विधि एवं न्याय मंत्रालय
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के राष्ट्रीय ई-प्रशासन प्रभाग (एनईजीडी) ने नेशनल लॉ इन्स्ट्रीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू), भोपाल के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए
प्रविष्टि तिथि:
30 SEP 2019 8:56PM by PIB Delhi
एनईजीडी ज्ञान प्रबंधन प्रणाली (एलएमएस) के जरिये साइबर कानून, अपराध जांच प्रक्रिया तथा डिजिटल फारेंसिक पर ऑनलाइन क्षमता निर्माण कार्यक्रम को लागू करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के राष्ट्रीय ई-प्रशासन प्रभाग (एनईजीडी) और नेशनल लॉ इन्स्ट्रीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू), भोपाल के बीच आज नई दिल्ली में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए। इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव, एनएलयू, दिल्ली के कुलपति तथा राजीव गांधी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (आरजीएनयूएल, पटियाला) कुलपति उपस्थित थे।
आज के डिजिटल युग में मोबाइल और कम्प्यूटर का उपयोग बढ़ता जा रहा है पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराधों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जो कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों, राज्य साइबर प्रकोष्ठों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों तथा न्यायिक अधिकारियों को साइबर फोरेंसिक मामलों को निपटाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है। एनएलआईयू, भोपाल के सहयोग से एनईजीडी साइबर कानून, अपराध जांच व डिजिटल फोरेंसिक में 9 महीने का ऑनलाइन पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम का विकल्प दे रहा है। इसके तहत ज्ञान प्रबंधन प्रणाली (एलएमएस) के जरिये 1000 अधिकारियों को यह सुविधा दी जाएगी।
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू), दिल्ली के परिसर में एक साइबर फारेंसिक लैब की स्थापना की जाएगी। भविष्य में नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बैंगलुरू, राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, पटियाला आदि संस्थानों को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। एनएलआईयू, भोपाल सफल उम्मीदवारों को पीजी डिप्लोमा प्रमाण पत्र प्रदान करेगा।
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आरकेमीणा/आरएनएम/एएम/जेके/सीएस-3340
(रिलीज़ आईडी: 1586846)
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