कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जन औषधि दिवस पर जम्मू के कठुआ में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया
जन औषधि दिवस पर सभी लोगों को बेहतरीन किफायती स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा की गई पहलों पर प्रकाश डाला जाता है : डॉ. सिंह
प्रविष्टि तिथि:
07 MAR 2020 6:43PM by PIB Delhi
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) , प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जम्मू के कठुआ स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल में जन औषधि दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये देशभर में स्थित जन औषधि केंद्रों के मालिकों और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के लाभार्थियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संवाद के टेलीविजन पर प्रसारण के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।

डॉ. सिंह ने जन औषधि दिवस मनाने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिवस का उद्देश्य भारत में जेनेरिक दवाओं के उपयोग को और भी अधिक बढ़ावा देना तथा इस बारे में जागरूकता उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि जन औषधि दिवस पर सभी लोगों को बेहतरीन किफायती स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों जैसे कि आयुष्मान भारत, पीएमबीजेपी, इत्यादि पर प्रकाश डाला जाता है।
डॉ. सिंह ने इस योजना के लाभों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने लोगों के बीच किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने वर्ष 2020 के आखिर तक देश के प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक पीएमबीजेपी केंद्र खोलने की योजना बनाई है।’ उन्होंने यह भी कहा कि जेनेरिक दवाएं मुहैया कराने के लिए ही इन केंद्रों की स्थापना की गई है, जो कम कीमतों पर उपलब्ध हैं और इसके साथ ही महंगी ब्रांडेड दवाओं जैसी बेहतरीन एवं प्रभावकारी भी हैं।
डॉ. सिंह ने बताया, ‘महंगी दवाएं आम आदमी का बजट बिगाड़ रही हैं और हाइपरटेंशन एवं मधुमेह जैसे गैर संचारी रोग (एनसीडी) बड़ी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहे हैं। ऐसे में मरीज प्रत्येक दिन दवा लेने पर विवश हो रहे हैं। इन रोगों की चपेट में आने वाले लोगों के लिए जन औषधि केन्द्र वरदान साबित हो रहे हैं।’
केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि अनेक कॉलेजों एवं अस्पतालों की स्थापना की बदौलत कठुआ शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य केंद्रों के एक केंद्र (हब) के रूप में उभर कर सामने आया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अनेक पुरातन एवं अप्रचलित कानूनों को निरस्त कर दिया गया है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा, ‘केंद्र शासित प्रदेश के रूप में सृजन के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास की गति कई गुना तेज हो गई है क्योंकि सभी प्रगतिशील केंद्रीय कानूनों को यहां बगैर किसी बाधा के सीधे ही लागू कर दिया गया है।’
उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करते हुए कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के लिए समस्त सावधानियां बरतने की सलाह दी।
इससे पहले कठुआ में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के लाभार्थियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए।
बाद में, केंद्रीय मंत्री ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए एक रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया।
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एएम/आरआरएस/एनआर-6196
(रिलीज़ आईडी: 1605789)
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