रक्षा मंत्रालय

एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने 26वें वायु सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाला

प्रविष्टि तिथि: 30 SEP 2019 4:48PM by PIB Delhi

एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया (पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, एडीसी) ने आज वायु सेना मुख्यालय, वायु भवन में आयोजित एक समारोह में वायु सेना के 26वें प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया।

भारतीय वायु सेना को दिए अपने संबोधन में एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा, “दुनिया की सबसे बेहतरीन वायु सेनाओं में से एक (भारतीय वायु सेना) का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी प्राप्त करके मैं बहुत सम्मानित और विशेष महसूस कर रहा हूं। भारतीय वायु सेना को निर्मित करने वाले मेरे शानदार पूर्ववर्तियों ने जो असाधारण उपलब्धियां और उल्लेखनीय नेतृत्व प्रदर्शित किया है, उसी से मैं असीम बल प्राप्त करता हूं। भारतीय वायु सेना और देश को गौरव दिलाने में उनके विज़न, अथक प्रयासों और असाधारण नेतृत्व के लिए मैं एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। भारतीय वायु सेना का ध्यान नए शामिल किए गए प्लेटफार्मों और उपकरणों को तेजी से संचालन में लाने के साथ-साथ भारतीय वायु सेना की परिचालन योजनाओं में इन क्षमताओं के जल्द से जल्द और पूर्ण एकीकरण को सुनिश्चित करने पर होगा। स्वदेशी डिजाइन और विकास पर निर्भरता बढ़ाने के साथ महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और महत्वपूर्ण क्षमताओं के अधिग्रहण के माध्यम से आधुनिकीकरण पर ज़ोर दिया जाएगा। हम अपने सभी मौजूदा बेड़ों और उपकरणों के निर्वाह के लिए स्वदेशीकरण को बढ़ावा देंगे।” उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व के साथ-साथ विमानों और अन्य युद्ध लड़ने वाले उपकरणों की सुरक्षा के महत्व पर भी ज़ोर दिया।

प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पूर्व छात्र रहे एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने वायु सेना अकादमी से प्रतिष्ठित 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की और 15 जून 1980 को उन्हें भारतीय वायुसेना के लड़ाकू दल में कमीशन किया।

उनके पास सत्ताईस प्रकार के लड़ाकू विमानों और परिवहन विमानों पर 4270 घंटों से भी अधिक घंटे का अनुभव है। उन्हें एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट, कैट 'ए' योग्यता प्राप्त फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर होने का अनूठा गौरव हासिल है। उन्होंने बांग्लादेश के कमांड एवं स्टाफ कॉलेज से रक्षा अध्ययन में परास्नातक की पढ़ाई पूरी की है।

अपने लगभग चार दशक लंबे शानदार करियर के दौरान एयर चीफ मार्शल भदौरिया कई महत्वपूर्ण फील्ड और स्टाफ नियुक्तियों पर रहे हैं जिनमें फ्रंट लाइन जगुआर स्क्वॉड्रन की कमान, दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में एक प्रमुख वायु सेना स्टेशन की कमान, वायुयान एवं प्रणाली परीक्षण प्रतिष्ठान में फ्लाइट टेस्ट स्क्वॉड्रन के कमांडिंग अधिकारी और तेजस हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) परियोजना पर राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र के परियोजना निदेशक और साथ ही साथ चीफ टेस्ट पायलट के पद शामिल हैं। वे तेजस हल्के लड़ाकू विमान के प्रारंभिक प्रोटोटाइप के उड़ान परीक्षण के काम में व्यापक स्तर पर शामिल थे।

वे एयर अताशे मॉस्को, वायु सेना के सहायक प्रमुख (परियोजनाएं), राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के कमांडेंट, सेंट्रल एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ अधिकारी, वायु सेना के उप प्रमुख, दक्षिणी वायु सेना कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, प्रशिक्षण कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे हैं। वायु सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने से पहले वे वायु सेना के उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त रहे हैं।

उनकी सराहनीय सेवा के लिए एयर चीफ मार्शल भदौरिया को 2002 में वायु सेना पदक (वीएम), 2013 में अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और 2018 में परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) से सम्मानित किया गया। उन्हें 1 जनवरी 2019 को भारत के माननीय राष्ट्रपति के मानद वायु सेना एडीसी के तौर पर नियुक्त किया गया।

उनका विवाह श्रीमती आशा भदौरिया से हुआ और इस दंपति के यहां बेटी सोनाली और बेटे सौरव का जन्म हुआ।

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आर.के.मीणा/आरएनएम/एएम/जीएसबी-3362


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