जल शक्ति मंत्रालय

लंदन में गंगा कनेक्ट का समापन: उच्च स्तरीय अनुबंध और ठोस परिणामों की प्राप्ति


गंगा कनेक्ट चैप्टर लंदन, स्कॉटलैंड, वेल्स और मिडलैंड्स, यूके में स्थापित

स्कॉटलैंड- भारत जल भागीदारी की स्थापना

गंगा वित्त और निवेश मंच की स्थापना

Posted On: 27 NOV 2021 8:44PM by PIB Delhi

 

गंगा कनेक्ट प्रदर्शनी, जो कि 8 नवंबर से पूरे ब्रिटेन में चल रही थी, का समापन 25 नवंबर 2021 को लंदन में हुआ। यह राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, भारतीय उच्चायोग और सीगंगा का एक बड़ा प्रयास रहा है जिससे कि इसे वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकी कंपनियों, नीति निर्माताओं, उद्योग, निवेशकों और वित्त पेशेवरों के अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ जोड़ा जा सके।

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समापन सत्र में जल शक्ति मंत्री, श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और श्री राजीव रंजन मिश्र, महानिदेशक, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने भारतीय समुदाय के विख्यात सदस्यों के साथ एक वर्चुअल गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया, जो भारतीय उच्चायोग, लंदन, ब्रिटेन और अन्य में व्यक्तिगत रूप से और डिजिटल पुल के माध्यम से एकत्रित हुए। जल शक्ति मंत्री ने समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत की जिन्होंने उनसे सवाल पूछे और इस बारे में कई सुझाव भी दिए कि वे नमामि गंगे कार्यक्रम में कैसे शामिल हो सकते हैं और उनका समर्थन कर सकते हैं।

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मंत्री और महानिदेशक दोनों ने पूरे ब्रिटेन में विभिन्न सामुदायिक केंद्रों में प्रदर्शनी लगाने हेतु समुदाय के सदस्यों के अनुरोधों को स्वीकार किया। कई अन्य घटनाक्रमों से संबंधित लिए गए निर्णयों के बारे में मंत्री जी को सूचित किया गया, जिनकी घोषणा बाद में स्वागत समारोह के दौरान की गई।

यह प्रदर्शनी ग्लासगो में शुरू हुई और लंदन में समापन से पहले कार्डिफ, बर्मिंघम, ऑक्सफोर्ड तक गई। श्री अशोक कुमार सिंह, कार्यकारी निदेशक- परियोजनाएं, एनएमसीजी कार्डिफ में गंगा कनेक्ट में उपस्थित थे और बर्मिंघम में प्रदर्शनी में तकनीकी प्रतिनिधित्व करने वाले कार्यकारी निदेशक श्री डी.पी.मथुरिया उपस्थित थे। प्रदर्शनी के अंत में यूके में भारतीय उच्चायुक्त महामहिम गायत्री इस्सर कुमार और एनएमसीजी के कार्यकारी निदेशक, वित्त, श्री रोजी अग्रवाल द्वारा आयोजित शाम के एक स्वागत के रूप में चिह्नित किया गया। सीगंगा के प्रो विनोद तारे और श्री संघित आहूजा भी इसमें शामिल हुए।

अतिथियों का स्वागत करते हुए उच्चायुक्त ने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम श्री नरेन्‍द्र मोदी, माननीय प्रधानमंत्री की एक प्रमुख पहल है और जलवायु परिवर्तन और अपने पर्यावरण को साफ करने की दिशा में भारत सर्वोच्च प्राथमिकता रखता है।

अतिथियों के साथ आगे की बातचीत में श्री अग्रवाल ने 10 प्रमुख रणनीतिक घोषणाएं कीं, जिनके मुख्य अंशों को दो सप्ताह तक चलने वाली प्रदर्शनी में संक्षेप में प्रस्तुत किया गया। ये हैं:

गंगा कनेक्ट यूके कम्युनिटी एंगेजमेंट चैप्टर: गंगा कनेक्ट प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन के समुदाय के साथ जुड़ना था और पूरे ब्रिटेन के समुदाय सदस्यों से प्रमुख समर्थन प्राप्त हुआ है। समुदाय के नेता देश भर में ऐसे अध्याय बना रहे हैं जो सदस्यों और नमामि गंगे कार्यक्रम के बीच एक कड़ी स्थापित करेंगे। स्थापित अध्याय हैं: स्कॉटलैंड- गंगा कनेक्ट, वेल्स - गंगा कनेक्ट, मिडलैंड्स- गंगा कनेक्ट, लंदन- गंगा कनेक्ट।

