Prime Minister's Office

Text of PMs speech at Chartered Accountants’ Day at IGI Stadium, Delhi ,July1,2017 

Posted On: 01 JUL 2017 12:51PM by PIB Delhi

नमस्ते!

श्रीमान निलेश विक्रमसे, अध्यक्ष Institute of Chartered Accountant of India (ICAI) के सभी पदाधिकारी, वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली जी, केन्द्र सरकार में मंत्री परिषद के मेरे सभी साथी बंधु यहां और देश भर में करीब करीब 200 स्थान पर उपस्थित Chartered Accountant Field के सभी महानुभाव , राज्यों में उपस्थित सभी आदरणीय मुख्यमंत्री, आप सबको दिल्ली में बारिश के बीच भी ये उमंग और उत्साह के साथ आप सबको मेरी तरफ से नमस्कार।

आज के शुभ अवसर पर जिनका Felicitation किया गया है। आज इस सभागृह और देश में अलग अलग स्थान पर इतनी बड़ी तादाद में आप लोग उपस्थित हैं उद्योग और व्यापार से जुड़े हुए महानुभाव, टीवी और रेडियो पर देखने और सुनने वाले सभी देशवासी, नौजवान दोस्तों, भाइयों और बहनों।

आज Institute of Charted Accountant of India (ICAI) का स्थापना दिवस है। मेरी तरफ से आप सबको बहुत–बहुत शुभकामनाएं। और ये शुभ संयोग है कि  आज से ही आपका स्थापना दिवस और भारत के अर्थ जगत में एक नई राह का आरंभ दिवस। आज से ही भारत में जीएसटी यानी के Good and Simple Tax की शुरुआत भी हुई है।

मेरे लिये ये खुशी का विषय है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं आप लोगों के बीच उपस्थित हूं। ये मेरे लिये सौभाग्य है। नौजवानों, Chartered Accountant Field के साथ अनेक वर्षों से जुड़े हुए सभी महानुभाव, आपको देश की संसद ने एक पवित्र अधिकार दिया है। बही खातों में सही को सही और गलत को गलत कहने का Certify करने का ,Audit करने का, ये अधिकार सिर्फ और सिर्फ आपके पास है। जैसे डॉक्टर समाज के और व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य की चिंता करते हैं वैसे ही आप पर समाज के आर्थिक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी होती है। और कोई डॉक्टर नहीं होगा ऐसा जो लोगों को ये कहे कि आप फलाना खाओ, ढीकना खाओ... ऐसा करो,  वैसा करो क्योंकि आप बीमार हो जाओ और मेरी आमदनी बढ़ जाए। डॉक्टर को पता है कि कोई बीमार होगा तो मेरी रोजी रोटी कमाई बढ़ेगी लेकिन फिर भी डॉक्टर कहता है कि आपको स्वस्थ रहने के लिये ये करना होगा। मेरे साथियों, समाज की आर्थिक व्यवस्थाएं स्वस्थ रहें उनमें गलत चीजों का प्रवेश न हो, ये आप देखते हैं। आप देश के अर्थतंत्र के बड़े स्तंभ हैं और इसलिये आप सबके बीच आना मेरे लिये स्वयं के लिये भी और एक शिक्षा और दीक्षा का भी बड़ा अवसर है। दुनिया भर में भारत के Chartered  Accountants को उनकी समझ और बेहतरीन Financial Skills के लिये जाना जाता है। आज मुझे अवसर मिला एक नये Chartered Accountancy Course Curriculum  की शुरुआत  करने का। आपके Dynamic Course और Exam की Credibility की पहचान यही है। मुझे उम्मीद है कि नया Course इस Profession में आने वाले नए लोगों की Financial Skills को और मजबूत करेगा। और हमें अब हमारे Institutions और Human Recourse Development में जो Global Bench Mark है Global Requirement हैं उसके अनुरूप हमारे Human Resource develop करने की दिशा में हमें लगातार Dynamic व्यवस्थाओं को विकसित करना होगा। हमारे Courses में Accountant Field की Technological चीजों को किस प्रकार से लाएं, हमारे कुछ Charted Neutral Firms, Technology  में क्या Innovation करें, Accountant Filed Innovation. नए- नए Software वो भी अपने आप में एक बहुत बड़ा मार्केट आपका इंतजार कर रहा है।

Friends हमारे शास्त्रों में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं।

