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अंडमान और निकोबार कमान में पहले बिम्सटेक समुद्री सुरक्षा अभ्यास का सफलतापूर्वक समापन

प्रविष्टि तिथि: 06 NOV 2026 6:13PM by PIB Delhi

पहला बिम्सटेक समुद्री सुरक्षा अभ्यास 3 नवंबर, 2026 को श्री विजय पुरम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अभ्यास 30 अक्टूबर से 3 नवंबर, 2026 तक अंडमान और निकोबार कमान (एएनसी) की देखरेख में आयोजित किया गया। अंडमान और निकोबार कमान भारत की एकमात्र परिचालन त्रि-सैन्य कमान है, जिसका नेतृत्व कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल विनीत मैकार्थी कर रहे हैं। अभ्यास के दौरान विभिन्न गतिविधियों के साथ कई समन्वित समुद्री अभ्यास भी किए गए।

इस अभ्यास में बिम्सटेक सदस्य देशों के नौसैनिक जहाजों ने भाग लिया। इनमें भारतीय नौसेना के पोत आईएनएस तारागिरी, आईएनएस कर्मुक और आईएनएस सरयू, म्यांमार नौसेना का पोत यूएमएस किंग आंग ज़ेया तथा श्रीलंकाई नौसेना का पोत एसएलएनएस गजाबाहु शामिल थे। यह आयोजन क्षेत्रीय समुद्री सहयोग और सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ।

इस अभ्यास में कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और विशिष्ट प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें बिम्सटेक के महासचिव श्री इंद्र मणि पांडे, राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता (सेवानिवृत्त), म्यांमार नौसेना की केंद्रीय नौसैनिक कमान के कमांडर रियर एडमिरल क्याव क्याव हतू, श्रीलंका के बंदरगाह एवं नागर विमानन मंत्रालय में निगरानी और मूल्यांकन निदेशक एयर वाइस मार्शल एमडीआर प्रसाद (सेवानिवृत्त) तथा बांग्लादेश के पोत बीएनएस प्रोटोय के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन मोहम्मद मंजूरुल इस्लाम शामिल थे। इनकी भागीदारी क्षेत्रीय समुद्री सहयोग और सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सदस्य देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

यह अभ्यास ‘दिल्ली घोषणा’ की भावना के अनुरूप और नवंबर 2025 में समुद्री सुरक्षा सहयोग पर आयोजित चौथी बिम्सटेक विशेषज्ञ समूह बैठक के निष्कर्षों को आगे लेकर आया है। यह सदस्य देशों की नौसेनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। अभ्यास के माध्यम से भाग लेने वाली नौसेनाओं को आपसी तालमेल बेहतर बनाने, पेशेवर संबंध मजबूत करने और समुद्री सहयोग के जरिए एक-दूसरे के बीच समझ बढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ।

श्री विजय पुरम में आयोजित बंदरगाह चरण के दौरान उच्चस्तरीय बैठकें, पेशेवर संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किए गए। इससे भाग लेने वाले प्रतिनिधिमंडलों को आपसी संस्थागत संबंधों को सुदृढ़ करने और मित्रता के बंधन को प्रगाढ़ बनाने का अवसर मिला। इसके बाद, 2 से 3 नवंबर, 2026 तक श्री विजय पुरम के निकट समुद्री चरण आयोजित किया गया। इसमें समन्वित समुद्री तैनाती और संयुक्त परिचालन कार्यक्रम शामिल रहे। ये सभी गतिविधियां सुरक्षित और स्थिर समुद्री वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति बिम्सटेक सदस्य देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

इस अभ्यास ने परिचालन सहयोग के अलावा, इसमें शामिल कर्मियों के बीच आपसी सौहार्द व मित्रता को और प्रगाढ़ किया। साथ ही, बंगाल की खाड़ी को समृद्ध, सुरक्षित और सभी के लिए खुला बनाए रखने के साझा दृष्टिकोण को भी बल मिला। इस अभ्यास ने समुद्री चुनौतियों से निपटने और साझा समुद्री हितों की रक्षा के लिए निरंतर सहयोग करने के प्रति बिम्सटेक सदस्य देशों के सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित किया।

पहले बिम्सटेक समुद्री सुरक्षा अभ्यास का सफल समापन सदस्य देशों के बीच समुद्री सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी करके अंडमान और निकोबार कमान ने क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने तथा बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को एक बार फिर रेखांकित किया है। यह अभ्यास बिम्सटेक ढांचे के तहत भविष्य में होने वाली संयुक्त पहलों के लिए भी सशक्त आधार तैयार करता है।

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पीके/केसी/आरटी/एनके


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