रक्षा मंत्रालय
एयर मार्शल आर नांबियार (पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम) ने पश्चिमी वायुसेना कमान में बतौर एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ कार्यभार संभाला
प्रविष्टि तिथि:
01 MAR 2019 7:13PM by PIB Delhi
एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार, परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, वायुसेना मेडल एवं बार, ने दिनांक 1 मार्च, 2019 को भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायुसेना कमान में बतौर एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ कार्यभार संभाल लिया है । पश्चिमी वायुसेना कमान के सभी प्रिंसिपल स्टाफ अधिकारी (पीएसओ) अपने जीवनसाथियों सहित इस अवसर पर उपस्थित थे । एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़गवासला के छात्र रहे हैं । उन्होंने दिनांक 11 जून 1981 को भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में बतौर फाइटर पायलट कमीशन प्राप्त किया था ।
एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार ने इस अवसर पर एक गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया एवं पश्चिमी वायुसेना कमान के लिये अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया । उन्होंने सभी सैन्यकर्मियों को उत्साहपूर्वक कार्य करने के लिये प्रेरित किया ताकि पश्चिमी वायुसेना कमान भारतीय वायुसेना की एवं समग्र रूप से देश के लक्ष्यों की प्राप्ति कर पाए ।
एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार एक प्रायोगिक परीक्षण पायलट हैं एवं उन्होंने लगभग 42 प्रकार के विमान उड़ाए हैं । भारतीय वायुसेना में एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार के खाते में कुल 5100 घंटे की उड़ान का अनुभव है इनमें से मिराज-2000 लड़ाकू विमान पर उड़ान के 2300 घंटे का अनुभव है, जो सर्वाधिक है । वह प्रायोगिक परीक्षण पायलट सोसाइटी के सदस्य हैं एवं हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) “तेजस” के परियोजना परीक्षण पायलट थे ।
एयर मार्शल नांबियार ने प्रतिष्ठित स्क्वैड्रन नंबर 1 की कमान संभाली है । वह वायुसेना मुख्यालय में स्पेस एप्लीकेशन्स के निदेशक, ऑफेन्सिव ऑपरेशन ने प्रधान निदेशक एवं वायुसेना स्टेशन ग्वालियर के मुख्य परिचालन अधिकारी थे । वह इज़राइल में भारतीय दूतावास में डिफेंस अटैश के रूप में तैनात थे । एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार वायुसेना स्टेशन जामनगर के एयर ऑफिसर कमांडिंग, एएसटीइ के कमाण्डेंट, पश्चिमी वायुसेना कमान के एयर डिफेंस कमांडर तथा दक्षिणी एयर कमान, प्रशिक्षण कमान एवं पश्चिमी वायुसेना कमान के सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर (सासो) जैसे प्रतिष्ठित पदों पर रह चुके हैं । वह वायुसेना मुख्यालय में उप वायुसेना प्रमुख भी थे । पश्चिमी वायुसेना कमान में एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ के रूप में कार्यभार संभालने से पहले वह पूर्वी वायुसेना कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ थे ।
करगिल युद्ध में अपनी उत्कृष्ट भूमिका के लिये एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार ने भारत के महामहिम राष्ट्रपति महोदय से वायुसेना मेडल प्राप्त किया है । उनको वर्ष 2002 में हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) की उड़ान के प्रथम चरण के दौरान उड़ान परीक्षण के लिये वायुसेना मेडल पर एक ‘बार’ से भी नवाज़ा गया है । उनको 1991 में वायुसेना प्रमुख द्वारा तथा 1995 में स्ट्रैटेजिक फोर्सेज़ कमान द्वारा प्रशस्ति भी प्राप्त हुई है । एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार को 2015 में अति विशिष्ट सेवा मेडल तथा 26 जनवरी 2019 को परम विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किया गया है ।
एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार का विवाह श्रीमती लक्ष्मी नांबियार से हुआ । उनका पुत्र अश्विन नांबियार एक कमर्शियल पायलट है ।
एक अलग समारोह में श्रीमती लक्ष्मी नांबियार ने भी वायुसेना पत्नी कल्याण संघ (ए.एफ.डबल्यू.डबल्यू.ए)- क्षेत्रीय के अध्यक्ष का पदभार संभाला । वायुसेना पत्नी कल्याण संघ (ए.एफ.डबल्यू.डबल्यू.ए) - क्षेत्रीय के सभी कार्यकारी सदस्य इस समारोह के साक्षी बने ।

आर.के.मीणा/एएम/एबी-
(रिलीज़ आईडी: 1569428)
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