हमारे शास्त्रों में चार पुरुषार्थ की चर्चा की गई है। धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष! आपने कभी सोचा है क्या जिस प्रकार से धर्म और मोक्ष की चर्चा करें तो ऋषि मुनि हमको दिखते हैं। उसी की बराबरी में अर्थजगत का कारोबार भी आपके हाथ में है। उसकी बराबरी में है। और इसलिये अगर आपको मैं अर्थजगत का ऋषिमुनि  कहूंगा तो गलत नहीं होगा। जितना महत्व उन ऋषिमुनियों का रहा है जो मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं। उतना ही महत्व मानव जीवन में अर्थव्यवस्था में आपके मार्गदर्शन का रहता है। अर्थ का सही आचरण क्या है कौन सा मार्ग सही है। ये दिशा दिखाने का दायित्व Chartered Accountant फील्ड के हर छोटे-मोटे व्यक्ति का है।

मेरे प्यारे साथियों जो प्यार मुझपे आप बरसा रहे हो, जिस प्रकार से आप मेरा हौसला बढ़ा रहे हो और ये आपका प्यार ही है, जो मुझे आज दिल खोलकर के कुछ बातें करने के लिये प्रेरित करता है। मेरी और आपकी देशभक्ति में कोई कमी नहीं है। जितना मैं देश आगे बढ़े चाहता हूं उतना आप भी ये देश आगे बढ़े ये चाहते हैं। लेकिन कुछ सच्चाइयां हैं। जो कभी – कभी सोचने के लिये मजबूर करती हैं। आप लोगों ने जो पुराने अनुभवी लोग हैं उनसे सुना होगा कि अगर किसी घर में आग लग जाए, उनकी सम्पत्ति पूरी जल जाए, कहते हैं वो परिवार स्वपुरुषार्थ से बहुत जल्द फिर से खड़ा हो जाता है। कष्ट होता है कभी कभी लेकिन वो फिर बैठकर के अपना कारोबार शुरू कर लेता है। समय रहते संकट से बाहर आ जाता है। लेकिन हमारे बुजुर्ग लोग कहते हैं आग लगने के बाद घर को खड़ा करना है तो परिवार कर देता है, लेकिन परिवार का एक सदस्य अगर चोरी करने की आदत रखता है, तो वो परिवार कभी खड़ा नहीं हो सकता है। भाइयों बहनों पूरा परिवार चोरी नहीं करता है। परिवार का एकाध सदस्य परिवार के नियमों को बीच बीच में से तोड़कर निकाल देता है परिवार समाप्त हो जाता है।

बही को सही करने वाले मेरे साथियों इसी तरह कोई भी देश बड़े से बड़े संकटों से खुद को उबार सकता है। बाढ़ हो, भूकम्प हो, कोई भी संकट हो देश की जनता जनार्दन में सामर्थ होता है, शासन व्यवस्था, जनता मिलकर के संकट से बाहर निकल आते हैं, लेकिन उस देश में कुछ लोगों को चोरी करने की आदत लग जाए, तो जैसे परिवार उठ खड़ा नहीं हो पाता है, वो देश वो समाज भी उठ खड़ा नहीं हो पाता है। सारे सपने टूट जाते हैं विकास रुक जाता है। कुछ ही लोग होते हैं जो इस प्रगति को रोकने का काम करते रहते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार ने पिछले तीन वर्षों में कई कड़े कदम उठाए हैं। नए कानून बनाए गए, पुराने कानूनों को और सख्त किया गया है। कितने ही देशों के साथ समझौते किये हैं। पुराने जो समझौते थे उनमें बदलाव किया गया है। विदेश में काले धन के कार्रवाई के खिलाफ क्या असर हो रहा है इसकी गवाही Swiss  बैंकों के ताजा आंकड़ों से मिल रही है।

Swiss Bank ने बताया है कि भारतीयों द्वारा जमा राशि अब तक के रिकॉर्ड में सबसे नीचे स्तर पर पहुंच गई है। तीस साल पहले 1987 में Swiss बैंकों ने बताना शुरू किया था कि किस देश के लोग कितना पैसा वहां जमा करा रहे हैं। पिछले साल की जो रिपोर्ट अब आई है उसके मुताबिक भारतीयों का जो पैसा वहां जमा है, उसमें नया नहीं पुराना, उसमें 45% कमी आई है। 2014 से जिस दिन मुझे आपने काम दिया, उस दिन से ,2014 से ही गिरावट का जो दौर शुरू हुआ था। वो और तेज हो गया है और आपको जानकर के दुख भी होगा कि आश्चर्य भी होगा 2013 का Swiss बैंक का रिकॉर्ड कहता है 42% Increase था। 42 प्रतिशत वृद्धि थी। और भाइयों बहनों अब से दो वर्ष बाद जब स्वीट्जरलैंड से रियलटाइम डाटा मिलने लगेगा तब विदेश में कालाधन जमा करने वालों को और मुसीबत होने वाली है। आप के पैसे इस लायक नहीं होंगे मुझे विश्वास है, लेकिन आपके प्रति मेरा इतना प्यार है मैं बता देता हूं उनको कान में बता दीजिए।

