संस्‍कृति मंत्रालय

राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में गठित राष्ट्रीय समिति की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की


पुर्तगाल ने महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित ‘गांधी सिटीजनशिप एजुकेशन प्राइज’ की घोषणा की

प्रविष्टि तिथि: 19 DEC 2019 7:42PM by PIB Delhi

 राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज राष्ट्रपति भवन में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में गठित राष्ट्रीय समिति की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उपराष्ट्रपति श्री एम.वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रतिष्ठित गांधीवादी विचारकों सहित राष्ट्रीय समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में समिति के एकमात्र विदेशी प्रधानमंत्री पुर्तगाल के प्रधानमंत्री महामहिम श्री अंतोनियो कॉस्ता ने भी शिरकत की।

      महात्मा गांधी के संदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के लिए राष्ट्रपिता की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में समिति का गठन किया गया था। जयंती समारोह 2 अक्टूबर, 2018 से 2 अक्टूबर, 2020 तक मनाया जाएगा।

      अपने शुरूआती व्याख्यान में गृह मंत्री श्री अमित शाह ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में देश और विदेश में चलने वाली प्रमुख गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित कार्यक्रमों में महात्मा गांधी के आदर्शों, उनके दर्शन और उनके जीवन को रेखांकित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल सरकारी स्तर पर नहीं हो रहा है, बल्कि पूरे देश और दुनिया भर में यह जन-आंदोलन का रूप ले रहा है। गृह मंत्री ने भविष्य में कार्यक्रमों के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए।

      इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह हम सब के लिए हर्ष का विषय है कि पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान राष्ट्रीय समिति के मार्गदर्शन में महात्मा गांधी का संदेश पूरी दुनिया और देश भर में जन-साधारण तक पहुंचा है।

      राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को जन-आंदोलन में परिवर्तित कर दिया है। इस आंदोलन में भारी संख्या में जनता की भागीदारी से स्वच्छ भारत के विषय में गांधी जी का सपना 5 वर्ष की कम अवधि के दौरान वास्तविकता में बदल गया है। इस दिशा में भारत को खुले में शौच से मुक्त बनाने का सफल प्रयास सामने आया है। पिछले चंद महीनों में सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जनता में जागरूकता बढ़ी है। गांधी जयंती से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों के प्रति युवाओं के उत्साह से यह साबित होता है कि गांधीवादी सोच को हमारी भावी पीढ़ियां सुरक्षित बनाएंगी।

      राष्ट्रपति ने कहा कि गांधीवादी विचारधारा के जरिए ही हम महत्वपूर्ण सामाजिक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं। आज पूरे विश्व में गांधी जी का सम्मान है, क्योंकि दुनिया यह जानती है कि शांति, समानता और अहिंसा के संबंध में उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।

      विशिष्टजनों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहली बैठक में सदस्यों ने मूल्यवान सुझाव दिए थे, जिससे स्मृति कार्यक्रम का आकार देने में बहुत मदद मिली है। उन्होंने कहा कि विश्व आज महात्मा गांधी को जानने के लिए इच्छुक है और उन्हें अंगीकार करने के लिए तैयार है। इसलिए यह भारत की जिम्मेदारी है कि वह महात्मा गांधी और उनके दृष्टिकोण से विश्व को परिचित कराता रहे। प्रधानमंत्री ने गांधीवादी सिद्धांतों के अनुरूप काम करने और योगदान करने के लिए पुर्तगाल के प्रधानमंत्री की सराहना की। श्री मोदी ने कहा कि पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लिसबन के गांधी के रूप में लोकप्रिय हैं।

      प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी के संबंध में लालकिले से दिए गए अपने संदेश को दोहराया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी गांधी जी का बुनियादी दर्शन है, जिसमें भारत का विकास और प्रगति की क्षमता मौजूद है। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे इस आंदोलन को लोकप्रिय बनाएं, ताकि 2022 तक यह पूरे देश में फैल जाए। याद रहे कि 2022 में देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।

      प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश के लिए गौरव का विषय है कि राज्यसभा के हाल में सम्पन्न 250वें सत्र के दौरान सदस्यों को अपनी स्थानीय भाषा में बोलने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के संदेश को पूरे विश्व में पहुंचाने के लिए हमें उनके विचारों को समसामयिक तौर पर समझना होगा, ताकि देश के आमजन उससे लाभांवित हो सकें।

      पुर्तगाल के प्रधानमंत्री श्री अंतोनियो कॉस्ता ने कहा कि यह मेरे लिए बहुत गौरव का विषय है कि मैं राष्ट्रीय समिति का एकमात्र विदेशी प्रधानमंत्री सदस्य हूं। उन्होंने कहा कि सहिष्णुता और प्रेम के विषय में महात्मा गांधी का संदेश हमारे समय में एक क्रांतिकारी विचार है। न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आलेख वाई इंडिया एंड दी वर्ल्ड नीड गांधी’ की प्रशंसा करते हुए श्री कॉस्ता ने कहा कि अनेक कारणों से विश्व को गांधी की आवश्यकता है। गांधी जी की विरासत भेदभाव का मुकाबला करने, सांस्कृतिक और धार्मिक सहिष्णुता को प्रोत्साहन देने, समुदायों के सह-अस्तित्व, लोगों में शांति और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देती है। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधी जी के आदर्शों को कायम रखने के लिए पुर्तगाल गांधी सिटीजनशिप एजुकेशन प्राइज’ की शुरूआत कर रहा है। यह पुरस्कार गांधीवादी विचारों को प्रेरणा देने के लिए प्रति वर्ष दिया जाएगा। पहला पुरस्कार पशु कल्याण को समर्पित होगा, जैसा कि गांधी जी ने कहा था किसी राष्ट्र की महानता इस बात से तय की जा सकती है कि वहां पशुओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है।

      प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विदेश मंत्रालय द्वारा संकलित गांधी जी पर एक संग्रह ग्रंथ और संस्कृति मंत्रालय द्वारा संकलित स्मारक गतिविधियों पर एक पुस्तक का विमोचन किया तथा उनकी प्रतियां राष्ट्रपति को पेश कीं। इस संग्रह ग्रंथ में पूरे विश्व के 126 विशिष्ट व्यक्तियों का गांधी जी के उपदेशों पर अपने अनुभवों का लेखन मौजूद है। बैठक के दौरान गांधी@150 नामक एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें विश्व समारोह के अंग के रूप में स्मृति गतिविधियां पेश की गई हैं।

      राष्ट्रीय समिति में 125 सदस्य हैं, जिनमें 116 भारतीय हैं। समिति में राष्ट्रपति (अध्यक्ष), उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, वरिष्ठ सांसद और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक, सामाजिक विचारक और विभिन्न क्षेत्रीय प्रतिनिधि व कार्यकर्ता शामिल हैं। समिति में नौ अंतर्राष्ट्रीय सदस्य भी हैं, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव श्री कोफी अन्नान और श्री बान की-मून भी शामिल हैं।

 

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रमुख गतिविधियों के लिए यहां क्लिक करें

 

***

आर.के.मीणा/आरएनएम/एएम/एकेपी/एमएस-4992    

 


(रिलीज़ आईडी: 1597828) आगंतुक पटल : 99
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English