आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय

प्रधानमंत्री ने अनेक मेट्रो और अन्य परिवहन प्रणालियों के माध्यम से सुगम यात्रा हेतु मोबिलिटी सिंगल कार्ड के लिए अहमदाबाद में वन नेशन, वन कार्ड लॉन्च किया

Posted On: 04 MAR 2019 6:01PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अहमदाबाद में एक समारोह के दौरानट्रांसपोर्ट मोबिलिटी के लिए वन नेशन, वन कार्ड का शुभारंभ किया। वन नेशन वन कार्ड मॉडल, यानी नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) पर आधारित स्वदेशी स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली भारत में इस प्रकार की पहली ऐसी प्रणाली है।

 

परिवहन के लिए भारत का पहला स्वदेशी विकसित भुगतान इको-सिस्टम NCMC कार्ड मानकों पर आधारित है, जिसमें NCMC कार्ड, SWEEKAR (स्‍वचालित किराया : स्‍वचालित किराया संग्रह प्रणाली) और SWAGAT (स्‍वचालित गेट)शामिलहै।

 

ये डेबिट / क्रेडिट / प्रीपेड कार्ड प्रोडक्‍ट प्‍लेटफार्म पर बैंक द्वारा जारी किए गए कार्ड हैं। कस्‍टमर मेट्रो, बस, उपनगरीय रेलवे, टोल, पार्किंग, स्मार्ट सिटी और खुदरा खरीददारी सहित सभी क्षेत्रों में भुगतान के लिए इस सिंगल कार्ड का उपयोग कर सकता है। कार्ड में स्‍टोर्ड वैल्‍यू सभी स्‍टेकहोल्‍डरों को न्यूनतम वित्तीय जोखिम के साथ समस्‍त यात्रा आवश्यकताओं में ऑफ़लाइन लेनदेन में सपोर्ट करती है। इस कार्ड का सर्विस एरिया फीचर ऑपरेटर विशिष्ट अनुप्रयोगों,अर्थात मासिक पास, सीजन टिकट आदि में सपोर्ट करता है।

 

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) को देशभर में खुदरा खरीददारी और अन्‍य खरीददारी के अलावा, विभिन्न महानगरों और अन्य परिवहन प्रणालियों के माध्‍यम सेनिर्बाध यात्रा करने में सहायता देने के लिए विकसित किया है।

 

पृष्ठभूमि:

किफायती और सुविधाजनक यात्रा के लिए पूरे भारत में समाज के सभी वर्गों द्वारासार्वजनिक परिवहन काव्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। सार्वजनिक परिवहन में किराया चुकाने के लिए सबसे पसंदीदा तरीका, अर्थातनकद भुगतान की प्रथा जारी है। तथापि, नकद भुगतान से जुड़ी कई चुनौतियाँ हैं, जैसे किकैश हैंडलिंग,रेवन्‍यू लीकेज, कैश रिकंसिलियेशन आदि। स्वचालित किराया प्रणाली (एएफसी) का प्रयोग कर किराया संग्रह को स्वचालित और डिजिटाइज़ करने के लिए ट्रांजिट ऑपरेटरों द्वारा विभिन्न पहलें की गई हैं। इन ऑपरेटरों द्वारा जारी क्‍लोज्ड लूप कार्ड की शुरूआत ने किराया संग्रह को एक महत्वपूर्ण सीमा तक डिजिटल करने में मदद की है। फिर भी, इन पमेंट इंस्‍ट्रूमेंट्स के प्रतिबंधित उपयोग नेकस्‍टमर द्वारा डिजिटल प्रक्रिया अपनाने को सीमित कर दिया है।

 

एएफसी सिस्टम (गेट, रीडर्स / वेलिडेटर्स, बैकएंड इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि) किसी भी ट्रांजिट ऑपरेटर द्वारा किराया संग्रह  प्रक्रिया को स्वचालित करने के लिए महत्‍वपूर्ण है। भारत में अब तक एएफसी प्रणाली के कार्यान्वयन से जुड़ी जो बड़ी चुनौती थी, वह हैस्वदेशी समाधान प्रदाता का अभाव। अब तक विभिन्न महानगरों में उपलब्‍ध एएफसी सिस्टम विदेशी कंपनियों के हैं। वेंडर लॉक-इन से बचने और एक इंटरऑपरेबल सिस्‍टम बनाने के लिए, मेक इन इंडिया पहल के तहत स्वदेशी मानकों और AFC प्रणाली को विकसित करने की आवश्यकता थी।

 

खुदरा खरीददारी और अन्‍य खरीददारी के अलावा, महानगरों और अन्य परिवहन प्रणालियों के माध्‍यम से निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) कार्यक्रम की शरुआत की।

 