साथियों मैं देश में एक तरफ मैं स्वच्छता अभियान को भी चला रहा हूं और दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था में सफाई अभियान भी चला रहा हूं। इस देश में 8 नवम्बर आपको सबसे ज्यादा याद है। Demonetization का फैसला भी कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम था। और मैंने सुना है... सच है गलत है आप जानें। ये मैंने सुना है कि 8 नवम्बर के बाद आप लोगों को बहुत काम करना पड़ा है। आप लोगों को इतना काम करना पड़ा है, इतना काम करना पड़ा है शायद पूरी करियर में करने की नौबत नहीं आई। मैंने ये भी सुना कि बहुत Chartered Account पंथ के लोग दीवाली की छुट्टियां मनाने गए थे। होटल बुक थे पैसे दे दिये थे। लेकिन सब कुछ कैंसिल करके वापस आ गए। कहते थे कि कुछ Chartered Accountant के Offices रात – रात भर चलते थे। अब मुझे मालूम नहीं है कि वापसी के बाद आपने क्या काम किया। सही किया गलत किया। देश के लिये किया कि क्लाइंट के लिये किया। लेकिन किया जरूर था।

साथियों कालेधन के खिलाफ इस सफाई अभियान के दौरान मैं पहली बार कुछ बातें आज आपके सामने शेयर कर रहा हूं। क्योंकि आप आप उस बात की ताकत बराबर समझते हैं। सरकार ने बैंकों में जो पैसे जमा हुए उसका डाटा माइनिंग के लिये एक बहुत बड़ी व्य़वस्था खड़ी की। लगातार डाटा माइनिंग चल रहा है। कहां से रुपया आए, कहां जमा हुए, कहां गए, कैसे गए, 8 नवम्बर के बाद क्या क्या हुआ, बहुत कुछ चल रहा है। ये जो डाटा माइनिंग चला है अभी हमने किसी को पकड़ के पूछताछ नहीं की है। सिर्फ आंकड़े का अध्ययन किया है। मेरे प्यारे साथियों मैंने पहले ही कहा आपकी देश भक्ति मेरी देश भक्ति से जरा भी कम नहीं है। लेकिन आप देखिए तीन लाख से ज्यादा मैं आज पहली बार ये सारी बातें बता रहा हूं। देश ये सुनकर के चौंक जाएगा। तीन लाख से ज्यादा कंपनियां रजिस्टर्ड कंपनियां ऐसी सामने दिखाई दी है जिनकी सारी लेनी देनी शक के घेरे में है। सवालों के घेरे में उन पर सवालिया निशान लगा है। और ये जितना माइनिंग हुआ है उसमें से काफी माइनिंग बाकि है।

ये तीन लाख से कहां बढ़ेगा मैं कह नहीं सकता। और जब उनकी जांच शुरू की तो कुछ चीजें गंभीर रूप में पाई गई है। एक आंकड़ा मैं बता रहा हूं शायद आपको इस सरकार की सोच क्या है राजनेताओं में दम क्या है, उसकी एक पहचान हो जाएगी। एक तरफ पूरी सरकार, पूरा मीडिया, व्यापारी जगत सबका ध्यान तीस तारीख रात को 12 बजे क्या होगा उस पर था। एक जुलाई क्या होगा उस पर था। 48 घंटे पहले एक लाख कंपनियों को कलम के एक झटके से हताहत कर दिया। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से इनका नाम हटा दिया है। ये मामूली निर्णय नहीं है दोस्तो राजनीति के हिसाब किताब करने वाले ऐसे फैसले नहीं ले सकते हैं| राष्ट्र हित के लिए जीने वाले ही ऐसे फैसले कर सकते हैं। एक लाख कंपनियों को कलम के एक झटके से खत्म करने की ताकत देश भक्ति की प्रेरणा से आ सकती है। जिन्होंने गरीब को लूटा है उन्हें गरीब को लौटाना ही पड़ेगा।

इसके अलावा सरकार ने 37000 से ज्यादा 38 हजार से ज्यादा शैल कंपनियों की पहचान already कर ली है। जो कालेधन को छुपाना, हवाला करना, न जाने क्या करना इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिये कदम उठाए जा रहे हैं। कानून तोड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ आने वाले दिनों में और कठोर कार्रवाई की जाएगी। और मैं जानता हूं कालेधन के खिलाफ एक कार्रवाई का फर्जी कंपनियों को खत्म करने का किसी भी राजनीतिक दल को कितना नुकसान हो सकता है मुझे पूरा पता है। लेकिन किसी न किसी ने तो देश के लिये लेना है यह निर्णय। 

