भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने 9 अक्टूबर, 2018 को जारी अधिसूचना के माध्यम से संयोजन विनियमन में किया संशोधन

प्रविष्टि तिथि: 10 OCT 2018 5:12PM by PIB Delhi

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अधिनियम के संयोजन प्रावधानों और संयोजन नियमों के इस्तेमाल को सरल बनाने और ज्यादा स्पष्टता लाने के प्रयासों के क्रम में 9 अक्टूबर, 2018 को फिर से संयोजन विनियमनों में संशोधन किया। इस संशोधन से नियमों में निश्चितता और पारदर्शिता आएगी और सीसीआई द्वारा संयोजन मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।

प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के प्रावधानों से संबंधित संयोजन नियमों के साथ ही संयोजन विनियमनों को 1 जून, 2011 को लागू किया गया था।

मौजूदा संशोधनों से एक अहम बदलाव यह आया है कि संयोजन से जुड़े पक्ष को अब अधिनियम की धारा 29 (1) के अंतर्गत जारी नोटिस पर स्वैच्छिक तौर पर जवाब देना होगा। यदि ऐसे उपाय प्रतिस्पर्धा के मानकों पर खरे होते हैं तो संयोजन को स्वीकृति दी जा सकती है। इस संशोधन से ऐसे संयोजन के मामलों में तेजी आने के अनुमान है।

एक अन्य अहम संशोधन में, जहां नोटिस में जानकारियों में खासा अंतर पाया जाता है तो संयोजनों से संबंधित पक्षों को नोटिस वापस लेने और उसे दुबारा जमा करने की अनुमति दी जाती है। इस संशोधन के साथ सीसीआई की तरफ से अमान्य ठहराए जाने की कार्रवाई का सामना किए बिना संबंधित पक्ष कमियां दूर कर सकते हैं। इसके अलावा, संबंधित नोटिस पर शुल्क पहले ही जमा किया जा चुका है तो इसे नए नोटिस के साथ समायोजित कर दिया जाएगा। ऐसा 3 महीने की अवधि के भीतर दुबारा फाइल किए जाने की स्थिति में ही किया जाएगा।

इसके अलावा, संयोजन विनियमनों में क्रमबद्ध और स्पष्टता लाने के लिए बदलाव किए गए हैं। संशोधन की प्रति आयोग की वेबसाइटः www.cci.gov.in पर उपलब्ध है।

 

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आर.के.मीणा/एएम/एमपी-10655

 


(रिलीज़ आईडी: 1549519) आगंतुक पटल : 68
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