श्रम और रोजगार मंत्रालय

केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 226वीं बैठक संपन्न


15 साल बाद सामान्य पेंशन की बहाली से 6.3 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे

प्रविष्टि तिथि: 05 MAR 2020 4:56PM by PIB Delhi

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी), ईपीएफ की 226वीं बैठक आज आयोजित की गई। इस बैठक में बतौर उपाध्यक्ष श्रम एवं रोजगार सचिव श्री हीरालाल सामरिया मौजूद थे। केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री सुनील बर्थवाल ने सीबीटी, ईपीएफ के सदस्य सचिव के रूप में बैठक का संचालन किया।

केंद्रीय बोर्ड, ईपीएफ द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए: -

1)  केंद्रीय बोर्ड ने वर्ष 2019-20 के लिए ईपीएफ सदस्यों के खातों में ईपीएफ संचय पर 8.5% वार्षिक ब्याज दर देने की सिफारिश की है।

2)  केंद्रीय बोर्ड ने 15 साल के बाद बहाल सामान्य पेंशन की पुष्टि के साथ इसकी सराहना की। इससे 25.09.2008 या उससे पहले ईपीएस, 1995 के पूर्व पैरा 12-ए के तहत अदला बदली का विकल्प चुनने वाले लगभग 6.3 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे।

3)  केंद्रीय बोर्ड ने ईपीएफओ​​में सहायक (सहायक अनुभाग अधिकारी) के पद पर 240 उम्मीदवारों के समय पर चयन की सराहना की और यह भी बताया कि 2189 सामाजिक सुरक्षा सहायकों के चयन की प्रक्रिया चल रही है।

4)  केंद्रीय बोर्ड ने इस बात की भी सराहना की कि ईपीएफओ ने विभिन्न सेवा शुल्कों को हटवाने पर सफलतापूर्वक समझौते के बाद भारतीय स्टेट बैंक के साथ समाझौता किया है, इससे ईपीएफओ को सालाना 15 करोड़ रूपये की बचत होगी।

5)  केंद्रीय बोर्ड ने जम्मू और कश्मीर में ईपीएफ बकाये का संग्रहण करने के लिए जम्मू  एंड कश्मीर बैंक को पैनल में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

6)  केंद्रीय बोर्ड ने नौकरी के दौरान मृत कर्मचारी के परिवार के सदस्यों को न्यूनतम 2.5/3 लाख रूपये के आश्वासन लाभ के प्रस्ताव को विस्तारित करने की सिफारिश की है। इससे पहले मृत्यु के महीने से पहले 12 महीनों की निरंतर अवधि के दौरान एक से अधिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारी को 2.5 लाख रुपये की न्यूनतम आश्वासन राशि और 6​​लाख रुपये की अधिकतम आश्वासन राशि नही दी जाती थी। अब बोर्ड ने इन लाभों को देने की स्वीकृति दे दी है, भले ही किसी  कर्मचारी ने कई प्रतिष्ठानों में काम किया हो।

7)  केंद्रीय बोर्ड ने अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्तों को शक्ति प्रदान करने के लिए ईडीएलआई योजना 1976 के पैरा 28 (4) में संशोधन को मंजूरी दी ताकि ऑनलाइन छूट प्रदान की जा सके। इससे 25,000 से अधिक प्रतिष्ठानों के लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा।

बैठक में नियोक्ता संघों एंव ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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