Chartered Accountants  के Field के मेरे साथियों मैं आज आपके यहां आया हूं स्थापना दिवस पर आया हूं। मैं आपसे निवेदन करता हूं। बही को सही करने का जिसके हाथ में ताकत है। Demonetization के बाद कोई तो होगा न जिसने इन कंपनियों की मदद की होगी। ये चोर लुटेरे ये कंपनियां किसी न किसी आर्थिक डॉक्टर के पास जरूर गई होगी। मुझे पूरा पता है आप में से किसी के पास नहीं आई होगी। लेकिन कहीं तो गई होगी, जिनके पास गई क्या उन्हें उनको पहचानने की जरूरत पड़ेगी। और जिन्होंने ऐसे लोगों की उंगली पकड़ी हो जिन्होंने ऐसे लोगों को सहारा दिया हो, जिन्होंने ऐसे लोगों को रास्ता दिखाया हो, क्या आप में ऐसे लोगों को भीतर बैठे हुए लोगों को पहचानने की जरूरत है कि नहीं। उनको जरा किनारे करने की जरूरत लगती है कि नहीं लगती है। साथियों मुझे बताया गया है कि हमारे देश में दो लाख 72 हजार से ज्यादा Chartered  Accountants हैं। आपके साथ ‘articled assistants’ भी और उनकी संख्या भी करीब करीब दो लाख के बराबर है। और अगर हम सारे Chartered Accountants, ‘articled assistants’ असिस्टेंट आपके साफ सुथरे कर्मचारी इन सभी को जोड़ दें तो मेरा मोटा-मोटा अनुमान है कि ये संख्या आठ लाख से भी ज्यादा है। आपका परिवार इस फील्ड का परिवार 8 लाख से ज्यादा है। यानी के सिर्फ आपके प्रोफेशन में अब मैं आपके सामने कुछ और तथ्य रखता हूं क्योंकि आप आंकड़ों से बातें जल्दी समझ जाते हैं और समझा भी देते हैं।

अनुमान है कि हमारे देश में दो करोड़ से ज्यादा इंजीनियर और मैनेजमेंट के ग्रेजुएट्स हैं। 8 लाख से ज्यादा डॉक्टर हैं। यानी जिसे क्रीम प्रोफेशन माना जाता है बहुत सम्मान से देखा जाता है। ऐसे लोगों की संख्या हमारे देश में करोड़ों में है। अगर देश के तमाम शहरों में बने बड़े बड़े आलिशान घरों को भी जोड़ा जाए तो उनकी संख्या भी करोड़ों में है। इतना ही नहीं एक आंकड़ा ये भी है कि last year भारत से विदेश में घूमने फिरने वाले जाने की संख्या दो करोड़ 18 लाख लोग विदेश में सैर करने कगए थे। ये आंकड़े अब आपको ताज्जुब होगा कि इसके बाद भी क्या कारण है कि हमारे देश में सिर्फ सिर्फ सिर्फ 32 लाख लोग ही ये कहते हैं कि उनकी इनकम उनके टैक्स में दस लाख से ज्यादा बताई जाती है। आप में से कोई इसमें विश्वास करेगा क्या। करेगा क्या। बही को सही करने वाले मैं आप लोगों से पूछ रहा हूं। क्या इस देश में 32 लाख लोग हैं जो दस लाख से ज्यादा कमाई करते हैं।

मेरे प्यारे साथियों देश की कड़वी सच्चाई यही है। ये संख्या देश के सिर्फ 32 लाख लोग अपनी आमदनी दस लाख रुपये से ज्यादा बताते हैं। मैं समझता हूं ये अपने आप में ज्यादातर देश जो है सैलरी का जिनकी फिक्स आय है जिनकी तनख्वाह निकलता है, सरकारी से तनख्वाह निकलता है। इसके सिवाए देश में क्या स्थिति है। और इसलिये भाइयों बहनों मैं और आंकड़ों में जाना नहीं चाहता हूं। लेकिन इससे आपको पता चलेगा कि देश में करोड़ों गाड़ियां हर वर्ष खरीदी जाती हैं। और फिर भी देश के खजाने में अपनी जिम्मेवारियां न भरी जाएं इससे बड़ा चिंता का विषय होता है।

