गृह मंत्रालय
'तितली' चक्रवाती तूफान के आने की आशंका के मद्देनजर मंत्रिमंडल सचिव ने तैयारियों का जायजा लिया
चक्रवाती तूफान के गुरुवार सुबह 6-9 बजे के करीब ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों को पार करने का अनुमान
प्रविष्टि तिथि:
10 OCT 2018 8:02PM by PIB Delhi
ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के बीच समुद्री तटों पर तूफान 'तितली' के आने की आशंका को देखते हुए गुरुवार को मंत्रिमंडल सचिव श्री पीके सिन्हा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक बुलाई गई। मौसम विज्ञान विभाग ने 'तितली' को बेहद तेज हवा के साथ आने वाले गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा है। इसके 11 अक्टूबर को सुबह 6 से 9 बजे के बीच ओडिशा के गोपालपुर और कलिंगपटनम के मध्य समुद्र तट पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। तूफान के आने के समय हवा की रफ्तार 145-165 किलमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान लगाया गया है। बैठक में गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, भारतीय मौसम विभाग और एकीकृत रक्षा स्टाफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. ओडिशा, आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए वहां के मुख्य सचिव/अतिरिक्त मुख्य सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए मौजूद रहे।
राज्यों को प्रभाव की आशंका वालों जगहों से लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने, मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी देने, जरूरत का सामान घर में इकट्ठा करने, स्कूल-कॉलेजों को बंद करने संबंधी सूचनाएं प्रेषित की जा चुकी हैं। राज्य के जिलाधिकारियों और स्थानीय अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
एनडीआरएफ ने ओडिशा में 14 टीम, आंध्रप्रदेश में 4 टीम और पश्चिम बंगाल में तीन टीम को बचाव के लिए जरूरी उपकरणों के साथ प्रभाव वाले इलाकों में तैनात किया है। प्रभाव के दायरे में आने वाले इलाकों में अतिरिक्त टीमों को भी तैयार रखा गया है. इसके अलावा तीनों राज्यों ने बचाव कार्यों के लिए अपनी टीमों को भी पावर बोट के साथ लगाया है। थल सेना, जल सेना और कोस्ट गार्ड को भी तैयार रखा गया है ताकि सूचना मिलते ही उन्हें तैनात किया जा सके।
मंत्रालय सचिव ने खाना, ईंधन जैसी जरूरत की चीजों का भंडारण करने और बिजली सप्लाई और फोन लाइन को दुरुस्त रखने की जरूरतों पर बल दिया ताकि किसी भी आपदा से निपटा जा सके। उन्होंने ये भी सुनिश्चित किया कि तीनों राज्यों को केंद्र से पूरा सहयोग दिया जाएगा।
भूस्खलन के बाद के बाद चक्रवाती तूफान पूर्वोत्तर की तरफ मुड़ने और ओडिशा के समुद्र तटीय इलाकों से होते हुए पश्चिम बंगाल की ओर की आशंका है। जिससे कि इन इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।
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आर.के.मीणा/अर्चना/एसके-10668
(रिलीज़ आईडी: 1549562)
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