NCMC के लिए वेंडर एग्नॉस्टिक इंटरऑपरेबल इकोसिस्टम के साथ-साथ स्वदेशी AFC सिस्टम और बैंकिंग इंटरफेस विकसित करने के उद्देश्‍य से नेशनल इन्‍फॉर्मेटिक्‍स सेंटर (एनआईसी), सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक), ब्‍यूरो ऑफ इंडियन स्‍टैंडर्डस (बीआईएस), नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ एक समिति बनाई गई।

 

एनपीसीआई को एनसीएमसी इकोसिस्‍टम को सपोर्ट करने हेतु कार्ड और टर्मिनल के लिए विनिर्देशन विकसित करने का अधिदेश दिया गया था। भारतीय बाजार की सर्वश्रेष्ठ वैश्विक प्रथाओं और डाइनामिक्‍स के आधार पर, समिति ने NCV के रूप में स्‍टोर्ड वैल्‍यू के साथ EMV आधारित ओपन लूप कार्ड की सिफारिश की।

 

CDAC को AFC प्रणाली के लिए NCMC विनिर्देशन तथा बैंक सर्वर के साथ इंटरफेस को अंतिम रूप देने का कार्य सौंपा गया था। इस गतिविधि को पूरा करने के लिए CDAC ने NPCI के साथ मिलकर कार्य किया। उसके बाद, गेट्स और रीडर बनाने का कार्य बीईएल को सौंपा गया।

 

गेट एंड रीडर प्रोटोटाइप बीईएल द्वारा बनाया गया है। यह पहला गेट और रीडर है जिसे एक भारतीय कंपनी द्वारा निर्मित किया गया है। यह पहला इंडिजनस पेमेंट रीडर भी है जिसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रमाणित किया गया है। अब भारत उन विशेष देशों में शुमार हो गया है जिनके पास गेट और रीडर प्रोडक्‍शन की स्वदेशी क्षमता है।

 

NCMC इकोसिस्‍टम ग्राहकों के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्‍ध कराता है क्योंकि उन्हें अब विभिन्न उपयोगों के लिए ढेर सारे कार्ड ले जाने की जरूरतनहीं है। इसके अलावा, सुपर क्विक कन्‍टेक्‍टलेसट्रांजेक्‍शन से सीमलेस एक्‍सपिरियेंस में सुधार होगा। ऑपरेटरों के लिएकार्यान्वयनहेतु NCMC इकोसिस्‍टम,वेंडर लॉक-इन के बिना,ने कॉमन स्‍टैंडर्डस का अनुसरण कियाहै।

 

इससे उच्च डिजिटल भुगतान करने में, क्‍लोज्‍ड लूप कार्ड लाइफसाइकिल मैनेजमेंट लागतकी बचत करने में सहायता मिलेगी तथाऑप्‍रेटिंग लागत कम होगी। इसमें अंतर्निहित समृद्ध डेटा का उपयोग ऑप्‍रेटरों द्वारा बिजनेस इंटेलिजेंस के लिए किया जा सकता है जिसके परिणामस्‍वरूप परिचालन प्रभावकारी होगा।

 

NCMC इकोसिस्टम के साथ, बैंकों को उन सेगमेंट से ऐक्‍सस मिल जाएगी, जहांनकद भुगतान अधिक किया जाता है, लेकिन उसमे अनेक समस्‍याएं आती हैं। NCMC इकोसिस्‍टम आगे चलकरसरकार को कम मूल्य के भुगतानों के डिजिटलीकरण में मदद करेगा और पूरे इकोसिस्‍टम की लागत कम होगी।

 

डिजिटल किराया संग्रह के लिए पूरे NCMC इकोसिस्‍टम को प्रदर्शित करने हेतु, फील्ड परीक्षण के लिएदिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) केकुछ स्टेशनों पर संपूर्ण AFC प्रणाली को उपलब्‍ध कराया गया है। इस प्रायोगिक परीक्षण के तहत, DMRC के विभिन्न स्टेशनों पर NCMC समर्थित गेट उपलब्‍ध कराए गए हैं और उपयोगकर्ताओं को कई बैंकों द्वारा कार्ड जारी किए गए हैं।

 

DMRC में प्रायोगिक परीक्षण का उद्घाटन 31 जनवरी, 2019 को MoHUAद्वारा किया गया था। इस प्रायोगिक परीक्षण से हार्डवेयर की विश्वसनीयता में सुधार लाने और सॉफ्टवेयर का सुदृढ़ीकरण करने में मदद मिलेगी। इससे बड़े पैमाने पर स्वदेशी उत्पादन और इंडियन ट्रांजिट सिस्‍टम उपलब्‍ध कराने में भी सुविधा मिलेगी। सी-डैक, बीईएल, एनपीसीआई और एसबीआई के सहयोग से पहले स्तर के प्रायोगिक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरेकर लिए गए हैं।

 

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आर.के.मीणा/एएम/जीबीपी



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