मैं और आंकड़ों की बजाय आगे अपनी बात आपसे कहना चाहता हूं। अगर हमारे CA भाई कोई भी व्यक्ति या क्लाइंट्स तभी टैक्स देता है, जब उसका आस पास का पूरा माहौल सकारात्मक हो, उसे ईमानदारी से टैक्स चुकाने के लिये प्रेरित करें। अगर वो ये देखेगा कि उसको सलाह देने वाला सच्चाई छुपाने के लिये कह रहा है, तो फिर गलत रास्ते पर चलने से वो कभी डरेगा नहीं। और इसलिये गलत सलाह देने वाले ऐसे लोगों को पहचानना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना भी बहुत आवश्यक है। और इसके लिये आप लोगों को भी कठोर कदम उठाने होंगे। सीए एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें Human Recourse Development (HR) का काम आप ही करते हैं Curriculumआप ही बनाते हैं, Exam आप ही Conduct करते हैं, Rules Regulationsभी आप ही बनाते हैं और गुनाहगार को सजा भी आप ही की Institution देती है। अब सवाल ये उठता है कि भारत के लोकतंत्र के मंदिर ने 125 करोड़ देशवासियों की संसद ने आपको इतने अधिकार दिये हैं फिर ऐसा क्या है कि पिछले 11 वर्ष में सिर्फ 25 Charted Accountants के खिलाफ कार्रवाई हुई है। क्या सिर्फ 25 लोगों ने ही गड़बड़ी की होगी। और मैंने सुना है कि आप के यहां 1400 से ज्यादा मामले कई वर्षों से लटके पड़े हुए हैं। एक एक केस का फैसला आने में सालों लग जाते हैं। इतने High Qualify Professionals  के लिये मेरे साथियों बताइए ये चिंता का विषय है कि नहीं है। भाइयों बहनों जब देश की स्वतंत्रता के लिये आन्दोलन चल रहा था। आजादी का आंदोलन देश के अनेक नौजवानों ने फांसी के तख्त को अपने गले लगा लिया था। देश के कई महापुरुषों ने अपनी जवानी जेलों में खपा दी थी। देश की आजादी के लिये और उस समय देश के कई Professionals थे जो आगे बढ़ कर के इस आजादी के आंदोलन में आगे आए। उसकी कमान संभाली वो सारे Professionals देखे। उसमें ज्यादातर जो वकील थे। वकालत करते थे बैरिस्टर थे वो बहुत बड़ी मात्रा में आजादी के आंदोलन का नेतृत्व करते थे। वो कानून जानते थे। कानून के खिलाफ कानून के रहते कानून के खिलाफ लड़ना उसकी क्या सजा होगी उनको पूरा पता था। उसके बावजूद भी उस जमाने की पूरे वकील जिनकी वकालत अच्छी खासी चलती थी अपनी वकालत छोड़कर के इस देश के लिये आगे आए। सिर्फ महात्मा गांधी, सरदार पटेल, डॉक्टर अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू ही नहीं, बल्कि डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, पंडित मदन मोहन मालवीय, बाल गंगाधर तिलक, मोतीलाल नेहरू, सी राजगोपालाचारी, महेशचंद्र चौधरी, देशबंधु चितरंजन दास, सैफुद्दीन किचलू, भूलाभाई देसाई, लालालाजपत राय, तेज बहादुर सप्रू, आसफ अली, गोविंद वल्लभ पंत, कैलाश नाथकाटजू, कितने ही नाम हैं जिन्होंने देश के लिए अपनी जिंदगी खपा दी। । जो वकालत के Profession में थे। देश भक्ति से प्रेरित होकर देश की आजादी अपनी जवानी खपा रहे थे। इनमें से कई लीडर थे जिन्होंने देश के संविधान के निर्माण में भी बहुत ही निर्णायक भूमिका निभाई थी। और भाइयों बहनों हम नहीं भूल सकते कि इन महापुरुषों के बिना देश का इतिहास अधूरा है।

साथियों आज हमारा देश आज हमारा देश इतिहास के एक और अहम पड़ाव पर है। 1947 में स्वतंत्रता के बाद देश की राजनीतिक एकीकरण के बाद अब आज देश आर्थिकीकरण के दौर से एक नई यात्रा को प्रारंभ कर रहा है। 2017 का ये वर्ष जब वन मिशन, वन टैक्स, वन मार्केट का सपना साकार हुआ है। इस ऐतिहासिक अवसर पर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका Chartered  Accountants की है। आप मेरी भावना को समझिये दोस्तों आजादी के आंदोलन में वकील जगत के लोगों ने वकालत करने वाले लोगों ने हिन्दुस्तान की स्वतंत्रता उनके अधिकार के लिये अपनी जान की बाजी लगा दी थी। आज उस जमाने की तरह आपको जान की बाजी लगाने को नहीं बोल रहा हूं। आपको जेल के शिकंजे के पीछे जाने की आवश्यकता नहीं है। ये देश आपका है इस देश का आने वाला भविष्य आपके संतानों का भी है। और इसलिये इस नये दौर का नेतृत्व जैसे आजादी का नेतृत्व उन वकीलों ने किया था| आज आर्थिक विकास का नेतृत्व मेरी Chartered Accountant फौज ने करना होगा। और आप देखिये आप से बढ़कर आर्थिक क्षेत्र की ऊंचाई को पाने का रास्ता और कोई मजबूत नहीं बना सकता। कालेधन को खत्म करने के लिये भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये अपने क्लाइंट्स को मैं फिर कहता हूं अपने क्लाइंट्स को ईमानदारी के रस्ते पर ले चलने के लिये आपको आगे बढ़कर के कमान संभालनी होगी।

