जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय

नमामि गंगे के तहत 929 करोड़ रूपये की 12 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई


दिल्ली के कोरोनेशन पिलर एवं छतरपुर में दो एसटीपी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई

प्रविष्टि तिथि: 29 OCT 2018 11:20AM by PIB Delhi

                                                             

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की कार्यकारी समिति (ईसी) ने आज 16वीं बैठक में नमामि गंगे के तहत 929 करोड़ रूपये लागत की 12 परियोजनाओं को मंजूरी दी।

दिल्ली के लिए 580 करोड़ रुपये की लागत से 340 एमएलडी अपशिष्ट निवारण क्षमता के दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) मंजूर किए गए हैं। पहला, कोरोनेशन पिल्लर में 318 एमएलडी क्षमता का एसटीपी है। और दूसरा, छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में एक परियोजना है जहां विभिन्न सीवेज पंपिंग स्टेशन और कुल 22.5 एमएलडी क्षमता के 9 एसटीपी भी बनाए जाएंगे। सीवेज को यहां जमा कर फिर निवारण के लिए एसटीपी को भेज दिया जाएगा। इसके बाद इस साफ किए गए पानी का उपयोग आस-पास के आठ जल निकायों के विकास /संरक्षण और सिंचाई के लिए किया जाएगा। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार 256 करोड़ रुपये की राशि निर्गत करेगी।

उत्तर प्रदेश के लिए कुल 128 करोड़ रूपये की कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से एक मथुरा औद्योगिक क्षेत्र में 6.25 एमएलडी क्षमता की वस्त्र मुद्रण इकाई को सुधार के लिए चुना गया है। इसके अलावा, रामपुर में रामपुर ड्र्रेन की एक परियोजना को एनएसएन-टेक्नोलॉजी आधारित जैव ऑक्सीजनेशन का उपयोग करके और 30 ड्रेन में सुधार एवं राज्य के 123 ड्रनों का तीसरे पक्ष द्वारा निरीक्षण को भी मंजूरी दे दी गई है।

पश्चिम बेगाल में भी 50 करोड़ की लागत की दो परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। जिनमें से कांचापारा स्थित एक परियोजना की क्षमता को 13 एमएलडी से बढ़ाकर 18 एमएलडी करना है तथा साथ ही 15 वर्षों तक इसके संचालन एवं देखरेख की भी जिम्मेवारी दी गई है। फरक्का बैराज में हिल्सा मत्स्य पालन में सुधार के लिए एक अन्य परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के कार्यान्वयन से एकत्रित हिल्सा बीज के माध्यम से फरक्का बैराज द्वारा गंगा नदी में हिल्सा के प्राकृतिक भंडार में वृद्धि होगी। यह परियोजना प्रमुख गंगा नदी में फरक्का बैराज में हिल्सा प्रवासन का अध्ययन और निगरानी भी करेगी।

सीएसआर श्रेणी के तहत इस ईसी बैठक में दो और परियोजनाएं मंजूर की गई हैं जिन्हें कॉर्पोरेट समूहों द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा। इंडोरमा चैरिटेबल ट्रस्ट 26.33 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड में बद्रीनाथ और गंगोत्री में घाट और शमशान के कार्यों पर व्यय करेगी। जबकि शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई) ने 0.35 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिम बंगाल के कटवा में गंगा नदी के किनारों के नवीनीकरण और सुंदरता का कार्य करने की जिम्मेवारी ली है। 

 

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आर.के.मीणा/अर्चना/पीकेपी– 110032

 

 


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