रक्षा मंत्रालय

आईएनएस कोहासा- अंडमान में एक नई शुरूआत

प्रविष्टि तिथि: 24 JAN 2019 5:15PM by PIB Delhi

   एडमिरल सुनील लांबा पीवीएसएम, एवीएसएम, एडीसी, चैयरमैन सीओएससी और नौसेना प्रमुख ने आज नौसेना वायु स्‍टेशन आईएनएस शिबपुर की आईएनएस कुहासा के रूप में शुरूआत की। इस भव्‍य समारोह में वाइस एडमिरल विमल वर्मा, एवीएसएम, एडीसी कमांडर-इन–चीफ, अंडमान-निकोबार कमान सहित अनेक गणमान्‍य व्‍यक्तियों और वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भाग लिया। समारोह कार्यक्रम में औपचारिक गॉर्ड प्रस्‍तुति कमीशनिंग छोटी पताका फहराना और कमांडिंग अधिकारी, कमांडर कुलदीप त्रिपाठी द्वारा जहाज का वारंट पढ़ना शामिल थे। आईएन कुहासा को यह नाम व्‍हाइट बेलिड सी ईगल के नाम पर दिया गया है जो अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का स्‍थानीय बड़ा शिकारी पक्षी है।  

      एनएएस शिबपुर को उत्‍तरी अंडमान में निगरानी बढ़ाने के लिए एक फारवर्ड ऑपरेटिंग एयरबेस (एफओएबी) के रूप में वर्ष 2001 में स्‍थापित किया गया था। कोको आइलैंड (म्‍यांमार) के  नजदीक स्थित होने और भारतीय विशिष्‍ट आ‍र्थिक जोन ईईजेड के व्‍यापक विस्‍तार के कारण यह एक बहुत महत्‍वपूर्ण परिसंपत्ति बन जाता है। एयरफील्‍ड भारतीय वायु सेना और तटरक्षक विमानों के लिए विलगन परिचालन उपलब्‍ध कराता है। यह वायु स्‍टेशन शॉर्ट रेंज मेरीटाइम टोही (एसआरएमआर) वायुयान और हैलीकॉप्‍टर संचालित करता है। यह वायुयान स्‍टेशन दायित्‍व के एएनसी क्षेत्र में ईईजेड निगरानी एन्टी पोचिंग मिशन खोज और बचाव (एसएआर) और मानवीय सहायता आपदा राहत एचएडीआर मिशन संचालित करता है। मलेशियाई एयरलाइन फ्लाइट 370 के खोज परिचालनों के दौरान नौसेना और तटरक्षक के डार्नियर डीओ 228 इसी बेस से परिचालित हुए थे। नीति आयोग ने एनएएस शिबपुर की समावेशी द्वीप विकास के एक हिस्‍से के रूप में एक ‘अर्ली बर्ड’ के रूप में पहचान की थी। इस दिशा में एनएएस शिबपुर नागरिक उड़ान परिचालन में सहायता प्रदान करने के लिए यह सभी तरह से तैयार है। इसका रन-वे बढ़ाकर दस हजार फुट करने की भी योजना है ताकि निकट भविष्‍य में यह बड़ी बॉडी के वायुयानों का परिचालन भी कर सके।

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हिन्दी इकाई, पसूका, नई दिल्ली


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