प्रत्येक चैप्टर में संयोजक होंगे, जो विभिन्न हित समूहों को वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकी कंपनियों, निवेशकों और समुदाय सदस्यों सहित लोगों को नमामिगंगा कार्यक्रम से जोड़ेंगे। यह चैप्टर नमामि गंगे कार्यक्रम के बारे में जागरूकता को बढ़ाने के लिए पूरे वर्ष कार्यशालाओं और आउटरीच कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा। लगभग 100 सदस्य पहले से ही चार विभिन्न चैप्टरों में शामिल हो गए हैं।

नदियों की ट्विनिंग: सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम सहित नदी बेसिन प्रबंधन का ज्ञान, सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों को साझा करने के लिए नदियों की ट्विनिंग।

स्कॉटलैंड- भारत जल भागीदारी: यह साझेदारी 2017 के स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय अभियान और स्कॉटलैंड सरकार के समझौता ज्ञापन पर आधारित है। यह सहयोग भारतीय बाजार में प्रवेश करने के लिए पानी में विशेषज्ञता प्राप्त स्कॉटिश संस्थाओं के बीच उच्च स्तर की रुचि को समर्थन प्रदान करेगा और नमामि गंगे कार्यक्रम स्कॉटिश संस्थाओं के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश करने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करेगा।

अर्थ गंगा फ्रेमवर्क का उपयोग कर प्रभावी परियोजना: गंगा नदी के किनारे एक चुनिंदा क्षेत्र की प्रमुख आर्थिक गतिविधि उत्पन्न करने के लिए एक प्रमुख प्रभावी परियोजना की कल्पना की गई है। इस पहल से आजीविका के महत्वपूर्ण अवसर उत्पन्न होंगे और नई आर्थिक गतिविधियां आएंगी और इस प्रकार से पर्यावरण की दृष्टिकोण से दीर्धकालिक विकास का मॉडल दृष्टिकोण भी उत्पन्न होगा। इस पहल में दीर्धकालिक पर्यटन, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, चिरस्थायी ट्रांसपोर्ट और अन्य गतिविधियों जैसे कई पहलू शामिल होंगे। इस परियोजना को ग्लासगो में क्लाइड नदी के कायाकल्प और आर्थिक विकास के मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसका नेतृत्व सिटी ऑफ ग्लासगो कॉलेज और स्ट्रैथक्लाइड यूनिवर्सिटी द्वारा किया जाएगा।

गंगा वित्त और निवेश मंच: गंगा वित्त और निवेश मंच (जीएफआईएफ) की स्थापना के लिए कई निवेशक और वित्तीय कंपनियां एकजुट हो गई हैं। यह समूह रिवर बॉन्ड, ब्लू बॉन्ड्स, इम्पैक्ट एंड आउटकम बॉन्ड्स, क्रेडिट एन्हांसमेंट और गारंटी इंस्ट्रूमेंट्स जैसे वित्तिय उपकरणों को विकसित करेगा। वे दुनिया भर से नमामि गंगे कार्यक्रम में निवेश को बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ वाहन स्थापित करेंगे। यह समूह इकोसिस्‍टम संरक्षण में दीर्घकालिक निवेश को स्थापित करने के लिए अपनी तरह का पहला नदी जैव विविधता और संरक्षण बांड विकसित करने पर सहमत हो गया है। यह विभिन्न पहलों के लिए निरंतर वित्त पोषण और परियोजना वित्त के लिए एनएमसीजी और नमामि गंगे कार्यक्रम को लगातार सहायता प्रदान करेगा।

पर्यावरण प्रौद्योगिकी सत्यापन (ईटीवी) कार्यक्रम में नामांकित प्रौद्योगिकियां: ईटीवी कार्यक्रम के निरंतर विस्तार में तीन अभिनव प्रौद्योगिकी कंपनियों का चयन किया गया और ईटीवी कार्यक्रम पर ऑन-बोर्ड किया गया: प्रौद्योगिकी 1: फ्लोटिंग वॉटर ट्रीटमेंट सिस्टम | कंपनी: स्मार्टऑप्स; प्रौद्योगिकी 2: फॉरवर्ड ऑस्मोसिस | कंपनी: फॉरवर्ड वॉटर टेक्नोलॉजीज; प्रौद्योगिकी 3: दुर्गंध नियंत्रण | कंपनी: ओएसआईएल।

