सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
श्री नितिन गडकरी कल धौला कुआं जंक्शन पर चार-लेन के फ्लाईओवर का उद्घाटन करेंगे
रिकॉर्ड 136 दिन में हुआ फ्लाईओवर का निर्माण
धौला कुआं से आईजीआई हवाई अड्डे तक सिग्नल फ्री कॉरिडोर की दिशा में पहला कदम
इससे धौला कुआं ट्रैफिक लाइट पर प्रतीक्षा समय 30 मिनट कम होगा
प्रविष्टि तिथि:
01 MAR 2019 6:30PM by PIB Delhi
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, पोत परिवहन तथा जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी कल राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर धौला कुआं मेट्रो स्टेशन के पास धौला कुआं जंक्शन पर चार लेन के फ्लाईओवर का उद्घाटन करेंगे। इस फ्लाईओवर से व्यस्ततम समय में ट्रैफिक लाइट पर प्रतीक्षा समय 30 मिनट कम होगा। यह धौला कुआं से एयरपोर्ट कॉरिडोर तक सिग्नल फ्री आठ-लेन विकसित करने की दिशा में पहला कदम है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8 (नया रारा-48), दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से आईजीआई हवाई अड्डे के बीच संर्पकता की प्रमुख कड़ी है। गलियारे पर बार-बार यातायात जाम होने से लगभग 3 किलोमीटर के इस खंड को पार करने में 10-30 मिनट का समय लगता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से धौला कुआं इंटरचेंज से हवाई अड्डे तक सिग्नल फ्री कॉरिडोर विकसित किया है। इस परियोजना पर काम मार्च, 2018 में शुरू हुआ था।
इस परियोजना में प्रतिदिन लगभग 3 लाख पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) का यातायात प्रबंधन, बड़ी संख्या में नागरिक और रक्षा सुविधाओं की मौजूदगी, रक्षा बुनियादी ढांचें का स्थानांनतरण और सुरक्षा मंजूरी हासिल करना बड़ी चुनौतियां हैं। परियोजना पर काम 274 दिन की देरी से शुरू हुआ था, जिसमें से सुरक्षा प्रतिबंधों और पर्यावरण निषेध के कारण 136 दिन काम नहीं हो सका। इस प्रकार फ्लाईओवर का निर्माण मात्र 136 दिन के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया।
फ्लाईओवर के अलावा कल धौला कुआं से आईजीआई गलियारे को 6-लेन से चौड़ा कर 8-लेन का बनाने सहित पूर्ण सिग्नल फ्री धौला कुआं-हवाई अड्डा कॉरिडोर, जनकपुरी से रारा-8 से जुड़ने वाला तीन-लेन का फ्लाईओवर, परेड रोड जंक्शन पर तीन लेन का वाहन अंडरपास, 3 पीयूपी, 2 वीयूपी और पैदल यात्रियों के लिए एक फुट ओवर ब्रिज(एफओबी) का भी उद्घाटन किया जाएगा।
यह परियोजना दिल्ली और एनसीआर में यातायात दबाव को कम करने के लिए कार्यान्वित की जा रही नौ अन्य परियोजनाओं के अतिरिक्त होगी। यह परियोजनाएं- गुरुग्राम-सोहना रोड पर 22 किलोमीटर, 6-लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर है और 2000 करोड़ रुपये की लागत की इस परियोजना पर काम शुरू हो चुका है; रारा-1 पर मुकरबा चौक से पानीपत तक 8-लेन का दिल्ली-पानीपत राजमार्ग 2300 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है और इसका लगभग 48% काम हो चुका है; लगभग 9500 करोड़ रुपये लागत से 29 किलोमीटर तक 8 लेन का एक्सेस कंट्रोल द्वारका एक्सप्रेसवे, जिस पर काम शुरू हो चुका है; 5900 करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पैकेज II, III और IV, जिनमें से पैकेज II का 36%, पैकेज III का 76% और पैकेज IV का 32% काम पूरा हो चुका है; लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से खेकड़ा - ईपीई जंक्शन से शामली-सहारनपुर (रारा-709 बी) तक 124 किलोमीटर सड़क को चार लेन का बनाना; 1000 करोड़ रुपये की लागत से द्वारका / रारा-08 को वसंत कुंज-नेल्सन मंडेला रोड से जोड़ने के लिए रंगपुरी बाईपास, जो डीपीआर चरण में है; भारतमाला परियोजना के तहत दिल्ली के लिए 75 किलोमीटर की अर्बन एक्सटेंशन रोड (यूईआर-2) तीसरी रिंग रोड डीपीआर चरण में है, जिसे 4000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाना है और लगभग 2600 करोड़ रुपये की लागत से अक्षरधाम रारा-24 जंक्शन से बागपत रोड पर ईपीई जंक्शन तक 31.3 किलोमीटर को 6-लेन एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर हैं।
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आर.के.मीणा/एएम/एमके-
(रिलीज़ आईडी: 1569203)
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