आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्‍डलीय समिति (सीसीईए)

उत्‍तर प्रदेश में बहराइच और खलीलाबादके बीच नई रेल लाइन को कैबिनेट की मंजूरी


नई रेल लाइन से उत्‍तर प्रदेश के बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्‍ती और सिद्धार्थ नगर जैसे चार आकांक्षी जिलों और संतकबीर नगर जिले को फायदा होगा

निर्माण के दौरान इस परियोजना से करीब 57.67 लाख मानव दिवस के रूप में प्रत्‍यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे

परियोजना की कुल अनुमानित लागत 4939.78 करोड़ रुपए है; यह परियोजना 2024-25 में पूरी होगी

नई रेल लाइन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देगी


यह गौतमबुद्ध के जीवन से जुड़ी श्रावस्‍ती से होकर गुजरेगी


श्रावस्‍ती जैनधर्म के मतावलम्बियोंका एक महत्‍वपूर्ण पर्यटन केन्‍द्र भी है


नई रेल लाइन मां दुर्गा के प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठों में से एक देवीपाटन मंदिर के लिएभी बेहतर संपर्क सेवा उपलब्‍ध कराएगी

प्रविष्टि तिथि: 24 OCT 2018 2:15PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने उत्‍तर प्रदेश के बहराइच और खलीलाबादके बीच नई रेल लाइन को मंजूरी दे दी है। यह रेल लाइन भींगा, श्रावस्‍ती, बलरामपुर, उतरौला, डुमरियागंज, मेहदावलऔर बंसी से होकर गुजरेगी।इस बड़ी लाइन की कुल लम्‍बाई 240.26 किलोमीटर होगी।

     रेल परियोजना की अनुमानित लागत 4939.78 करोड़ रुपये है।उत्‍तर-पूर्वी रेलवे का हिस्‍सा बनने जा रही यह रेल लाइन 2024-25 तक बनकर तैयार हो जाएगी।परियोजना से जुड़ी निर्माण गतिविधियों के दौरान यह 57.67 लाख मानव दिवस के रूप में प्रत्‍यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराएगी।

नई रेल लाइन क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक महत्‍व वाले औद्योगिक विकास को बुनियादी आधारभू‍त संरचना उपलब्‍ध कराएगी।इसके साथ ही यह परियोजना बड़ी लाइन के जरिए क्षेत्र के आर्थिक विकास में मददगार बनेगी। यह बहराइच-खलीलाबाद के बीच वैकल्पिक रेल मार्ग के साथ हीसीमावर्ती जिलों को एक दूसरे से जोड़ेगी।

यह रेल लाइन गौतमबुद्ध के जीवन से जुड़े महत्‍वपूर्ण पर्यटन और तीर्थस्‍थल श्रावस्‍ती जिले के भींगा से होकर गुजरेगी। श्रावस्‍ती जैन धर्म केमतावलम्बियों का एक महत्‍वपूर्ण पर्यटन केन्‍द्र भी है। ऐसी मान्‍यता है कि यहां स्थिति शोभानाथ मंदिर तीर्थंकर संभवनाथ की जन्‍म स्‍थली है। बलरामपुर के नजदीक तुलसीपुर में स्थित देवीपाटन मंदिर मां दुर्गा के 51 प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। ऐसे में नई रेल लाइन से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

   इस रेल लाइन से परियोजना क्षेत्र में पड़ने वाले इलाकों के स्‍थानीय निवासियों को रेल सेवा उपलब्‍ध होने के साथ ही वहां के लघु उद्योगों को भी विकसित होने में मदद मिलेगी। नीति आयोग द्वारा चिन्हित किए गए 115 आकांक्षी जिलों में से 4 इस परियोजना क्षेत्र में हैं। इन जिलों में बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्‍ती और सिद्धार्थ नगर शामिल है। ऐसे में इस रेल परियोजना को क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए बहुत जरूरी माना गया है।

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अतुल कुमार तिवारी/आर.के. मीणा/अर्चना/मधुलिका/वाईबी-


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