साथियों Charted Accountants देश के Economy System के भरोसेमंद एम्बेस्डर होते हैं। आप सरकार और टैक्स देने वाले नागरिकों और कंपनियों के बीच Interface का काम करते हैं। आपका Signature  देश के प्रधानमंत्री की वो ताकत नहीं है जो ताकत एक Chartered Accountant के Signature में होती है। आपका Signature सत्यता की भरोसे की गवाही देता है। कंपनी बड़ी हो या छोटी आप जिस Account पर Signature कर देते हैं उस पर सरकार भी भरोसा करती है और देश के लोग भी भरोसा करते हैं। और कभी आपने सोचा है कि जिसकी बैलेंस शीट के साथ आपकी सही जुड़ गई है, इस अकाउंट को उसकी कंपनी के कारोबार को बैलेंस शीट को देख कर के फाइल वहां अटकती नहीं है दोस्तों। उस Signature के बाद एक नई जिंदगी की शुरुआत होती है दोस्तों। मैं आज उस नई जिंदगी की आपको दर्शन कराने आया हूं। आपने उस कंपनी के बही पर Signature कर दिया बैलेंस शीट पर सिग्नेचर कर दिया सरकारी अफसरों ने उसको मान लिया। कंपनी फूली फली, आगे बढ़ रही है आप भी फूले फले आगे बढ़ रहे हैं। बात यहां अटकती नहीं है दोस्तों। जब आप उस कंपनी की बही पर सही करते हैं और जब उस कंपनी का ब्यौरा लोगों के सामने आता है। तब कोई बुजुर्ग म्युचअल फंड में अपनी पैंशन का पैसा लगा देता है। कोई गरीब विधवा महिला अपनी महीने भर की बचत को शेयर मार्केट में लगा देती है। जब किसी कंपनी की सही रिपोर्ट नहीं दी जाती, तथ्यों को छुपाया जाता है और बाद में जब भेद खुलता है, वास्तव में कंपनी नहीं डूबती मेरे प्यारे दोस्तों गरीब विधवा की जिंदगी डूब जाती है। उस बुजुर्ग की जिंदगी तबाह हो जाती है। उसने तो अपनी जिंदगी भर की कमाई सिर्फ आपके एक साइन पर भरोसा करके निवेश किया था। इसलिये मेरी आपसे अपील है। आप सभी से मेरा आग्रह है हिन्दुस्तान के सवा सौ करोड़ देशवासियों का आपके उस Signature पर भरोसा है। उस भरोसे को कभी टूटने मत दीजिये। उसको खरोंच भी मत आने दीजिए। अगर आप अपने मन मंदिर में ये महसूस करते हैं ये भरोसा टूटा है तो इसे फिर से बनाने के लिये आगे आइये पहल कीजिए 2017 जुलाई की पहली तारीख की आपकी स्थापना दिवस आपके लिये नया अवसर लेकर आई है मैं आपको निमंत्रण देता हूं। ईमानदारी के उत्सव में शरीक होने के लिये मैं आपको निमंत्रण देने आया हूं। अपने काम के महत्व को समझिये फिर उसी हिसाब से रास्ते तय करके देखिए। समाज आपको कितने गर्व से देखेगा। आपको खुद इसकी अनुभूति होगी।

साथियों टैक्स “रिटर्न” शब्द की अलग अलग परिभाषा है। लेकिन मुझे जो लगता है देश को जो टैक्स मिलता है वो देश के विकास के काम में आता है या नहीं। ये टैक्स रिटर्न है। ये महंगाई को रोकने में अहम भूमिका निभाता है। इससे किसी ऐसी महिला को जिन्हें गैस कनेक्शन मिलता है। जिसने पूरी जिंदगी लकड़ी पर ही खाना बनाया है। इन पैसों से किसी ऐसे बुजुर्ग को पैंशन मिलती है। जिसके बच्चों ने उसका खर्च उठाने से इंकार कर दिया है। इन्हीं पैसों से नौजवान को स्वरोजगार मिलती है। जो दिन भर इसलिये मजदूरी करता है। ताकि इवनिंग-रात में जा सके और अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। इन्हीं पैसों से किसी गरीब बीमार को सस्ती दवा मिलती है जिसके पास इलाज के लिये पैसे नहीं है। वो बीमार होने पर छुट्टी नहीं ले सकता। वो बीमारी में भी दिनभर काम करता रहता है। ताकि शाम को उसके बच्चों को भूखा सोना न पड़े।

