स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

डॉ. हर्षवर्धन ने जग्गा - बलिया की अत्यंत असाधारण सर्जरी के लिए एम्स के डॉक्टरों की सराहना की


इसे‘एम्स दिल्ली जग्गा - बलिया क्रेनियोपेगस सर्जरी’ के नाम से जाना जाएगा

प्रविष्टि तिथि: 06 SEP 2019 5:58PM by PIB Delhi

दो भाईयों – जग्गा और बलिया के शरीर आपस में जुड़े हुए थे। एम्स के डॉक्टरों ने अत्यंत असाधारण सर्जरी के माध्यम से दोनों भाईयों के शरीर को अलग-अलग कर दिया। यह सर्जरी सफल रही। आज दोनों भाई ओडिशा स्थित अपने पैतृक गांव जा रहे हैं।

इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एम्स के डॉक्टरों ने असाधारण प्रतिभा और संकल्प का परिचय दिया है। दोनों ही बच्चे जीवित हैं।पिछले 50 सालों में पूरी दुनिया में सर्जरी के द्वारा शरीर अलग किए गए बच्चों में से सिर्फ 10-15 ही जीवित बचे हैं। यह एक असाधारण उपलब्धि है। इस अवसर पर एम्स, नई दिल्ली केनिदेशकडॉ (प्रो.) रणदीप गुलेरियान्यूरोसर्जरी विभाग केविभागाध्यक्षडॉ (प्रो.) एस.एस. काले, न्यूरोसर्जरी विभाग की प्रोफेसर और टीम की प्रमुख,डॉ (प्रो.) दीपक गुप्ता,बाल रोग विभाग-न्यूरोलॉजी विभाग कीडॉ (प्रो.) शेफाली गुलाटी तथा अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे, जो 125 डॉक्टरों की टीम और सहायक टीम के सदस्य थे।

जग्गा – बलिया को 14 जुलाई, 2017 को एम्स नई दिल्ली में भर्ती कराया गया था। सर्जरी के पहले चरण में बलिया के ब्रेन को आंशिक रूप से जग्गा से अलग किया गया। यह सर्जरी 28 अगस्त, 2018 को 25 घंटे तक चली। दोनों बच्चों के शरीरों को 25 अक्तूबर, 2017 को अंतिम रूप से अलग-अलग किया गया। यह सर्जरी 20 घंटे तक चली।

न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ. दीपक गुप्ता ने इस सर्जरी से संबंधित एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

 

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आर.के.मीणा/आरएनएम/एएम/जेके/डीए 2883


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