राष्ट्रपति सचिवालय
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद की 8 अप्रैल 2018 को इक्वेटोरियल गिनी की यात्रा के मौके पर भारत और इक्वेटोरियल गिनी की ओर से जारी संयुक्त वक्तव्य
प्रविष्टि तिथि:
09 APR 2018 5:31PM by PIB Delhi
- इक्वेटारियल गिनी के राष्ट्रपति महामहिम टेओदोर ओबियांग न्युएमा मबासोगो के निमंत्रण पर भारत के राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद ने 7 से 9 अप्रैल, 2018 के दौरान इक्वेटोरियल गिनी की सरकारी यात्रा की।
- किसी भारतीय राष्ट्रपति की इक्वेटोरियल गिनी की यह पहली यात्रा है। इस मौके पर राष्ट्रपति की पत्नी श्रीमती सविता कोविंद, केन्द्रीय राज्य मंत्री मनसुख लाल मंडाविया तथा सांसदों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी उनके साथ है।
- गिनी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम टेओदोर ओबियांग न्युएमा मबासोगो ने मालाबो हवाईअड्डे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगवानी की। हवाई अड्डे के साथ ही मलाबो में राष्ट्रपति भवन में भी उनका रस्मी स्वागत किया गया।
- राष्ट्रपति कोविंद ने 8 अप्रैल, 2018 को राष्ट्रपति ओबियांग के साथ द्वीपक्षीय स्तर की वार्ता की। इसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों के बीच भी बैठक हुयी। राष्ट्रपति ओबियांग ने राष्ट्रपति कोविंद के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन किया।
- राष्ट्रपति कोविंद ने इक्वेटोरियल गिनी की संसद को संबोधित किया और साथ ही प्रवासी भारतीय समुदाय की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में हिस्सा लिया।
- दोनों पक्षों के बीच वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में हुयी। राष्ट्रपति कोविंद ने 2018-19 की अवधि के वास्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की अस्थायी सदस्यस्ता के लिए पहली बार गिनी को चुने जाने पर राष्ट्रपति ओबियांग को बधाई दी।
- दोनों पक्षों ने दीर्घकालिक मजबूत द्विक्षीय संबंधों के महत्व को स्वीकार करते हुए दोनों देशों के बीच आर्थिक,व्यापारिक,तकनीकी,शैक्षिक, कृषि तथा वैज्ञानिक और सांस्कृतिक सहयोग और प्रगाढ बनाने की अपनी इच्छा दोहरायी। गिनी सरकार ने क्षमता निर्माण के लिए भारत की ओर से दी गयी मदद की सरहाना की।
- दोनों नेता इस बात पर एकमत थे कि आतंकवाद मानवता के साथ ही वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है।उन्होंने समाज को आतंकवाद से मुक्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने आंतकवादियों, आतंकी संगठनों और उनके नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की जरुरत पर भी सहमति जताई। गिनी के राष्ट्रपति श्री ओबियांग ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के खिलाफ वृहत अंतर्राष्ट्रीय संधि के भारत के प्रस्ताव को समर्थन देने की बात कही।
- दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् को 21 वीं सदी की भूराजनीतिक आवश्यकताओं का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम बनाने के लिए उसमें तत्काल आवश्यक सुधारों का आह्वान किया ।
- दोंनो देश जलवायु परिवर्तन सहित मानवता के लिए चुनौती बनी समस्याओं के निराकरण तथा वैश्विक शांति, सुरक्षा और सतत विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र सहित सभी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए।
- दोनों नेताओं ने द्वीपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए द्विपक्षीय नियमित बैठके आयोजित करने पर सहमति जताई।
- दोनों राष्ट्रपतियों ने यह स्वीकार किया कि भारत और इक्वेटोरियल गिनी के बीच व्यापार की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कृषि,खनन तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गिनी में भारतीयों का योगदान बढाए जाने पर जोर दिया।
- दोंनो नेताओं ने स्वास्थ्य, औषधीय पौधों, पारपंरिक चिकित्सा प्रणाली, भूगर्भ विज्ञान तथा खनिज संसाधनों तथा सूचना और संचार के क्षेत्र में सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया।
- गिनी के राष्ट्रपति ने भारत द्वारा गिनी में एक ‘इंगलिश ट्रेनिंग लैबोरेटरी’ तथा एक ‘ उद्यमिता विकास एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र’ खोले जाने की राष्ट्रपति श्री कोविंद की घोषणा का स्वागत किया।
- दोनों पक्षों ने अक्तूबर 2017 में नयी दिल्ली में आयोजित पहली द्विपक्षीय बैठक के आधार पर परस्पर संबंधों को मजबूत बनाने के प्रयासों पर संतोष जताया।
- दोनों नेताओं ने अप्रैल/मई में भारत की ओर से कृषि, खनन और टेलीकॉम क्षेत्र में अपना प्रतिनिधिमंडल गिनी भेजे जाने का स्वागत किया और उम्मीद जतायी कि इससे गिनी की अर्थव्यवस्था लाभान्वित होगी।
- दोनों पक्ष, इस बात पर सहमत हुए कि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से मंत्रिस्तरीय वार्ताएं आयोजित की जानी चाहिए।
- राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने गर्मजोशी से उनका स्वागत करने के लिए राष्ट्रपति ओबियांग को धन्यवाद दिया और उन्हें भारत आने का न्यौता दिया।
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वीके/एएम/एमएस/सीएस–8091
(रिलीज़ आईडी: 1528361)
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