टैक्स से मिला पैसा देश के बहादुर सैनिकों के काम आता है। जो सीमा पर अपनी जान की परवाह न करते हुए हम सब की रक्षा करते हैं। ये पैसे उन घरों में बिजली पहुंचाने के लिये काम आते हैं जहां स्वतंत्रता के 70 साल के बाद भी बिजली नहीं पहुंची उनके घरों में आज तक एक बल्ब भी नहीं जला है। वो अंधेरे में डूबे हुए हैं। देश के गरीबों को उनके अधिकार दिलाने में मदद करना इससे बड़ी सेवा क्या हो सकती है। आपका एक Signature देश के गरीबों की कितनी मदद कर सकता है। इसकी शायद कभी आपने भी कल्पना नहीं की होगी। देश के सामान्य मानवी का सपना पूरा करने में आपका बहुत बड़ा दायित्व है आप बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं। जब आप लोग ठान लेंगे और मुझे विश्वास है एक जुलाई 2017 ICAI जीवन यात्रा का एक टर्निंग प्वांइट बन कर रहेगा ये मेरी आत्मा की आवाज है।

और मेरे साथियों एक बार आप ठान लेंगे मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि टैक्स चोरी करने की हिम्मत कोई नहीं कर पायेगा। इंसान अपराध तभी करता है जब उसे पता होता है कि कोई उसे बचाने वाला है। साथियों जीएसटी आपके सामने राष्ट्र निर्माण में सहयोग का एक माध्यम बनकर आया है। आप लोगों को, आप लोगों तक पहुँचिये लोगों से बात करिये, और मुझे जब मैं आ रहा था तो नीलेश मुझे बता रहे थे कि ताकि व्यापारियों को सहायता हो , उनकी हम समझने में मदद करने वाले हैं। मैं उनको बधाई देता हूं मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। आप लोगों के पास पहुँचिये उनको जागरूक करिए। ईमानदारी की मुख्य धारा में आने के लिये प्रेरित करिए। इसी तरह Chartered  Accountant Field के लोगों के लिये एक नई Opportunity सरकार ने दी है। अभी से इसकी तैयारी कीजिये खास करके मैं इस प्रोफेशन के नौजवानों को आमंत्रित करता हूं।

आइए, सरकार ने पिछले दिनों जो कानून पास किये हैं इनसोलवेंसी और bankruptcy कोड इसको सफल बनाने में सही तरीके से लागू करने में भी Chartered Accountant Field के लोगों की  बहुत बड़ी भूमिका है। इस कोड के तहत जब भी कोई कंपनी दीवालिया होगी। इसका निंयत्रण इंसोलवेंसी प्रैक्टीशनर के पास आने वाला है। Chartered Accountant इंसोलवेंसी प्रैक्टीशनर बनकर एक इस नये क्षेत्र में अपने कैरियर की शुरुआत कर सकता है। ये एक नया रास्ता है जो सरकार ने आपके लिये खोला है। लेकिन आज के बाद आज जो भी रास्ता चुनें उसमें सीए का मतलब होना चाहिए चार्टर और एक्युरिसी।

साथियों 2022 में हमारा देश अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरा करेगा। इस वर्ष के लिये देश ने कुछ संकल्प किये हैं। नया भारत हम सबके परिश्रम की प्रतीक्षा  कर रहा है। आप भी एक इंस्टिट्यूट के नाते भी और एक Chartered Accountant व्यक्ति के नाते भी और देश के नागरिक के नाते भी। 2022 जब भारत की आजादी के 75 साल हों। हम इस देश को कैसा देखना चाहते हैं। ऐसा बनाने में हम अपना योगदान दें। अपनी भूमिका निभाएं और 2022 जब आजादी के 75 साल पूरे होंगे उसके ठीक दो साल के बाद Institute of Chartered Accountant of India को भी 75 वर्ष हो जाएंगे। आप अभी से 75 वर्ष का कार्यक्रम अभी से बनाईए। और इस इंस्टिट्यूशन को उसके कैरेक्टर को किस ऊंचाई पर ले जाना है उस ऐतिहासिक अवसर की प्रतीक्षा करते हुए अभी से अपना रोड मैप बनाइए। और तय कीजिए आप देश को क्या देंगे। देश में आशा आकांक्षा लेकर के बैठे हुए कोटी कोटी नौजवानों के भविष्य के लिये क्या करेंगे। क्या आप देश को एक पारदर्शी और भ्रष्टाचार रहित व्यवस्था देने में मदद नहीं कर सकते क्या। क्या आप ये कहेंगे क्या हिसाब किताब ये लगाएंगे कि आपने इतने लोगों को टैक्स देने से बचाया क्या ये हिसाब किताब होगा। कि मैंने अब इतने लोगों को टैक्स देकर के ईमानदारी की जिन्दगी जीने के लिये प्रेरित किया फैसला आपको करना है। आपके लिये आप अपने लिये कुछ लक्ष्य तय करिए कि कितने लोगों को ईमानदारी से टैक्स चुकाने की मुख्य धारा में लाएंगे। इस लक्ष्य का आंकड़ा क्या होगा ये आपसे बेहतर कौन बताएगा। इस बारे में सोचिए कि कैसे आप अपने प्रोफेशन में टैक्नोलोजी का इस्तेमाल बढ़ाएंगे। Institute of Chartered Accountant की Filed में फॉरेंसिक साइंस का कितना बड़ा रोल हो सकता है। उसको कैसे केयर किया जाए उसको कैसे केटर किया जाए इनसे जुड़े भी लक्ष्य संभव हो। ये तय करना चाहिए।