यह ईटीवी कार्यक्रम में कंपनियों की कुल संख्या को 40 से ज्यादा कर देता है जिनमें से 14 कंपनियां ब्रिटेन से हैं।

टेक एंड इनोवेशन फाइनेंसिंग: पर्यावरण प्रौद्योगिकी सत्यापन (ईटीवी) कार्यक्रम ने अब कंपनियों को सफलतापूर्वक ग्रैजुएट करना शुरू कर दिया है जो बड़े पैमाने पर तैयार हैं। ऐसा करने के लिए उन्हें पूरे देश में परियोजनाओं की शुरूआत करने के लिए उद्यम वित्त पोषण की आवश्यकता है। सफल उम्मीदवारों को समर्थन प्रदान करने के लिए लंदन स्टॉक एक्सचेंज के एआईएम सेगमेंट में सूचीबद्ध कंपनी ओपीजी पावर वेंचर्स के साथ एक साझेदारी स्थापित की जा रही है जो प्रौद्योगिकियों और नवाचारों का वित्तपोषण करने के लिए 3 मिलियन जीबीपी (30 करोड़ रूपये) की सुविधा प्रदान करेगी।

यूके-इंडिया वैज्ञानिक सहयोग: कई वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थान वैज्ञानिक और तकनीकी विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक ज्ञान पूल बनाने हेतु एक साथ आने पर सहमत हुए हैं जिससे सहयोगी अनुसंधान का विकास हुआ है। वैज्ञानिकों ने नदियों की प्रणालियों का कायाकल्प, जैव विविधता का संरक्षण, पारिस्थितिकी प्रणालियों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने के उपायों और आर्थिक विकास के लिए चिरस्थायी मॉडल बनाने के लिए चल रहे नवाचारों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति व्यक्त की है।

निम्नलिखित संस्थानों के वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग सेतु स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है: जेम्स हट्टन इंस्टीट्यूट, सिटी ऑफ ग्लासगो कॉलेज, स्ट्रैथक्लाइड यूनिवर्सिटी, कार्डिफ यूनिवर्सिटी, बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और यूनिवर्सिटी ऑफ सरे और क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी।

गंगा के लिए ग्लोबल यूथ: गंगा के लिए ग्लोबल यूथ एक स्वच्छ गंगा और सभी नदियों के लिए बड़े पैमाने पर वकालत करने के माध्यम से ज्ञान और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने के लिए एक साझा अभियान पर भारत और अन्य देशों के युवाओं का एक संघ होगा। यह संघ अंतःविषय चर्चाओं में शामिल होगा, पूरी दुनिया में जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छ गंगा मिशन में सहयोग को प्रोत्साहित करेगा, दुनिया में युवा छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को एक साथ लाएगा। इसका उद्देश्य स्वच्छ गंगा को हकीकत बनाना और बाकी दुनिया को भी अपने राज्यों में जमीनी स्तर तक इसी प्रकार की पहल करने के लिए प्रेरित करना है। युवाओं द्वारा सशक्त मिशन एक ऐसा अभियान है जो आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए फल-फूल सकता है, लगातार आगे बढ़ रहा है। आज के युवा जलवायु परिवर्तन के बारे में पहले से कहीं ज्यादा जागरूक हैं, और यह उनकी देखभाल और प्रतिबद्धता है जो कि उन्हें अधिक चिरस्थायी भविष्य के लिए समर्थन प्रदान करेगा।

ब्रिटेन में स्वच्छ गंगा चैरिटी को अंतिम रूप प्रदान करना: कम्युनिटी एंगेजमेंट चैप्टर की स्थापना के साथ, स्वच्छ गंगा यूके चैरिटी की स्थापना को जमीनी क्षेत्रों से काफी समर्थन प्राप्त हुआ है और इसके लिए आवश्यक सक्षम वातावरण को सक्रिय किया गया है। चैरिटी स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज किया गया है और आने वाले महीनों में गंगा के समुदायों और मित्रों को संगठित करने के उद्देश्य से जल्द ही इसकी स्थापना की जाएगी।

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एमजी/एएम/एके/एसएस

 



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