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एमएसएमई सेक्टर हेतु जीएसटी परिषद द्वारा लिए गए विभिन्न निर्णयों पर अमल, संबंधित अधिसूचनाएं जारी

प्रविष्टि तिथि: 07 MAR 2019 5:49PM by PIB Delhi

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद ने 10 जनवरी, 2019 को आयोजित अपनी 32वीं बैठक में अन्य बातों के अलावा निम्नलिखित निर्णय लिए थे, जो 01 अप्रैल, 2019 से प्रभावी हो जाएंगेः

  • वस्तुओं के आपूर्तिकर्ताओं के लिए ज्यादा छूट सीमाः वस्तुओं के आपूर्तिकर्ताओं के लिए जीएसटी संबंधी पंजीकरण एवं अदायगी से छूट के लिए दो आरम्भिक सीमाएं यथा 40 लाख और 20 लाख रुपये तय की गई हैं। राज्यों के पास इन दोनों सीमाओं में से किसी एक का चयन करने का विकल्प होगा। सेवा प्रदाताओं के लिए पंजीकरण संबंधी आरम्भिक सीमा आगे भी 20 लाख रुपये ही रहेगी और विशेष श्रेणी वाले राज्यों के मामले में यह सीमा 10 लाख रुपये होगी।
  • सेवा और मिश्रित आपूर्तिकर्ताओं के लिए कम्पोजिशन स्कीमः सेवाओं के उन आपूर्तिकर्ताओं (अथवा मिश्रित आपूर्तिकर्ताओं) के लिए 6 प्रतिशत की टैक्स दर (3 प्रतिशत सीजीएसटी + 3 प्रतिशत एसजीएसटी) के साथ एक कम्पोजिशन स्कीम उपलब्ध कराई जाएगी, जिनका वार्षिक कारोबार (टर्नओवर) पिछले वित्त वर्ष में 50 लाख रुपये तक होगा।
  • वर्तमान कम्पोजिशन स्कीम के लिए कारोबार सीमा में वृद्धिः वस्तुओं के लिए कम्पोजिशन स्कीम से लाभ उठाने के लिए पिछले वित्त वर्ष में वार्षिक कारोबार की सीमा बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये की जाएगी। विशेष श्रेणी वाले राज्य स्वयं ही अपने यहां कम्पोजिशन सीमा के बारे में निर्णय लेंगे।

उपर्युक्त निर्णयों पर अमल के लिए निम्नलिखित अधिसूचनाएं जारी की गई हैं:

  • वस्तुओं के आपूर्तिकर्ताओं के लिए ज्यादा आरम्भिक छूट सीमा के लिए दिनांक 07 मार्च, 2019 को जारी अधिसूचना संख्या 10/2019 – केन्द्रीय कर।
  • सेवा एवं मिश्रित आपूर्तिकर्ताओं हेतु कम्पोजिशन स्कीम के लिए 07 मार्च, 2019 को जारी अधिसूचना संख्या 02/2019 – केन्द्रीय कर (दर), जो करदाताओं के लिए वैकल्पिक होगी।
  • वर्तमान कम्पोजिशन स्कीम के मामले में कारोबार या टर्नओवर सीमा में वृद्धि के लिए 07 मार्च, 2019 को जारी अधिसूचना संख्या 14/2019 – केन्द्रीय कर।

ये अधिसूचनाएं 01 अप्रैल, 2019 से प्रभावी हो जाएंगी।

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आर.के.मीणा/एएम/आरआरएस/एमएस-715


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