साथियों एक और मेरे मन में अपेक्षा है आपसे और ये अपेक्षा इसलिये है कि मुझे पूरा विश्वास है कि ये ताकत आप में है। आप में वो सामर्थ है। क्यों आप पीछे हैं मुझे समझ नहीं आता है भई। साथियों दुनिया में चार बड़ी ऐसी संस्थाएं हैं जो बेहद प्रतिष्ठित हैं। और बड़ी बड़ी कंपनियां और संस्थाएं अपनी ऑडिट का काम देती है। इन कंपनियों को बिग फोर कहा जाता है। इन बिग फोर में हम कहीं नहीं हैं। आप में क्षमता भी है योग्यता की कोई कमी नहीं है। क्या मेरे सारे साथी विश्व के अंदर हिन्दुस्तान को अपना नाम रौशन करना है तो क्या आप उसका लक्ष्य तय कर सकते हैं कि 2022 जब आजादी के 75 साल देश मनाता होगा। बिग फोर को बिग एक में बदल देंगे। और जो बिग एक होंगे उसमें बिग चार बिग चार यही मेरे सामने जो लोग हैं उन्हीं में से होंगे। दोस्तों ये सपना हमलोगों का हो रहा है। बिग एक में शामिल होने के लिये चार ऐसी हमारी कंपनियां उनकी प्रतिष्ठा उनकी प्रोफेशनलिजम मुश्किल काम नहीं है। विश्व के अंदर Chartered Accountant की दुनिया में भी आपका डंका बजना चाहिए मेरे साथियों। आखिर में मैं आपको आपके क्षेत्र के सबसे पुराने और सबसे सम्मानित अर्थशास्त्री चाणक्य की एक सलाह याद दिलाना चाहता हूं। चाणक्य कने कहा है कालाति क्रमात् काल एव फलम पिबति... यानी कर्तव्य का समय टल जाने के बाद समय ही उसकी सफलता को खत्म कर देता है। और इसलिये समय को इस अवसर को हाथ से मत निकलने दीजिए। अभी कुछ देर पहले अरुण जी आपसे बात कर रहे थे वो कुछ कह रहे थे। हिन्दुस्तान के जीवन में विश्व के अंदर ऐसा मौका पहले कभी नहीं आया। आपके जीवन में भी ऐसा अवसर पहले कभी नहीं आया। ये मौका हाथ से मत जाने दीजिए दोस्तों। मैं आपको राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा से जुड़ने के लिये निमंत्रित करने आया हूं। आप मत भूलिये ये एक ऐसा प्रोफेशन है जिस प्रोफेशन में समाज की पूरी अर्थव्यवस्था को बचाए रखना टिकाए रखने का सामर्थ है। मैं एक बार फिर इंस्टिट्यूट को उसकी फैकल्टी को और यहां उपस्थित सभी Chartered Accountant को ICAI के स्थापना दिवस पर बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं। और देश भर में इस कार्यक्रम को वीडियो के माध्यम से देश के कोने कोने में दुनिया के भी कुछ देशों में हमारे Chartered Accountant जो देख रहे हैं उनका भी मैं बहुत बहुत धन्यवाद करता हूं। आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद करते हुए 1 जुलाई 2017 नई दिशा नई गति नया उमंग आओ हम चल पड़ें और देश के सामान्य मानवी को ईमानदारी के उत्सव में जोड़ें इसी एक कामना के साथ मैं आपका बहुत बहुत आभारी हूं। बहुत बहुत धन्यवाद दोस्तों बहुत बहुत धन्यवाद।                 

                                                

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अतुल कुमार तिवारी/हिमांशु/शौकत अली



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