उप राष्ट्रपति सचिवालय
उपराष्ट्रपति ने अक्षय ऊर्जा और आईटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत और मंगोलिया के बीच संबंधों को मजबूत करने का आह्वान किया
नई दिल्ली में मंगोलिया के राष्ट्रपति से मुलाकात की और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की
दोनों नेताओं ने आतंकवाद की निंदा की और खतरे से निपटने के लिए एकजुट वैश्विक प्रतिक्रिया का आह्वान किया
प्रविष्टि तिथि:
20 SEP 2019 5:32PM by PIB Delhi
उपराष्ट्रपति ने आज नई दिल्ली के हैदराबाद हाऊस में मंगोलिया के राष्ट्रपति श्री खाल्तमागिन बटुल्गा से बातचीत की और अक्षय ऊर्जा, विशेष कर सौर ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत और मंगोलिया के बीच संबंधों को मजबूत करने का आह्वान किया। श्री नायडू ने कहा कि इस क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के संदर्भ में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में मंगोलिया का शामिल होना एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि लगभग एक दशक के बाद मंगोलिया के राष्ट्रपति की यात्रा भारत के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी।
श्री नायडू ने कहा कि मंगोलिया और भारत न केवल रणनीतिक साझेदार हैं, बल्कि आध्यात्मिक तौर पर भाई-भाई हैं। श्री नायडू ने भारत में आने और बौद्ध अध्ययनों को आगे बढ़ाने के लिए मंगोलिया के और अधिक छात्रों, विद्वानों और भिक्षुओं का स्वागत किया।
उपराष्ट्रपति ने आज राष्ट्रपति बटुल्गा और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उलानबाटार में गंदन मठ में स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा के अनावरण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रतिमा भारत और मंगोलिया के लोगों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता का प्रतीक और हमारी साझा बौद्ध विरासत है।
उपराष्ट्रपति ने 2020 में भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 65वीं वर्षगांठ की चर्चा करते हुए 'रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर भारत-मंगोलिया संबंध के उन्नयन की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत मंगोलिया के साथ क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास में साझेदारी करने में रूचि रखता है और ए.बी. वाजपेयी सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन आईटी, मंगोलियाई युवाओं को आईटी शिक्षा और रोजगार प्रदान करेगा। उन्होंने इसके जल्द पूरा होने का आह्वान किया।
आम लोगों की भलाई के लिए लोकतंत्र, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कुशल कामकाज में साझा विश्वास के बल पर भारत और मंगोलिया को स्वाभाविक मित्र और साझेदार बताते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह भारत-मंगोलिया के बीच संबंधों की स्थापना की 65वीं वर्षगांठ मनाने के लिए मंगोलिया जाने के लिए इच्छुक हैं।
श्री नायडू ने मंगोलिया जाने वाले भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों को वीजा-ऑन-अराइवल सेवा प्रदान करने के मंगोलिया के निर्णय की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने मंगोलिया के राष्ट्रपति के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद की निंदा की और खतरे से निपटने के लिए एकजुट वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। एक तेल रिफाइनरी और रेलवे लाइन सहित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर युवा मामलों और खेल मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री किरण रिजिजू, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, सांसद श्री प्रहलाद सिंह पटेल, विदेश मंत्रालय की सचिव (पूर्वी) सुश्री विजय ठाकुर और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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आर.के.मीणा/आरएनएम/एएम/एसकेएस/जीआरएस–3135
(रिलीज़ आईडी: 1585686)
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