देन करने वाला देश है।

श्री अमित शाह ने कहा कि कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्वास्थ्य के लिए सबसे पहले देश में स्वच्छता अभियान चलाया, फिर घर-घर गैस सिलिंडर पहुंचाए, योग दिवस मनाने का काम किया, इसके बाद फिट इंडिया और खेलो इंडिया मूवमेंट चलाए और इसके बाद आयुष्मान भारत की बहुत बड़ी योजना लाए, जिससे 60 करोड़ लोगों को 5 लाख रूपए तक का सारा इलाज मुफ्त कर दिया। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने सस्ती दवा के लिए जनऔषधि केन्द्र बनाए और अब वेलनैस सेंटर बनाए। ये बताता है कि सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में किस प्रकार से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांस्फर से 1 लाख करोड़ रूपए से अधिक का भ्रष्टाचार खत्म हो गया है। इसे गवर्नेंस कहते हैं और गवर्नेंस में तकनीक का उपयोग कहते हैं।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने अपनी संस्कृतियों और भाषाओं को बहुत महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि देश में मेडिकल की पढ़ाई मातृभाषा में होनी चाहिए। उन्होने कहा कि भाषा विचार की अभिव्यक्ति है, विचार नहीं है और अभिव्यक्ति के माध्यम को ज्ञान मानने वाले ज्ञान की व्याख्या ही नहीं समझ सके। नई शिक्षा नीति में यह तय किया गया है कि बच्चे की प्राथमिक शिक्षा उसकी मातृभाषा में ही होगी।श्री शाह ने कहा कि सिर्फ हिंदी हमारी भाषा नहीं है, बल्कि कन्नड़, तमिल, तेलुगू और अन्य भाषाएं भी हमारी भाषाएं हैं।

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आरके / आरआर



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