उप राष्ट्रपति सचिवालय

युवा पीढ़ी में इतिहास, संस्कृति और विरासत समाहित होना चाहिएः उपराष्ट्रपति


हम पुरातात्विक स्थलों को संरक्षित एवं सुरक्षित करें

भारत का प्राचीन इतिहास साम्राज्यवादी शासन का शिकार बना

‘फेलिसिटेटिंग ए लिजेंडरी आर्कियोलॉजिस्ट बी.बी. लाल’ नामक पुस्तक का विमोचन किया

प्रविष्टि तिथि: 22 MAR 2019 7:28PM by PIB Delhi

      उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने प्रख्यात पुरातत्वविद डॉ. बी.आर. मणि, एयर वाइस मार्शल (सेवानिवृत्त) राजेश लाल, द्रौपदी ड्रीम ट्रस्ट की अध्यक्षा सुश्री नीरा मिश्र और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ. विनय कुमार द्वारा सम्पादित फेलिसिटेटिंग ए लिजेंडरी आर्कियोलॉजिस्ट बी.बी. लालनामक तीन खंड की पुस्तक का आज नई दिल्ली में विमोचन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी में इतिहास, संस्कृति और विरासत समाहित होना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने पुरातात्विक स्थलों की संरक्षा और सुरक्षा का आह्वान करते हुए कहा कि ये भारत की समृद्ध और सशक्त विरासत के प्रमाण हैं।

      उपराष्ट्रपति ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत का प्राचीन इतिहास साम्राज्यवादी शासन का शिकार बन गया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अनुसंधान से हमें निरंतर जानकारी मिलती है और विद्वानों की युवा पीढ़ी के लिए प्रत्येक उपलब्धि एक नया पैमाना है। उन्होंने कहा कि इतने युवा विद्वानों द्वारा लिखे गए लेखों को पढ़कर सचमुच प्रसन्नता होती है। इन्हें मौका देने के लिए उन्होंने सम्पादकों की सराहना की। श्री नायडू ने युवा पीढी को देश की महान विरासत, पुरातात्विक कौशलों, विविध संस्कृतियों और परम्पराओं के बारे में शिक्षित करने में पुरातात्विक स्थलों के महत्व की चर्चा की।

उपराष्ट्रपति ने संस्कृति मंत्रालय से मांग करते हुए कहा कि पुरातात्विक स्थलों को पर्यटकों के लिए आकर्षण केंद्र के रुप में बढ़ावा देना चाहिए और आगंतुकों को हमारे राष्ट्र और हमारी दिल्ली की महान विरासत से परिचित कराना चाहिए। उन्होंने प्रशासकों से अपेक्षा करते हुए कहा कि वे विभिन्न क्षेत्रों की प्राचीन विरासत को दर्शाने के लिए आर्कियोलॉजिकल पार्क विकसित करें और इस कार्य में आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करें, जिससे लोगों को पुरातात्विक पार्क तैयार करने का अनुभव मिले।

इस कार्यक्रम में अग्रणी पुरातत्वविद, इतिहासकार और प्राचीन भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति क्षेत्र के विद्वान व्यक्ति उपस्थित थे।    

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आर.के.मीणा/एएम/एसकेएस/सीएल-766

 


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