पर्यटन मंत्रालय
ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित ‘भारत पर्व’ 2019 का रंगारंग उत्सव लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया
प्रविष्टि तिथि:
28 JAN 2019 6:20PM by PIB Delhi
पर्यटन मंत्रालय द्वारा ‘गणतंत्रता दिवस 2019’ के एक हिस्से के रूप में आयोजित भारत पर्व उत्सव में तीसरे दिन पारंपरिक कार्यक्रम, सेना के बैंड, योग की प्रदर्शनी और रसोई को सीधे प्रसारित किया गया। लाल किले पर आयोजित इस पर्व में बड़ी संख्या में दर्शकों ने हिस्सा लिया। लाल किले में इस पर्व के लिए प्रवेश निःशुल्क है और ये दोपहर 12 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक लोगों के लिए खुली हुई है। हालांकि आयोजन स्थल तक जाने के लिए अपना पहचान पत्र साथ लेकर जाएं। ये भारत पर्व का चौथा संस्करण है, जो कि 31 जनवरी 2019 तक चलेगा।
पर्यटन मंत्रालय ने पहली बार पर्व उत्सव में डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई थी जिसमें भारत सरकार के डिजिटल पहल जैसे इन्क्रेडिबल इंडिया की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, वर्चुअल रिएलिटी के जरिए भारत के आकर्षक पर्यटन स्थलों को दिखाकर इसके जरिए देश में पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है। इन्क्रेडिबल इंडिया के डिजिटल प्रदर्शनी बूथ में पर्यटन मंत्रालय ने वर्चुअल रिएलिटी पूर्वाभ्यास और दूसरे कंटेंट लिए गूगल आर्ट और कल्चर के साथ तालमेल किया। इसके अलावा वर्चुअल रिएलिटी के जरिए भारतीय पर्यटन स्थलों के नजारे तैयार करने के लिए एक नए स्टार्टअप एम/एस आउटसाइडवीआर को मौका दिया गया है।

इस साल का दूसरा आकर्षण पर्यटन मंत्रालय का ‘धरोहर को गोद लो’ योजना का स्टॉल रहा, जहां वीडियो के जरिए ‘स्मारक मित्र’ अपने स्मारक के बारे में बताते/ अपनी योजना के बारे में वीडियो के जरिए जानकारी देते या फिर अपने गोद लिए धरोहर के अनुभव को साझा करते नजर आए।

आज भारत पर्व में थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने स्टेटिक बैंड का नजारा पेश किया वहीं थल सेना ने डायनेमिक बैंड भी बजाए। झारखंड से आए कलाकारों ने छऊ नृत्य पेश किया। कर्नाटक के कलाकारों ने डोलू कुनिथा और जगलगे प्रस्तुत की। सिक्किम के कलाकारों ने तमांग सेलो प्रस्तुत किया। मध्यप्रदेश के कलाकारों ने गंगौर लोकनृत्य और मैहर बैंड का प्रदर्शन किया। जबकि उत्तराखंड के कलाकारों ने चपेली का प्रदर्शन किया. इसके अलावा कुदुंबश्री, केरल, छत्तीसगढ़, राजस्थान और कर्नाटक के विशेष व्यंजनों को बनाते हुए सीधे प्रदर्शित गया। आखिर में उत्तरी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनजेडसीसी) के कलाकारों ने नृत्य की प्रस्तुत किए।
29 जनवरी 2019 को तेलंगाना, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के व्यंजन बनाते हुए प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके अलावा पर्व क्षेत्र में असम, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, पंजाब, केरल और हरियाणा के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। सेना के बैंड की प्रस्तुति और उत्तरी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनजेडसीसी) के कलाकारों के नृत्य की प्रस्तुति की जाएगी।
पर्यटन मंत्रालय को इस आयोजन में प्रमुख मंत्रालय की भूमिका दी गई है। इस साल के प्रमुख आकर्षण में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के प्रतिरूप जिसे मशहूर मूर्तिकार श्री राम वानजी सुतार ने बनाया है, जिसमें ‘महात्मा गांधी के सिद्धांत’ को आधार बनाते हुए 10 पेंटिंग कलाकारों ने मिलकर गांधी ग्राम बनाया है। इसके अलावा गणतंत्र दिवस परेड की झांकी की प्रदर्शनी, सेना के बैंड की प्रस्तुति (स्टेटिक और डायनेमिक), फुड कोर्ट में अलग-अलग व्यंजनों की प्रदर्शनी, शिल्प मेला, देश के अलग अलग हिस्सों की सांस्कृतिक प्रस्तुति और शिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री इस आयोजन में अलग-अलग दिन आकर्षण के प्रमुख केंद्र रहे। इस पर्व में आईआरसीटीसी की विशेष पर्यटक ट्रेनों के बारे में भी जानकारी प्रदर्शित की गई। इसमे ‘जागो ग्राहक जागो’ ग्राहक जागरुकता अभियान और विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) द्वारा एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
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आरकेमीणा/एएम/पीटी
(रिलीज़ आईडी: 1561893)
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